Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    सरकारी अस्पताल की शिकायतों के बाद भी झांकने तक नहीं पहुंचे कलेक्टर

    सरकारी अस्पताल की शिकायतों के बाद भी झांकने तक नहीं पहुंचे कलेक्टर  

    नवीन अंग्रेजी मीडियम स्कूल तथा तहसील ऑफिस के निरीक्षण की खानापूर्ति 

    डोंगरगांव। पूरे जिले में राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तथा हाईप्रोफाइल डोंगरगंव में आज एक लम्बे अरसे बाद कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा का आगमन हुआ। रेस्ट हाऊस में आगमन के दौरान उनसे जनप्रतिनिधियों तथा मीडियाकर्मियों द्वारा सरकारी अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था, जन औषधि केन्द्र के संचालन में बरती जा रही घोर लापरवाही सहित अन्य मुद्दा उठाया, परन्तु कलेक्टर ने सारी शिकायतों को दरकिनार कर दिया और इस संबंध में किसी तरह का अधिकारिक बयान भी देने से इंकार कर दिया। जिससे कलेक्टर के आगमन व निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्था सुधरने की आस संजोये जनप्रतिनिधियों में जमकर नाराजगी देखी गई। 

    ज्ञात हो कि इन दिनों पूरे जिले में डोंगरगांव का सरकारी अस्पताल और यहां की अव्यवस्था प्रमुख मुद्दा बना हुआ है। बीएमओ के कभी भी लंबी छुट्टी पर चला जाने से उत्पन्न अव्यवस्था, कमीशनखोरी के चक्कर में अस्पताल में संचालित जन औषधि केन्द्र की दवाईयों की कमी, शासन प्रशासन के निर्देश के बाद भी द्वितीय पहर में ओपीडी का न खुलना, स्वास्थ्य कर्मियों की मनमानी सहित ऐसे अनेक मुद्दे हैं, जिनकी शिकायतें शासन प्रशासन स्तर तक होने के बाद भी आज पर्यन्त अस्पताल की खामियों को दूर करने किसी तरह की कोई पहल नहीं हो रही है। आज जब कलेक्टर अचानक यहां पहुंचे तो लोगों को थोड़ी उम्मीद जगी थी। लेकिन रेस्ट  हाऊस से मात्र दस कदम की दूरी पर स्थित सरकारी अस्पताल न पहुंचकर कलेक्टर ने नये बन रहे सरकारी अस्पताल की खाली बिल्डिंग के साथ तहसील कार्यालय और कन्या हाईस्कूल में आगामी दिनों में खुलने वाले स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूल के खाली पड़े भवन का निरीक्षण करना ज्यादा उपयुक्त समझा। 

    कलेक्टर के गोलमाल जवाब से पत्रकार भी स्तब्ध ...

    गुरूवार को नगर में पहुंचे कलेक्टर से जब नगर के पत्रकारों ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की खामियों पर चर्चा की, तो कलेक्टर वर्मा गोलमोल जवाब देते नजर आए। वहीं जन औषधि केंद्र ना खुलने की जानकारी देने पर केवल इतना कहा कि एक दो दिन में व्यवस्था सुधर जायेगी। उनसे जब अस्पताल पहुंचने का अनुरोध किया गया तो वे टालकर अन्यंत्र चले गये।   

    अव्यवस्था को सुधारने होगा आंदोलन ...  

    सरकारी अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था व कमियों को मुद्दा बनाते हुए मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने अब आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। मंडल भाजपा अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सारी व्यवस्था नहीं सुधरी तो उग्र आंदोलन किया जायेगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। वहीं जनऔषधि केन्द्र के नियमित न खुलने तथा दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता न होने का भी उन्होनें मुद्दा उठाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय तक इसकी शिकायत की है।

    हेमंत वर्मा
    आईएनए न्यूज़, 
    राजनांदगांव, छत्तीसगढ़

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.