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    बारात घर के निर्माण में भारी अनियमितताओं और सरकारी पैसे के गबन का आरोप

    बारात घर के निर्माण में भारी अनियमितताओं और सरकारी पैसे के गबन का आरोप

    निर्माण में लगाई गई कच्ची ईंट, गुणवत्ताहीन सामग्री का हुआ प्रयोग

    पलवल : रजौलका गांव में बारात घर के निर्माण में भारी अनियमितताओं और सरकारी पैसे के गबन का आरोप लगाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बिना सीमेंट और पुख्ता मसाले  के बनाए जा रहे बरात घर  निर्माण मे किसी भी मापदंड के पूरा नहीं किये जाने से निर्माणाधीन भवन कभी भी धराशाई होकर सैकड़ों लोगों की जान ले सकता है।

    पलवल के रजौलका गांव में विधायक कोटे से करीब 17 लाख रुपये की ग्रांट से पिछले 1 वर्ष से बारात घर का निर्माण कार्य चल रहा है। जिसकी देखरेख का जिम्मा गांव के सरपंच रामलाल का है जिसने बरात घर के निर्माण का ठेका अपने भांजे को दिया हुआ है।

    ग्रामीणों के अनुसार बिल्डिंग निर्माण में किसी भी मापदंड का पालन नहीं किया गया है इसमें कच्ची ईंट एंड लगाई गई हैं, तथा चिनाई में सीमेंट और मसाले की गुणवत्ता बिल्कुल जीरो है। सीमेंट ना के बराबर डाली गई है और क्रेशर मसाला भी पूरा नहीं लगाया जा रहा है। बैंकट हॉल अथवा बारात घर के लिए डाले गए बीम की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है दीवारें इतनी कमजोर है कि हवा के झोंकों से ही हिल रही है। 

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंकट हॉल के भरत के लिए मिट्टी भी उसके आसपास से ही जेसीबी से खोद कर डाल दी गई है जिससे बारात करके आगे पीछे गहरे गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब से इस बार आपके घर के निर्माण का कार्य शुरू हुआ है कोई भी प्रशासनिक अधिकारी इस प्रकार के घटिया निर्माण कार्य को देखने के लिए नहीं पहुंचा है|

    जबकि उन्होंने बीड़ी पी ओ, डी डी पी ओ, एस डी एम, डी सी तथा कमिश्नर तक शिकायतें दी हुई है लेकिन कोई भी अधिकारी इस काम को देखने के लिए नहीं पहुंचा है ग्रामीणों का कहना है कि यदि ऐसी हालत में यह निर्माण कार्य पूरा कर दिया गया तो इस बारात घर में दबकर कितने ही लोगों की जान जा सकती है।

    रजौलका गांव में हो रहे बेहद घटिया निर्माण कार्य के बारे जब डीडीपीओ शमशेर सिंह नेहरा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि किसी भी निर्माण कार्य की देखरेख की जिम्मेवारी सबसे पहले जेई की होती है क्योंकि यही एस्टीमेट बनाता है। इसलिए नॉर्म्स का पालन किया जा रहा है या नहीं सबसे पहली जिम्मेवारी जेई की है। उसके बाद एसडीओ और कार्यकारी अभियंता की जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि मेरे संज्ञान में अभी रसूल का गांव की बारात करके कोई शिकायत नहीं है यदि आप कह रहे हैं तो हम इसकी जांच करा देंगे।

    ऋषि भारद्वाज
    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, पलवल

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