Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    सम्भल। कोविड अस्पताल में शव देने के नाम पर 1 लाख 35 की मांग

    सम्भल। कोरोना ने बेशक इस वक्त हर तरफ हाहाकार मचा रखा है, लेकिन इन दिनों कोविड-19 के नाम पर आपदा को अवसर में बदला जा रहा है। सम्भल से कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आई। जहां एक बेटा और बेटी अपने माता पिता के शव लेने के लिए घंटों अस्पताल के बाहर खड़े रहे, लेकिन अस्पताल शव देने के नाम पर उनसे 1 लाख 35 हज़ार रुपए की मांग करने लगा। कई घंटों के इंतजार और मीडिया के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को शव सौंप दिये।

    दरअसल पूरा मामला सम्भल सदर के एशियन हसीना बेगम L2 अस्पताल का है। जहां अंश सिंह का आरोप है, कि उनके माता पिता राजेश सिंह और माता निशा सिंह को करीब 4 दिन पहले कोरोना के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन अस्पताल में उसके माता-पिता के साथ डॉक्टरों और स्टाफ ने लापरवाही बरती और उनकी कोरोना से शनिवार को मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब अस्पताल प्रशासन शव देने के नाम पर उनसे 1 लाख 35 हज़ार का बिल भरने की मांग करने लगा। 

    निहारिका, भतीजी

    अंश ने बताया कि एक तो मेरे सिर से माता पिता का साया उठ गया। ऊपर से में अब इतने रुपए कहां से लाऊं। अंश ने स्थिति को देखते हुए मीडिया की मदद मांगी, तो आखिर में मीडिया के हस्तक्षेप के बाद अंश को उसके माता पिता के शवों को सौंप दिया गया। तस्वीरें बेहद ही दर्दनाक हैं। एक बेटा और एक बेटी अस्पताल के बाहर घंटों इंतजार कर रहे हैं। ताकि उनके माता-पिता के शव को उनको सौंप दिया जाये। 

    अंशु मृतक का बेटा

    लेकिन अस्पताल प्रशासन कोरोना से हुई। मौत के शवों को देने की एवज में उनसे पैसे मांगने लगा पैसे न देने पर शव देने से इनकार करने लगा। इस मामले में नोडल अधिकारी डॉ मनोज का कहना है कि दरअसल इस अस्पताल को 75% बेड पर अधिकृत कोविड-19 पर किया गया है। 25% बेड प्राइवेट तौर पर हैं। अगर कोई व्यक्ति प्राइवेट भर्ती होता है, तो उसको पैसे देने होंगे और वह सरकारी तरफ से रेफर होकर जाता है, तो उसका इलाज मुफ्त किया जाएगा। लेकिन फिर भी कहीं कोई पैसे की मांग सामने आई हैं, तो उनकी जाँच की जाएगी। 

     डॉ मनोज चौधरी, नोडल अधिकारी

    लेकिन देखने वाली बात ये भी है की अगर मरीज को अस्पताल ने प्राइवेट भर्ती किया था। तो मीडिया में मामले आने के बाद शव को बिना बिल दिए ही क्यों सौंप दिया गया। एशियन हसीना बेगम अस्पताल को L2 अस्पताल कोविड मरीजों के लिए अधिकृत किया गया है। उसके बाद भी इस तरह की ख़बरें सरकारी सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती हैं। ये कहना गलत नहीं होगा कि इस वक्त आपदा को अवसर में बदला जा रहा है और कोरोना की लाशों से भी पैसे वसूलें जा रहे हैं।


    उवैस दानिश

    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, सम्भल 

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.