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    आग से बचाव हेतु जनता को दिए 33 सुझाव

    अयोध्या : गर्मी का मौसम चल रहा है  भयंकर धूप में  बाहर निकलना आसान नहीं हो रहा है ऐसे में अग्नि भी अपना प्रचंड रूप  दिखा रही है  जिसके लिए  बचाव ही एक उत्तम और सरल तरीका है। जनपद अयोध्या में हुए अग्निकाण्डो के दृष्टिगत रखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी  द्वारा अपने अधीनस्थ फायर स्टेशनों, सब स्टेशनों व फायर यूनिटों को सतर्क रहने हेतु निर्देशित किया गया है तथा जनता से सावधानी बरतने हेतु अपील की गई है। 

    अग्निशमन केन्द्र जहा से सम्पर्क  किया जा सकता है-

    फायर स्टेशन पुलिस लाइन अयोध्या-9454418709,101,112 9454418708

    फायर स्टेशन बीकापुर जनपद अयोध्या-9838555990,9125132721,9598636065

    फायर स्टेशन सोहावल जनपद अयोध्या (थाना रौनाही परिसर) 9454418710,9956366417,8736928773         फायर स्टेशन रूदौली जनपद अयोध्या (पुलिस चैकी भेलसर परिसर)- 9450942679,7007288249,8182824375

    फायर स्टेशन मिल्कीपुर जनपद अयोध्या-  9454418711,8429008505,9415879123

    फायर सीजन डियूटी थाना महराजगंज (थाना महराजगंज)- 6307448004,9918270570

    अग्नि से बचाव हेतु जनता से अपील-

    1.बिस्तर पर लेटकर धूम्रपान न करें।

    2.जलते हुए बीड़ी-सिगरेट के टुकड़े को पैर से कुचलकर पूर्ण रूप से बुझा दें।

    3. बिजली की लाइन के नीचे एवं ट्रांसफार्मर के पास खलिहान न लगाइये।

    4. पुआल तथा कण्डों के पूर्ण रूप से सूख जाने पर निवास स्थान से कम से कम 100 फिट की दूूरी पर ढ़ेर लगाइए।

    5. जलती हुई लालटेन व कुप्पी में मिट्टी का तेल न डालिए। चिराग व कुप्पियों को इस्तेमाल के पश्चात पूर्ण रूप से बुझा दीजिए।

    6. चूल्हे की जलती बची लकड़ी को बुझाकर अलग रखें गरम राख को पूर्ण रूप से ठंडा करके, किसी गढ्ढे में फेंकिए। इसे कूड़े के ऊपर ढ़ेर पर हरगिज मत फेंकिए।

    7. रसोंई घर की छत टीन से बनाइए और यदि फूस की बनाये ंतो उसके अन्दर की ओर मिट्टी का लेप कीजिए।

    8. गर्मी में गांव के सूखे तालाब को ट्यूबवेल या नहर के पानी से भर दें, ताकि आग लगने पर पानी का उपयोग किया जा सके। 

    9. ट्रैक्टर की चिन्गारी से खलिहान को बचाइए। ट्रैक्टर के साइलेन्सर में ’’चिंगारी रोधक यंत्र’’ लगा कर मडाई करें। थ्रेसर में गीली फसल न लगायें यह फंसकर घर्षण उत्पन्न करती है जिसकी गर्मी में आग लग जाती है। जो फसल पूरी तरह सूख गयी हो केवल उसी की मड़ाई करें।

    10. शादी-विवाह अथवा त्योहार के समय खलिहान व फूस छप्पर आदि से दूर आतिशबाजी का प्रयोग करें।

    11. लैम्प व पेट्रोमैक्स सुरक्षित स्थान पर टांगिए। छप्परों में मत टांगिए।

    12. गांव के तालाब व पानी के निकट फायर ब्रिगेड की मशीनों व यंत्रों के पहुँचने का साधन बराबर बनाये रखिए।

    13. नाबालिग बच्चों को खाना बनाते समय रसोंईघर में न जाने दें।

    14. खाना पकाते समय/किसी भी नंगी आग जैसे दिया/मोमबत्ती के पास ढीले-ढीले/टेरीकाट/सिल्क/नायलान के कपड़े न पहनें। चुस्त और सूती कपड़े पहनें। खाना बनाते समय बाल खुले न रखें/चोटी बनाकर खाना बनायें तथा 02 बाल्टी पानी रिजर्व में किचन के पास ही रखें।

    15. यदि आपके शरीर के कपड़ों में आग लग जाये तो दौड़िये मत सबसे पहले शान्त होकर खड़े हो जायें, तुरन्त जमीन पर लेटकर दोनों हाथों से चेहरे को ढ़क लें और मंद गति से लोटे/लुढकिये आग बुझ जायेगी।

    16. जानवरों को लोहे की जंजीर से न बाॅधे, केवल रस्सी का प्रयोग करें, जिससे अग्निदुर्घटना होने पर जानवर स्वतः भाग सके।

    17. आग विकराल हो तो धन/सम्पत्ति के लालच में घर के अन्दर न जायें, इससे जीवन को खतरा हो सकता है।

    18. बिजली के तारों पर ओवरलोड़िग न करें मानक के अनुरूप ही वायरिंग कराये।

    19. गैस सिलेण्डर के सहयंत्रो को चेक करते रहे व गैस सिलेण्डर के प्रयोग के बाद रेग्यूलेटर से बन्द कर दें।

    20. घर में बिजली मेन बोर्ड के नीचे कोई भी ज्वलनशील सामान न रखेे।

    21. खेतों में गेहॅू की फसल पक कर तैयार खड़ी है इसलिए आपसे अनुरोध है कि आप पैदल, बाइक, कार, जीप, टैªक्टर पर हो तो रास्ते में बीड़ी या सिगरेट नही पिये और न ही किसी को पीने दे। आपकी लापरवाही किसी की साल भर कमाई बरबाद कर सकती है।

    22. रसोई घर यदि फूस का हो तो उसकी दीवाल पर मिट्टी का लेप अवश्य लगा दे। 

    23. रसोई घर की छत ऊंची रखी जाए।

    24. आग बुझाने के लिए घर में बोरे में भरकर बालू अथवा मिट्टी तथा 02 बाल्टी पानी अवश्य रखें।

    25. हवन आदि का काम सुबह 9 बजे से पहले सम्पन्न कर ले।

    26. शार्ट सर्किट की आग से बचने के लिए बिजली वायंरिग समय समय पर मरम्मत करा लें।

    27. मवेशियों को आग से बचाने के लिए मवेशी घर के पास पर्याप्त मात्रा में पानी का इंतजाम रखे एवं उनकी निगरानी अवश्य करते रहे।

    28. आग लगने पर सर्वप्रथम समुदाय के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास करे।

    29. आवश्यकता होने पर आग बुझाने हेतु फायर सर्विस 101 नम्बर एवं प्रशासन को तुरन्त सूचित करे एवं उन्हे सहयोग करें।

    30. कटनी के बाद खेत में छोडे डंठलो में आग न लगाये।

    31. घर में किसी भी उत्सव के लिये लगाये कनात अथवा टेन्ट के नीचे बिजली के तार को न ले जाये।

    32. जलती हुई माचिस की तीली अथवा अधजली बीड़ी एवं सिगरेट पीकर इधर-उधर न फेंके।

    33. सार्वजनिक स्थलों, ट्रेनों एवं बसों आदि में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें।

    देव बक्श वर्मा
    आई एन ए न्यूज़ अयोध्या - उत्तर प्रदेश

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