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    ज्ञानेश तिवारी व्यावसायिक स्तर पर कर रहे हैं वर्मीकम्पोस्ट का कार्य

    ज्ञानेश तिवारी व्यावसायिक स्तर पर कर रहे हैं वर्मीकम्पोस्ट का कार्य

    जिला गन्ना अधिकारी ने  तिवारी के फार्म पर जाकर निरीक्षण किया

    शाहजहांपुर : जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम पिछले दिनों गन्ना विकास परिषद निगोही के एक ग्राम नवीपुर पहुंचे जहां उनकी मुलाक़ात ज्ञानेश तिवारी से हुई। उन्होंने देखा कि तिवारी गन्ने की खेती के साथ साथ डेरी का व्यवसाय भी करते है तथा साथ ही व्यावसायिक स्तर पर वर्मीकम्पोस्ट का कार्य कर रहे है। ज्ञानेश तिवारी ने जिला गन्ना अधिकारी को बताया कि वर्मीकम्पोस्ट के उत्पादन के सम्बन्ध मे तकनीकी जानकारी व सहयोग निगोही चीनी मिल द्वारा प्रदान किया गया तथा 2019 से इस काम की शुरुआत की गयी। वर्तमान मे 100 पिट स्थापित है।

    जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 300 कु. वर्मीकम्पोस्ट उत्पादित हो रही है। वर्मीकम्पोस्ट की कीमत 700 रुपये प्रति कुंतल है। वास्तव मे वर्मी कम्पोस्ट पोषक तत्वों से भरपूर एक उत्तम जैव उर्वरक है। यह खाद केचुओं के द्वारा गोबर, वनस्पति, पेड पौधे की पत्तियों एवं भोजन के कचरे आदि को विघटित करके बनाई जाती है। वर्मीकम्पोस्ट 75-90 दिन मे तैयार हो जाती है। इसमें शूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ साथ नाइट्रोजन 2-3%, फॉस्फोरस 1-2%, पोटास 1-2%, सल्फर 1.5-2% पाया जाता है।

    पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा के साथ साथ अनेक पदार्थो जैसे एंजाइम, हॉर्मोन्स, अन्य जैव सक्रिय यौगिक, विटामिन, एमिनो एसिड आदि उपलब्ध रहते है जो पौधों की अच्छी वृद्धि के साथ उत्तम गुण वाले उत्पादों के लिये आशातीत सहयोग प्रदान करते है।

    इसके प्रयोग से भूमि में उपयोगी जीवाणुओं की संख्या मे वृद्धि होती है। इसके साथ ही रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होने के साथ कॉस्ट लागत मे कमी आती है। भूमि के जल स्तर मे वृद्धि होती है। वर्मीकम्पोस्ट वाली भूमि मे खरपतवार कम उगते है तथा पौधों मे रोग भी कम लगते है। वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग करने करने वाले खेतो कार्बनिक पदार्थो मे वृद्धि होती है। जिससे भूमि मे जैविक क्रियाये अधिक होती है और भूमि उपजाऊ एवं भुरभुरी बनती है।

    फ़ैयाज़ उद्दीन
    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, शाहजहाँपुर, 
    उत्तर प्रदेश

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