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    कोरोना के साथ ही अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रति भी सतर्कता जरूरी- डॉ0 पी के श्रीवास्तस्व

    कोरोना के साथ ही अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रति भी सतर्कता जरूरी- डॉ0 पी के श्रीवास्तस्व

    शाहजहाँपुर- उत्तरप्रदेश : कोरोना के साथ ही अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रति भी सतर्कता जरूरी, जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा - मच्छरों से बचने के लिए बरतें खास सावधानी। कोरोना वायरस के संक्रमण से उबरने के चक्कर में लोगों का ध्यान अन्य संक्रामक बीमारियों से इस समय हट गया है, जबकि   गर्मी बढ़ते ही मच्छरों की तादाद बढ़ने लगी है। यही मच्छर  कई प्रकार की संक्रामक  बीमारियां को घर पर लाते हैं। मच्छरों से होने वाली संक्रामक बीमारियों में से एक है मलेरिया, जिसका इलाज समय रहते नहीं किया गया तो यह जानलेवा भी हो सकती है ।

    जिला मलेरिया अधिकारी डा. पी.के श्रीवास्तव ने बताया कि इस मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ जाने के कारण वेक्टर जनित रोग बढ़ने लगते हैं। इसलिए अब हमें कोरोना के साथ-साथ मलेरिया ,जेई, एईएस डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव की भी जरूरत है स इस वक्त पूरा स्वास्थ्य विभाग कोरोना के संक्रमण के फैलाव को रोकने और मरीजों के इलाज में  जुटा है।  इसलिए जन समुदाय को वेक्टर जनित बीमारियों से बचने के लिए खुद से जागरूक होने की बहुत बड़ी जरूरत है। 

     डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि  मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक है कि लोग अपने घरों व घरों के आस-पास पानी इकट्ठा न  होने दें द्य घर के आस-पास झाड़ी आदि को साफ  रखें, घर की साफ सफाई एवं व्यक्तिगत साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखें क्योंकि सभी मच्छर पानी में ही पनपते हैं और रुके हुए पानी में अंडे देते हैं। इसलिए रूके हुए पानी के स्थान को हो सके तो मिट्टी डालकर बंद कर दें या उस रुके हुए पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल डाल दें जिससे मच्छरों के लार्वा नालियों और ठहरे हुए पानी में पनपने ही न  पाएं  स मच्छरों से बचने के लिए सबसे अच्छा तरीका है मच्छरदानी का इस्तेमाल करें , पूरी आस्तीन के कपड़े पहने , अपने घरों की छत पर टूटे फूटे बर्तन  टायर , फूलदान, पाइप आदि में पानी न भरने दें, फ्रिज कूलर आदि को साप्ताहिक रूप से साफ करते रहें।

    डॉ. श्रीवास्तव ने बताया - नगर पंचायतों में नगर पालिका के सहयोग से नियमित रूप से गली - मोहल्लों में जाकर कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सैनिटाइजेशन किया जा रहा है स स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की  अधिक व्यस्तता होने के कारण इस बार मच्छरों से बचने के लिए जन समुदाय को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ सभी जनपद वासियों  को सामाजिक दूरी बनाकर लोगों को  जागरूक करने की अपील की है।

    उन्होंने  बताया कि कोरोना के साथ ही वेक्टर जनित बीमरियों पर भी ध्यान दें। बदलते मौसम में मच्छरों से बचने के लिए सावधानियां बरतनी चाहिए। प्रत्येक वर्ष वेक्टर जनित बीमारियों से बचने के लिए जन समुदाय को जागरूक करने के लिए सवास्थ्य कार्यकर्ताओं की अभिमुखीकरण कार्यशाला , जन जागरूकता रैली , अभियान आदि के साथ-साथ हर रविवार मच्छर पर वार कार्यक्रम का क्रियान्वयन अत्यंत प्रभावी ढंग से किया जाता था लेकिन इस बार कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग की वजह से हम लोग हर वर्ष की तरह  इस बार जन जागरूकता के लिए कोई विशेष कार्यक्रम नहीं कर पा रहे हैं।

    क्या है मलेरिया-मलेरिया एक गंभीर  बीमारी है जो एनाफिलीस मादा मच्छर के काटने से फैलती है। इससे निकलने वाले प्रोटोजुअन प्लाज्मोडियम शरीर के ब्लड के साथ मिलने लगता है जिससे धीरे-धीरे शरीर में खून की कमी होने लगती है। मलेरिया के कीटाणु दो तरह के होते हैं। पहला  प्लाज्मोडियम फेल्सीपेरम (पीएफ) जो कभी  जानलेवा हो सकता है ,  वहीं दूसरा प्लाज्मोडियम वाईवेक्स  (पीवी) यह सामान्य मलेरिया होता है। इन दोनों बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को सही समय पर उचित इलाज तथा उचित चिकित्सकीय  सहायता द्वारा ठीक किया जा सकता है स मलेरिया की जाँच और इलाज जनपद के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क किया जाता है।

     क्या हैं  इसके लक्षण- सिर में तेज दर्द, उल्टी होना, जी मिचलाना ,ठंड के साथ बुखार आना ,कुछ देर बाद सामान्य हो जाना, कमजोरी और थकान महसूस होना , शरीर में खून की कमी होना, मांसपेशियों में दर्द होना एवं बुखार उतरते समय पसीना आना आदि इसके प्रमुख लक्षण  हैं।

    फ़ैयाज़ उद्दीन, शाहजहाँपुर- उत्तरप्रदेश
    INA NEWS(Initiate News Agency)

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