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    सैकड़ों वर्षों से गुप्त गंगा आश्चर्य और कौतूहल से भरा हुआ है पर्यटन डोंगेश्वर महादेव

    सैकड़ों वर्षों से गुप्त गंगा आश्चर्य और कौतूहल से भरा हुआ है पर्यटन डोंगेश्वर महादेव

    राजनांदगांव| वैसे राजनांदगांव जिला अपनी ऐतिहासिक विरासत संस्कृति पर्यटन के लिए पूरे देश में विख्यात है लेकिन राजनांदगांव जिले में ही एक ऐसा स्थल है जहां पर गुप्त गंगा 100 वर्षों से लगातार प्रवाहित हो रही है महाशिवरात्रि के अवसर पर हमारे संवाददाता हेमंत वर्मा ने राजनांदगांव जिले के नर्मदा से साले वारा रोड पर जीरा टोला से महज 5 किलोमीटर दूरी पर स्थित गंगेश्वर महादेव का जायजा लिया यह नंदी बैल के मुख से होते हुए शिवलिंग पर जल निरंतर प्रवाहित हो रही है इस धार्मिक स्थल पर विदेश से भी पर्यटक प्रकृति का आनंद लेने आते हैं वहीं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस जगह को पर्यटन स्थल की मान्यता दिया गया है अब यहां तेजी से कार्य चालू हो गए हैं स्थल को पर्यटन बनाने सर्वेक्षण का कार्य भी शुरू हो चुका है|

    11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना किया जाता है मंदिर चारों ओर से प्रकृति की हरियाली की चादर से ढका हुआ है शिवालय के अलावा यहां राम मंदिर हनुमान मंदिर दुर्गा मंदिर वह अत्यंत प्राचीन गुफा है स्थल को पर्यटन के रूप में शासन की तरफ से मान्यता मिल चुकी है एवं पुरातात्विक विभाग ने सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद यहां सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया है जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपए के कार्य स्वीकृत किए गए हैं पार्किंग स्थल सड़क निर्माण का निर्माण यात्री प्रतीक्षालय सामुदायिक भवन समतलीकरण इत्यादि कार्य किए जाएंगे कैसे पहुंचे चौड़ा धाम विदेशी पर्यटक यहां कान्हा किसली राष्ट्रीय उद्यान जाते हुए रुकने लगे हैं अन्य राज्यों के यात्रियों के लिए हवाई मार्ग माना विमानतल है|

    वही कान्हा किसली जाते हुए गंडई से 12 किलोमीटर की दूरी पर रेल मार्ग के रूप में रायपुर दुर्ग और राजनांदगांव से इसकी दूरी 80 से 100 किलोमीटर है गंडई के पूर्व जमीदार स्व लाल योगेंद्र शाह खुसरो ने शिवालय से निकलने वाले जल का परीक्षण कराया था जिसमें ज्ञात हुआ कि जनऔषधि गुणों से भरपूर है इस इस पानी से खुजली थकान व अन्य बीमारी दूर हो जाती है यह जल कई माह तक घर में रखने पर भी खराब नहीं होता इसी गुण के कारण इस जल को गुप्त गंगा कहा जाता है इस धाम से प्रभावित होने वाले जल से आसपास के दर्जनों गांव के किसान खेती किसानी में प्रयोग करते हैं इस ऐतिहासिक मंदिर पर 3 कुंड बनाए गए हैं जिसमें प्रथम कुंड पर शिवालय के पूजा पाठ दूसरे कुंड पर पर्यटक के लिए पानी की व्यवस्था एवं तीसरे कुंड श्रद्धालुओं के स्नान के लिए बनाए गए हैं अगर आप शिवरात्रि में घर पर हैं योगेश्वर महादेव के दर्शन लाभ कर शिवरात्रि को सार्थक बना सकते हैं|

    हेमंत वर्मा
    आईएनए न्यूज़, 
    राजनांदगांव, छत्तीसगढ़|

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