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    बैतूल।डॉ लश्करे कर रहा रेमडेसिविर की कालाबाजारी, एक इंजेक्शन के वसूल रहा 6 हजार रुपए !आपदा में अवसर बना रहे निजी चिकित्सालय के डॉ ऐसे में कौन बोलेगा इन्हें भगवान ?

    बैतूल। जिला मुख्यालय के सबसे पुराने निजी अस्पताल लश्करे चिकित्सालय में कोविड के धंधेबाजी का खुला नमूना सामने आया है, हालांकि बाकी भी इसमें पीछे नही है पर एक मरीज के परिजन की हिम्मत की वजह से डॉ मनीष लश्करे की दुकानदारी का प्रमाण सामने आ पाया है। गुड़गांव निवासी महिला 10 दिन लश्करे चिकित्सालय में भर्ती रही उसका बिल  2 लाख 38 हजार रुपए लिया गया। 

    वैसे भर्ती करने के पहले ही 60 हजार रुपए नगद जमा भी करवा लिए गए। इलाज के इस बिल का असली और स्पष्ट रूप से कालाबाजारी का खेल रेमडेसिविर इंजेक्शन में सामने आ रहा है। बिल के अनुसार उक्त मरीज को 4 इंजेक्शन लगना बता रहे और इन 4 इंजेक्शन का 24 हजार रुपए वसूल किया गया। मतलब यह कि एक इंजेक्शन के 6 हजार रुपए लिए गए। जबकि यह इंजेक्शन उक्त मरीज के लिए प्रशासन के माध्यम से आवंटित किए गए थे। कुल 7 नग इंजेक्शन दिए गए । 

    इन इंजेक्शन के लिए रेडक्रास की 10976 रुपए की रसीद भी कटवाई गई। इस तरह से एक इंजेक्शन की कीमत 1568 रुपए होती है। जबकि एक इंजेक्शन की कीमत 6 हजार रुपए वसूल की गई। यह प्रशासन की नाक के नीचे हो रही खुली कालाबाजारी है। बड़ा सवाल यह है कि जब उक्त मरीज के लिए 7 नग इंजेक्शन आवंटित किए थे उसमे चार लगने के बाद तीन इंजेक्शन का क्या हुआ, वह कितने में किस मरीज को बेचे गए? 

    अब देखना यह है कि कलेक्टर साहब का बनाया गया दल जिसे सुपरकॉप एसडीएम सी एल चनाप लीड कर रहे वह क्या कदम उठाते है? क्या वह अब इस अस्पताल के संचालक के गिरेबान पर हाथ डालने की हिम्मत जुटा पाते है? सब की नजर अब कलेक्टर साहब  पर है कि प्रशासन क्या कदम उठाता है।



    शशांक सोनकपुरिया

    Initiate News Agency(INA), बैतूल 

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