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    मोहनपुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण, शिकायतों/समस्याओं की हुई समीक्षा

    मोहनपुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण, शिकायतों/समस्याओं की हुई समीक्षा

    गया| जिला पदाधिकारी, गया अभिषेक सिंह द्वारा मोहनपुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का निरीक्षण करते हुए सरकार के विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जांच पदाधिकारियों द्वारा कराई गई तथा जांच के क्रम में पाई गई शिकायतों/समस्याओं की समीक्षा संबंधित जांच पदाधिकारी के साथ बैठक कर की गयी। जिला पदाधिकारी द्वारा मोहनपुर प्रखंड कार्यालय तथा अंचल कार्यालय का निरीक्षण करते हुए कैश बुक की जांच, शिकायत पंजी का अवलोकन, लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम पंजी का संधारण, लोहिया स्वच्छता मिशन अंतर्गत शौचालय का भुगतान, अंचल कार्यालय से संबंधित भूमि बंदोबस्ती, डिमांड पंजी, म्यूटेशन, आरटीपीएस इत्यादि कार्यालय का निरीक्षण किया गया। बताया गया कि अंचल में दाखिल खारिज तथा आरटीपीएस की स्थिति अच्छी है, लंबित आवेदन नहीं है। निरीक्षण के क्रम में बताया गया कि मोहनपुर प्रखंड का सृजन 1961 में हुआ है, वर्तमान में रणजीत कुमार सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी पदस्थापित हैं। इस प्रखंड में 18 पंचायत हैं।

    जिला पदाधिकारी सहित जिले के अन्य पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा प्रखंड परिसर में मनरेगा के तहत वृक्षारोपण का कार्य किया गया। मुख्य रुप से जिला पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए, अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा वृक्षारोपण कार्य किए गए। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वृक्षों की सुरक्षा एवं सिंचाई का ध्यान रखेंगे। जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य के साथ बैठक करते हुए मोहनपुर प्रखंड से संबंधित पंचायतों एवं गांव में गांव की समस्याओं/ शिकायतों की समीक्षा की गई। पंचायत जनप्रतिनिधि के साथ बैठक में मुख्य रूप से विद्यालयों की स्थापना, लिफ्ट इरिगेशन की सुविधा, सड़क का निर्माण, जल हेतु बोरिंग की व्यवस्था, आहार पईन का जीर्णोद्धार एवं निर्माण, अस्पताल का निर्माण, राशन कार्ड, ग्राम कचहरी का निर्माण एवं व्यवस्था, बृद्धावस्था/विधवा पेंशन योजना, खाद्यान्न गोदामों की आवश्यकता इत्यादि की मांग की गई।

    जिला पदाधिकारी द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जिस विद्यालय में शिक्षकों की संख्या अधिक है, वैसे शिक्षकों का स्थानांतरण करते हुए कम शिक्षक वाले विद्यालयों में करें, छात्र शिक्षक का अनुपात सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में जिला पदाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंचायत के विकास कार्य में आप जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि पंचायतों में जो योजनाएं चल रही हैं तथा जो विकास के कार्य हो रहे हैं, उनका कम से कम साप्ताहिक अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो पंचायत जनप्रतिनिधि विकास कार्य में कोताही बरत रहे हैं, सरकार उनके प्रति काफी गंभीर है। पंचायत निर्वाचन अब काफी नजदीक है। विकास कार्यो को तेजी से कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पंचायतों में केंद्रीय वित्त आयोग/ राज्य वित्त आयोग द्वारा अच्छी राशि प्राप्त हो रही है। इन राशि से छोटे-छोटे विकास कार्य यथा कम दूरी के सड़कों की मरम्मती, पंचायत सरकार भवन की मरम्मती, सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार इत्यादि कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक टीम वर्क के रूप में कार्य करें तथा विकास कार्य को आगे बढ़ाएं। जिला पदाधिकारी द्वारा जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी तथा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक करते हुए जनप्रतिनिधियों के साथ किए गए बैठक तथा विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति के संबंध में उत्पन्न समस्याओं/शिकायतों से संबंधित समीक्षा पदाधिकारियों के साथ बैठक करते हुए किया तथा इन समस्याओं का निराकरण करने का निर्देश दिया। 

    बैठक में जिला पदाधिकारी ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि प्रखंड के पंचायतों/गांव में लिफ्ट इरिगेशन की संभावना को तलाशें। साथ ही जहां बोरिंग फेल हो रहे हैं, वहां बोरिंग का कार्य लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल करेंगे, वार्ड क्रियान्वयन समिति उन्हें कार्यादेश देंगे। उन्होंने पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सड़कों के निर्माण, नदी पर पुल निर्माण इत्यादि के संबंध में आवश्यक निर्देश दिया। जल जीवन हरियाली की समीक्षा के क्रम में उन्होंने निर्देश दिया कि जिन पंचायतों में कम वृक्षारोपण किए गए हैं, वहां 3 दिनों के अंदर वृक्षारोपण कराते हुए उनका जियो टैगिंग कराना सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य रूप से सरकार के सात निश्चय कार्यक्रम अंतर्गत गली नाली योजना, नल जल योजना, आहार पईन का जीर्णोद्धार एवं निर्माण, चेक डैम का निर्माण, सरकारी भवनों के ऊपर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सरकारी भवनों पर ब्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा संयंत्र का अधिष्ठापन, विभिन्न पंचायतों यथा अंकोला, गोपालखेड़ा, टेसवार इत्यादि पंचायतों में चेक डैम का निर्माण पर जोर दिया गया। नल जल योजना से संबंधित 148 योजनाओं में से 146 योजना पूर्ण की गई। साथ ही गली नाली योजना का लक्ष्य के अनुरूप कार्य भी की गई है। बैठक में उप विकास आयुक्त सुमन कुमार, अपर समाहर्ता मनोज कुमार, अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत) नरेश झा, निदेशक डीआरडीए संतोष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, शेरघाटी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, नजारत उप समाहर्त्ता, कार्यपालक अभियंता, सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी के साथ जिला पदाधिकारी द्वारा समीक्षा बैठक की गई।

    प्रमोद कुमार यादव

    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, गया, बिहार

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