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    बढ़ई, दर्जी, बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार आदि तबकों के लिए वरदान है विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना- संजय कुमार

    बढ़ई, दर्जी, बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार आदि तबकों के लिए वरदान है विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना- संजय कुमार

    • 6 दिवसीय प्रशिक्षण के समापन के बाद अगले सेशन में वितरित की जाएंगी टूल किट्स
    • सरकार द्वारा जारी कोविड- 19 गाइडलाइन्स के मुताबिक कराया गया प्रशिक्षण

    हरदोई। बढ़ई, दर्जी, बुनकर, लोहार, सुनार, नाई, मोची, हलवाई आदि तबके के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकार द्वारा संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना एक वरदान है। यह बात विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के 6 दिवसीय प्रशिक्षण के समापन समारोह के मौके पर जिला उद्योग उपायुक्त संजय कुमार ने कही। इससे पूर्व उक्त श्रेणियों से जुड़े लोगों ने कोविड- 19 गाइडलाइन्स का पालन करते हुए 6 दिनों का प्रशिक्षण पूरा किया और उन्हें अगले सेशन में विभाग द्वारा टूल किट्स प्रदान की जाएंगी।

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट देते उपायुक्त संजय कुमार







    उपायुक्त संजय कुमार ने बताया कि कोरोना काल में अपने जिले में लौट कर आए मजदूरों के लिए बेरोजगारी अब कोई समस्या ना आए, इसके लिए उत्तर प्रदेश की सरकार ने तैयारी कर ली है। उत्तर प्रदेश में लौटे लाखों की संख्या में मजदूरों को काम काज मिल सके इसमें ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना एक अहम रोल निभा रही है। ज्ञात हो कि देश में कोरोना वायरस के प्रभाव के चलते किए गए लॉकडाउन के कारण लाखों लोग अपने अपने राज्यों में लौट कर आ गए हैं। अब ऐसे में यह लोग वापस राज्य से पलायन ना करें, इसके लिए सरकार अहम कदम उठा रही है। ऐसा ही कदम उठाया है योगी सरकार ने।

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट देते उपायुक्त संजय कुमार

    उत्तर प्रदेश में चलाई जा रही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के जरिए लोगों को 6 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग के बाद लोग अपना खुद का काम काज भी शुरू कर सकें, इसके लिए लोगों को 10 हजार रूपए से लेकर 10 लाख रूपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

    संजय कुमार, उपायुक्त जिला उद्योग विभाग|

    इस योजना का लाभ राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची जैसे पारंपरिक कारोबारियों तथा हस्तशिल्प की कला करने वाले ले सकते हैं।

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2021 के अंतर्गत बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची आदि को 6 दिन की फ्री ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है और साथ ही 10 हजार रूपए से लेकर 10 लाख रूपए की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

    प्रशिक्षण के बाद उपायुक्त संजय कुमार के साथ उपस्थित कर्मचारी व प्रशिक्षु

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत प्रति वर्ष 15 हजार लोगों को रोजगार देने का उद्देश्य सरकार का है। उन्होंने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2021 के उद्देश्य पर बात करते हुए बताया कि  बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची जैसे मजदूर आर्थिक रूप से कमज़ोर होने के कारण अपने कारोबार को आगे नहीं बढ़ा पाते।

    प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं ने बनाई विभिन्न वस्तुएं|

    इसी समस्या को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस योजना को शुरू किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनने वाले, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची जैसे पारंपरिक कारोबारियों तथा हस्तशिल्प की कला को प्रोत्साहित करना और आगे बढ़ाना है।

    प्रशिक्षु द्वारा तैयार एक माडल

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2021 के ज़रिये इन मजदूरों को 6 दिन की फ्री ट्रेनिंग प्रदान करना और स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों को छोटे उद्योग स्थापित करने के लिए 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान करना। इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ही ट्रेनिंग करने वाले लोगों को सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गये|

    ज्ञात हो कि प्रशिक्षण के दौरान ही विभिन्न श्रेणियों से जुड़े प्रशिक्षुओं ने अपने-अपने कामों से जुड़ीं वस्तुएं तैयार कीं, जो काफी अच्छी थीं। उपायुक्त संजय कुमार ने बताया कि इस योजना के तहत मजदूरों को प्रदान की जाने वाली धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में पहुंचे जाएगी इसलिए आवेदक का बैंक अकाउंट होना चाहिए और बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के द्वारा राज्य के मजदूरों के विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए की गयी है। इस योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के लौटकर आये मजदूरों को और पारंपरिक कारीगरों व दस्तकारों को अपने हुनर को और ज्यादा निखारने के लिए 6 दिन की फ्री ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है।  जिससे वह अपना खुद का रोजगार शुरू कर सके। इस मौके पर विभाग से सुनील सिंह, प्रीति आर्या आदि मौजूद रहे।

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2021 के दस्तावेज़ (पात्रता )....

    आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।

    आवेदक को आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

    आधार कार्ड

    पहचान पत्र

    निवास प्रमाण पत्र

    मोबाइल नंबर

    जाति प्रमाणपत्र

    बैंक अकाउंट पासबुक

    पासपोर्ट साइज फोटो

    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, डेस्क हरदोई|

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