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    रोजा बुरे कामों से बचने और नेक काम करने का जरिया: मदनी

    देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अरशद मदनी ने कहा कि हर वक्त वुजू के साथ रहने के बहुत से फायदे हैं। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा समय तक बावुजू रहें। रविवार को रमजान माह की अहमियत पर रोशनी डालते हुए मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि रोजा बुरे कामों से बचने और नेक काम करने का जरिया है। रोजा इबादत नहीं बल्कि इबादत की रुह है। जो कोई भी बिना किसी ठोस वजह के रोजे को छोड़ता है तो वह बड़ा गुनाहगार है। 

    उन्होंने कहा कि रमजान के रोजे अल्लाह की नेअमतों को लूटना का महीना है। इसमें अल्लाह भी अपने बंदों पर रहमत और बरकतें नाजिल करता है। इसलिए रमजान के महीने में पाबंदी से रोजे रखें, नमाज और तरावीह पढ़ें और कोई ऐसा काम न करें जिससे रोजा मकरुह होता हो। मौलाना मदनी ने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वह हर वक्त वुजू के साथ रहें, क्योंकि बावुजू रहने के बहुत से फायदे हैं और इससे इंसान बुराई के रास्ते पर चलने से परहेज करता है। उन्होंने सभी लोगों से रोजे रखने, पांचों वक्त की नमाज अदा करने, रात्रि में तरावीह पढऩे के साथ ही अधिकांश वक्त अल्लाह ताआला की इबादत में गुजारने का आह्वान किया। इसके साथ ही मौलाना मदनी ने लोगों से कोविड-१९ के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन करने की बात भी कही।


    शिब्ली इकबाल 

    आईएनए न्यूज़ एजेंसी 

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