Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    कानपुर।पनकी ऑक्सीजन सेंटर ने आपदा में ढूंढा अवसर, कालाबाजारी से परिजन तय कर रहे सांसो का सफर।

    कानपुर। प्रकृति के साथ हमने इस हद तक खिलवाड़ किया कि इस युग में किसने सोचा था कि खुली हवा में सांस लेना भी हमारे लिए दूभर होने वाला है। जिस प्रकृति पर हमने प्लास्टिक की अनगिनत चादर चढ़ा दी, उस प्रकृति ने आज हमें सौगात के रूप में पीपीई किट समेत मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी के उस जंजाल में जकड़ दिया है जहां अदृश्य महामारी के रूप में इंसान ही इंसान का दुश्मन हो चला है। अब तक की सबसे बड़ी जानलेवा त्रासदी के रूप में देश में स्थापित हो चुकी कोरोना महामारी के पहले दौर का सामना तो कानपुर ने डटकर किया था और इसके विरुद्ध विजय भी हासिल की थी। लेकिन किसे पता था कि पूरी पिक्चर अभी बाकी हैं। कोरोना का रौद्र रूप आना बाकी था और जैसे ही कोरोना ने अब की विकराल रूप धारण किया मानो शहरवासियों के हाथ-पांव फूलने लगे। आम जनमानस और सरकारी सिस्टम की सहभागिता से आज कोरोना पूरे शहर में पांव पसार चुका है और कोरोना के इस भीषण संकट के दौरान सबसे ज्यादा किल्लत सांसो की मची हुई है। 

    आपदा की इस घड़ी ने सैकड़ों की तादाद में लोगों को हर रोज लाइन में लगा कर सांसे खरीदने को मजबूर कर दिया तो वहीं इस आपदा को अवसर में बदलते हुए कुछ समाज द्रोहियों ने हमारी-आपकी सांसो को अपनी मुट्ठी में कैद कर उससे मनचाहा मुनाफा कमाना शुरू कर दिया। ताजा मामला पनकी स्थित सी-ब्लॉक में बने पनकी ऑक्सीजन सेंटर का सामने आया है। जहां पर तीमारदारों के ऑक्सीजन सिलेंडर 800 रुपए में रिफिल किए जा रहे हैं जबकि अन्य सेंटरों में रिफलिंग की ये कीमतें काफी कम है। इतना ही नहीं जब हमारी टीम ने इनसे ऑक्सीजन सिलेंडर के संदर्भ में बात की तो इंसानियत, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी के सभी नियमों और कानूनों को मुंह चढ़ाते हुए इनके द्वारा 18000 रुपये की भारी कीमत में सिलेंडर देने की बात कही। आम जनमानस की इस मजबूरी का फायदा उठाने को लेकर जब इस सेंटर के मालिक से हमने बात की तो उन्होंने इसे जनहित से जुड़ा सेवा भाव बता दिया जबकि मौके पर जिला प्रशासन की ओर से मौजूद तहसीलदार अतुल गंगवार मानवता को शर्मसार करते हुए अपनी आंखों के सामने हो रही इस कालाबाजारी और मुनाफाखोरी पर चुप्पी साध ऑन कैमरा कुछ भी बोलने से इंकार कर भाग खड़े हुए।

    ऑक्सीजन लेने आये तीमारदारों की

    हमारी पड़ताल में सामने आया कि पनकी ऑक्सीजन सेंटर मौजूदा दौर में अवसाद ग्रस्त और अवसरवाद के उस रोग से ग्रसित है जो समाज में कोरोना महामारी से भी ज्यादा भयावह है। ये वो लोग हैं जो आज शहर में हर होर मची चीख-पुकारों, मौतों, दम तोड़ती सांसो, करुणा, वेदना, मातम, बर्बादी, त्रासदी, श्मशान में जलती चिताओं, अस्पतालों में तड़पती सांसों, रोती-बिलखती आंखों और मजबूरियों के समंदर में गोते खा कर मात्र अपना स्वार्थ सिद्ध करने में लगे हुए हैं। जो सक्षम है वो तो आसानी से इस शुल्क को चुका कर अपने परिजनों की सांसों में जान फूंक रहे हैं। लेकिन ये मानसिक रूप से विक्षिप्त लोग असहाय, असमर्थ, गरीब मजलूम लोगों से आपदा की इस घड़ी में उनसे उनकी सांसों को छीनने का काम कर रहे हैं। 

    शहर में मौत के इस भयावह मंजर के बीच इनकी निगाहें सिर्फ तीमारदारों की जेबों में गड़ी हुई है। ऐसे लोगों के विरुद्ध बिगुल फूंकते हुए गोविंद नगर विधानसभा के विधायक सुरेंद्र मैथानी द्वारा इस गंभीर प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए बाजार में बिक रही इन सांसो की उपलब्धता असहाय, असमर्थ परिवारों और परिजनों को भी हो सके इसके लिए कानपुर नगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार तिवारी समेत मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार मिश्रा और संबंधित थाने को पत्र लिखकर उनसे ऐसे लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की अपील करने को लेकर पत्र लिखा है। ऐसे में अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या ऐसे समाज द्रोहियों के विरुद्ध जिला प्रशासन कोई कार्यवाही करता हैं या फिर सीएम योगी की सुशासन की नीति पर एक और बट्टा लगेगा।


    इब्ने हसन ज़ैदी 

    Initiate News Agency (INA), कानपुर

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.