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    जल जीवन मिशन में पंचायतों की भूमिका पर हितभागी परामर्श

    जल जीवन मिशन में पंचायतों की भूमिका पर हितभागी परामर्श 

    विश्व जल दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय आनलाईन कार्यशाला हुई संपन्न 

    राजनांदगाँव/रायपुर। पंचायतों की भूमिका को मजबूत करने के लिये विश्व जल दिवस के अवसर पर पानी प्रबंधन में पंचायत की मौजूदा स्थिति, लर्निग्स, चुनौतियां एवं अवसरों पर हितभागी परामर्श जल जीवन मिशन, पंचायत विभाग एवं वाटर एड के सहयोग से समर्थन संस्था के तत्वाधान में राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस परामर्श में राज्य योजना आयोग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल जीवन मिशन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ वॉश फोरम, वॉश एलायंस, स्वयं सेवी संस्थान एवं समुदाय आधारित संगठनों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जल जीवन मिशन के डायरेक्टर एस प्रकाश ने कहा कि इस मिशन के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है जिसे ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही पूर्ण किया जा सकता है। इस मिशन में लोगों की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है जिससे कार्यों में स्थायित्व एवं निरंतरता बनी रहे। जल जीवन मिशन में छत्तीसगढ़ के स्वयंसेवी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी एवं उनके माध्यम से कार्ययोजना निर्माण, जागरूगता एवं प्रबंधन आदि कार्य किए जा सकेंगे। इस मिशन के द्वारा पुराने जल स्त्रोतों का जल परीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा। ग्राम पंचायत सिवनी एवं केकतीटोला के सरपंच द्वारा भी जल जीवन मिशन के कार्याें में ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित कार्ययोजना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कार्यों से परिणाम एवं गंदे पानी के प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।

    छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव एस के मिश्रा जी के कहा कि जल जीवन मिशन के साथ अन्य योजनाओं का अभिसरण करना बहुत आवश्यक होगा। राज्य वित्त आयोग एवं जिला स्तरीय जल समितियों की भूमिका भी इस योजना में बहुत महत्वपूर्ण होगी। 15 वां वित्त आयोग की राशि से भी जल जीवन मिशन के कार्यों में मदद मिलेगी।मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने बताया कि राज्य शासन के नरवा प्रोजक्ट से भूजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी एवं प्राकृतिक नालों में छोटी छोटी संरचना के निर्माण से जल जीवन मिशन के कार्यों में मदद मिलेगी। क्षेत्र की विशेषता एवं जल की उपलब्धता के आधार पर योजना निर्माण करना होगा।

    स्वास्थ्य विभाग से डाॅ कमलेश जैन ने बताया जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है एवं अधिक गहराई से पानी लेने पर स्वास्थ्य की समस्या उत्पन्न हो रही है। फ्लोराईड नियंत्रण के लिए पानी की नियमित जांच करना बहुत जरूरी है एवं यह कार्य ग्राम पंचायतें कर सकती है। समर्थन संस्था के निदेशक डाॅ. योगेश कुमार ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने कई क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है। राज्य में ग्राम पंचायतों के अलावा महिला स्वसहायता समूहों एवं मितानीनों का कैडर उपलब्ध है जो ग्राम स्तर पर जल जीवन मिशन के कार्यों में प्रबंधन का कार्य कर सकती है। जल जीवन मिशन की चुनौतियों पर स्वयंसेवी संस्थाओं के द्वारा जिला स्तरीय क्रियान्वयन एवं निगरानी समिति को सुझाव दे सकती है। कार्यक्रम मे मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायगढ़, यूनीसेफ, वाटर एड, प्रदान, समर्थ ट्रस्ट, साथी संस्था कोण्डागांव के वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे । कार्यक्रम का संचालन समर्थन के देवीदास निमजे द्वारा किया गया।

    हेमंत वर्मा
    आईएनए न्यूज़, 
    राजनांदगांव, छत्तीसगढ़

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