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    आयुर्वेद और तकनीक के मेल से तलाशे जाएंगे प्रभावी चिकित्सा विकल्प

    आयुर्वेद और तकनीक के मेल से तलाशे जाएंगे प्रभावी चिकित्सा विकल्प

    नई दिल्ली| कोविड-19 महामारी के बाद पूरे विश्व का ध्यान भारत की प्राचीनतम चिकित्सा प्रणाली की ओर आकर्षित हुआ है। आयुर्वेद भारत की प्राचीनतम चिकित्सा प्रणालियों में से एक है। आयुर्वेदिक औषधियां अनेक जटिल रोगों के निदान में कारगर पायी गयी हैं।वर्तमान में प्राचीनआयुर्वेद और आधुनिक विज्ञानके मेल से चिकित्सा के क्षेत्र में नए विकल्प तलाशने केप्रयास जारीहैं।इसी दिशा में विभिन्नशोध-परियोजनाओंऔरशिक्षणमेंपरस्परसहयोगबढ़ानेऔरएकसाथकामकरनेकेउद्देश्यसे डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), जोधपुर ने एक आपसी सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहमति पत्र के अनुसार दोनों संस्थान शैक्षणिक एवं अनुसंधान की गतिविधियों में सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे, कौशल-विकास के कार्यक्रमों का संयुक्त रूप से संचालन करेंगे, तथा शोध प्रयोगशालाओं का परस्पर उपयोग करते हुए शैक्षणिक एवं शोध-कार्यों का संचालन भी करेंगे।

    इस सहमति-पत्र पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपति प्रोफेसर अभिमन्यु कुमार एवं आईआईटी,जोधपुर के निदेशक प्रोफेसर शान्तनू चैधरी ने हस्ताक्षर किए है।

    सहमति पत्र के संदर्भ में जानकारी देते हुएसर्वपल्ली राधाकृष्णनराजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर की कुलसचिव सीमा कविया ने कहा कि प्रस्तावित साझाशोध-गतिविधियोंकेमाध्यमसेव्यक्ति की प्रकृति सेजुड़ेआयुर्वेदकेसिद्धान्तकोआधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिकमानदंडोंमापदण्डों परपरिभाषित करने में मदद मिलेगी।इसअध्ययनसेआयुर्वेद में बताए गए तीन दोष- वात, पित्त,औरकफ कीविशिष्टताओंके अनुसार व्यक्ति-विशेष के लिये हितकर खानपान एवं दिनचर्या का निर्देशन कर पाना सम्भव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यहशोधआयुर्वेदिक औषधियों के फार्मेको-डायनेमिक्स के विश्लेषणमेंभीसहायकहोसकेगा। साथ ही साथ नाड़ी-दोष, पंचकर्म इत्यादि मेंसहायकविभिन्न उपकरणों का तकनीक के माध्यम से विकास किया जा सकेगा।पर्यावरण-प्रदूषण सेप्रभावित हुई आयुर्वेदिक औषधियोंके अध्ययनएवं जल-प्रदूषण एवं वायु-प्रदूषण के नियंत्रणसेजुड़ेकईअन्यपहलुओंपरभीइसशोधकेद्वारानयीजानकारियांसामनेआनेकीसम्भावनाहै।दोनों संस्थान जल्द ही एकसंयुक्तकार्यशाला का आयोजन करेंगेजिसमें सुझावों एवं संकल्पनाओं को एकत्रित किया जाएगा और उसी अनुरूप आगे की योजनाएं बनाई जायेंगी।

    INA NEWS(Initiate News Agency)

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