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    कानपुर कोविड के दौरान टेस्ट के बजाय आक्सीजन लेवल के आधार पर अस्पतालों में भर्ती करे जाने की सरकार से की मांग।

    कानपुर। विधायक ने कहा हम लोग देख रहे हैं की लोगों के मदद के लिए फोन आ रहे है वो आक्सीजन, इंजेक्शन, या अस्पताल बेड की मांग कर रहे है। हम सबको पता है यह सुविधाएं सरकार के पास बहुत सीमित है। इसकी गहराई में जाकर टिप्पणी करेगें तो वो राजनैतिक टिप्पणी हो जायेगी और लोग उसमें विरोधाभासी तत्व निकाल लेगें।

    जबकि मुसीबत के दौर में किसी का विरोध करने के बजाय उस समय मुसीबत से निकलने के उपाय सोचने चाहिए। रचनात्मक सोच रखनी चाहिए। जीवन रहेगा तो संघर्ष के अनेक स्वरूप सामने आयेगें।जो समस्या सबसे ज्यादा हम महसूस कर रहे है, पिछले 10 दिन में कई बार डी.एम., सी.एम.ओ. एवं अन्य अधिकारियों से वार्ता करके कुछ रास्ते निकलवाये भी है। परंतु वो भी गैर प्रभावी प्रतीत हो रहे है। 

    अमिताभ बाजपेई विधायक

    सबसे महत्वपूर्ण मांग जो मैं सरकार से करना चाहता हूं वो यह है कि हम R.T.P.C.R. टेस्ट व एंटीजन टेस्ट के चक्कर में पड़ने के बजाय जैसे ही किसी का आक्सीजन लेवल गिर रहा हो तो उसे गिरते हुए आक्सीजन लेवल के आधार पर  हास्पिटल में बेड एलॉट कर दे। उसको कोविड पेसेंट मान ही ले। क्योंकि दो निर्देश सरकार के हैं 

    1- जिनकी कोविड पाजिटिव रिपोर्ट है उनको  अस्पताल में बेड एलॉट करने का ।

    2- यह निर्देश भीआया था  कि जिनका सीटी स्केन में भी अगर कोविड पाजिटिव के लक्षण है उनको भी भर्ती कर लिया जाये। 

    लेकिन आप कल्पना करों किसी व्यक्ति के घर में किसी को एकदम बुखार आया डॉक्टर की बात मानते हुए उसको आइसोलेट कर दिया। अचानक उसको मालूम पड़ा सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सांस का लेवल गिर रहा है। उसने आक्सीमीटर का इंतजाम किया आक्सीमीटर लगाकर देखा उसका आक्सीजन लेवल 90 के नीचे जाना लगातार शुरू कर दिया । 85 और 80 हो रहा है। ऐसे में वो टेस्ट के लिए जगह पता करें??

    टेस्ट के लिए भागे?

    या सीटीस्केन के लिए पता करें?

    या सीधे अस्पताल ले जाकर  आक्सीजन का इंतजाम करे?

    इसके बीच में लगातार जद्दोजहद छिड़ी हुई है।

    हम सरकार से यह एक लाईन की मांग करते हैं कि कोविड के दौरान 2 तरह के लोग हैं 

    1 जिनको खासी, जुखाम, बुखार जैसे प्रारंभिक लक्षण है तो उनको आईसोलेट कर देना और आईसोलेट किट उपलब्ध करा देना पर्याप्त है। ताकि वो संकर्मण आगे ना फैले स्वस्थ हो जाये । परन्तु 

    2 वो लोग जिनका आक्सीजन लेवल गिरता है। और जिनका गिरता है उनका बहुत तेजी से गिरता है। जब तक R.T.P.C.R. टेस्ट होता है। रिपोर्ट होता है या टेस्ट कराने जाते भी है अपने साधन से, उस दौरान ना जाने कितने लोगों को संकर्मण प्रदान कर आते हैं। इसलिए मरीजों का आवागमन न्यूनतम करा जाये। टेस्ट कराने भी वो ना जाये बल्कि सीधे अस्पताल में भर्ती करने का इंतजाम किया जाये। 

    इस मांग को लेकर विस्तृत पत्र मैनें मुख्यमंत्री जी को लिखा है। मैं चाहता हूं सरकार और आलाधिकारी इसका संज्ञान ले। उचित समाधान करे। इसके लिए हम जनप्रतिनिधियों से जो सहयोग अपेक्षित हो हम करने के लिए सदैव तत्पर है।

     

    इब्ने हसन ज़ैदी 

    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, कानपूर 

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