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    गया/बिहार। जल जीवन हरियाली से संबंधित सभी 11 अवयवों का समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी गया ने पदाधिकारियों को दिया दिशा निर्देश, उन्हीं योजनाओं को ले जिसे इस वर्ष पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके

    गया/बिहार। जिला पदाधिकारी, गया अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में जल जीवन हरियाली अभियान से संबंधित सभी 11 अवयवों का  विस्तार से समीक्षा करते हुए ज़िला पदाधिकारी द्वारा निदेश दिया गया कि उन्ही योजनाओ को लिया जाए, जिसे इस वर्ष में पूर्ण किया जा सके। जिस योजना को लें उसे पहले पूर्ण करें, उसके बाद ही नया योजना ले।

    जिला पदाधिकारी ने बैठक में उपस्थित मनरेगा के सभी परियोजना पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (मनरेगा, लघु सिंचाई, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल, ग्रामीण विकास विभाग) को निदेश दिया कि जल जीवन हरियाली के सभी 11 अव्यव सरकार की प्राथमिकता वाले योजनाओ में शामिल हैं। अतः इसे ससमय पूरी गुणवत्ता के साथ पूर्ण करना आवश्यक है। उन्होंने निदेश दिया सरकार की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए उन्ही योजनाओं को ले, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जा सके। सरकार द्वारा इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए, ताकि गया जैसे ज़िले में जल जीवन हरियाली योजनाओं से जल की समस्या दूर की जा सके। साथ ही पर्यावरण एवं जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके। 

    जिला पदाधिकारी द्वारा इस बैठक में मुख्य रूप से जल संरचनाओ से अतिक्रमण को हटाना, सार्वजनिक जल संरचना का जीर्णोद्धार, सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार, आहार/पईन/पोखर का निर्माण, सार्वजनिक चापाकल/कुआ के नज़दीक सोख्ता का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में जल संग्रह हेतु संरचना का निर्माण, जैविक खेती, नए जल स्रोत का सृजन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वृक्षारोपण, सरकारी भवनों पर सोलर पैनल का निर्माण सहित जल जीवन हरियाली अभियान के आवश्यक अवयवों पर विस्तर से चर्चा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों/अभियंताओं को निदेश दिए गए। 

    बैठक में बताया गया कि जल संरचनाओ से अतिक्रमण को हटाने के क्रम में 730 अतिक्रमण को हटाए गए हैं। जिला पदाधिकारी ने अपर समाहर्त्ता को निदेश दिया कि वे अतिक्रमण हटाने में सभी अंचलाधिकारी को तेजी लाने का निदेश दें। 

    बैठक में बताया गया कि मनरेगा द्वारा 158 योजना में कार्य प्रारंभ किया गया है तथा 143 योजना को पूर्ण किए गए है, जो 90% है। साथ कि 5 एकड़ से अधिक जल संरचना के जीर्णोद्धार से संबंधित योजना में 46 योजना पूर्ण किये गए हैं। आहार/पईन का जीर्णोद्धार के क्रम में बताया गया कि 1,738 योजनाओ का कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसमे 1,462 योजना पूर्ण हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा निदेश दिया गया कि जिस योजना पर कार्य प्रारंभ है, उस योजना को पूर्ण करने हेतु तेजी से कार्य करावें। लघु सिंचाई द्वारा आहार पईन के जीर्णोद्धार के क्रम में बताया गया कि 62 में से 46 योजना पूर्ण कर लिए गए है, जिसमे 40 तालाब एवं 22 आहार शामिल हैं। सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार अंतर्गत लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा 246 योजनाओं में कार्य प्रारंभ किया गया है तथा पंचायत राज विभाग द्वारा 905 में कार्य प्रारंभ कराया गया है। नगर निगम द्वारा बताया गया कि शहरी क्षेत्र में 62 कुओं के जीर्णोद्धार हेतु निविदा हो गया है, शीघ्र कार्यादेश देने का निदेश दिया गया। 

    सार्वजनिक चापाकल के किनारे सोख्ता निर्माण के अंतर्गत 3,437 में से 3,378 में सोख्ता निर्माण का कार्य पूर्ण कराया गया है, जो 90% है। इसी प्रकार सार्वजनिक कुओ के नज़दीक ग्रामीण क्षेत्र में 421 सोख्ता का निर्माण कराया गया है। 

    जिला पदाधिकारी ने निदेश दिया कि पोखर जीर्णोद्धार कार्य मे वर्षा के पूर्व तेजी लाते हुए इस साल सभी योजनाओ को पूर्ण करें। आहार/पईन जीर्णोद्धार कार्य का पुनः आकलन कर वैसे योजना पर कार्य प्रारंभ करावें, जिसे शीघ्र पूर्ण किया जा सके। 

    पहाड़ी क्षेत्रों में जल संग्रह हेतु चेक डैम का निर्माण के क्रम में बताया गया कि 197 चेक डैम का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। साथ ही वन विभाग द्वारा 51 एवं कृषि विभाग द्वारा 161 चेक डैम का निर्माण कराया गया है। 

    जिला पदाधिकारी ने ज़िला पंचायत राज पदाधिकारी को निदेश दिया कि पंचायतों में ट्रेंच निर्माण की योजनाओ पर कार्य करावें।नए जल स्रोत के सृजन की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि मत्स्य विभाग द्वारा 57 योजना में से 57 योजना पूर्ण किया गया है। 

    भवनों के छत पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि 162 योजना पूर्ण किया गया है। जिला पदाधिकारी द्वारा निदेश दिया गया कि 3,000 वर्ग फ़ीट में बने सरकारी भवनों यथा पंचायत सरकार भवन, नया प्रखंड भवन, अनुमंडल कार्यालय, आईटीआई, इंजीनियरिंग कॉलेज, सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, विद्यालय के छतों सहित अन्य सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करावें। 

    बैठक में बताया गया कि वन विभाग द्वारा लगभग 35 लाख वृक्ष लगाए गए हैं। इस वर्ष मनरेगा द्वारा 11 लाख वृक्षारोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला पदाधिकारी द्वारा निदेश दिया गया कि आहार/पईन/पोखर के किनारे, चेक डैम/नहर/सड़को के किनारे, बड़े विद्यालय, जहां बाउंडरी वॉल है, वहां प्राथमिकता स्तर पर वृक्षारोपण करावें। उन्होंने बताया कि जीविका द्वारा इस वर्ष भी वृक्षारोपण किया जाएगा। 5 जून के बाद से इसकी समीक्षा की जाएगी। 

    बिजली की बचत तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु सरकारी भवनों पर सोलर पैनल के संस्थापन के क्रम में ज़िला पदाधिकारी द्वारा डीपीओ मनरेगा को निदेश दिया गया कि वे ज़िले के सभी सरकारी भवनों, जहाँ जहाँ सोलर पैनल लगाए गए हैं, की सूची प्राप्त करें। 

    बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्त्ता, निदेशक डीआरडीए, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (लघु सिंचाई, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण), भवन प्रमंडल/विधुत विभाग के अभियंता, सभी मनरेगा परियोजना पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।


    प्रमोद कुमार यादव 

    Initiate News Agency(INA), गया/बिहार 

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