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    कांट्रेक्ट फार्मिंग में किसानों से धोखाधड़ी, मुनगा की खेती करवाने हुए थे अनुबंध

    कांट्रेक्ट फार्मिंग में किसानों से धोखाधड़ी, मुनगा की खेती करवाने हुए थे अनुबंध

    कुछ किसानों को पौधे नही मिले, कई किसानों को अमानक पौधे मिलने से मरे पौधे, कृषि मंत्री बोले एफआईआर कराएंगे,अधिकारी बोले हो रही जांच

    बैतूल| मध्य प्रदेश के बैतूल में कांट्रैक्ट फार्मिंग में किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी का मामला सामने आया है । किसान  सरकारी दफ्तरों ,नेताओं और पुलिस अधिकारियों के कार्यवाही के लिए चक्कर काट रहे हैं । इस मामले में प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के संज्ञान में आने पर उन्होंने कहा की एफआइआर कराई जाएगी अधिकारी बोल रहे हैं कि जांच चल रही है। बैतूल में उद्यानिकी विभाग ने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए उन्हें मुनगा की खेती करने का सब्जबाग दिखाया था । इसके लिए उद्यानिकी विभाग ने इंदौर की उवेगों एग्री सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से किसानों का अनुबंध कराया और कंपनी में किसानों से प्रति एकड़ बीस हजार की राशि जमा करवाई । किसानों का कहना है कि लगभग ढाई सौ किसानों का अनुबंध किया गया उनमें से कई किसानों को पौधे तो मिले लेकिन वह अमानक थे जिन्हें खेत में लगाते हैं वे मर गए और कई किसानों को आज तक पौधे नहीं मिले। किसान इसे धोखाधड़ी मान रहे हैं और भी कंपनी के साथ-साथ उद्यानिकी विभाग की उप संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं ।

    दरअसल 2 साल पहले उद्यानिकी विभाग ने बैतूल के लगभग 500 किसानों को चिन्हित कर उन्हें मुनगा की खेती करने के लिए प्रेरित किया था और इसके लिए जिन किसानों ने अनुबंध कर आए थे । उस अनुबंध में स्पष्ट था कि किसी भी विवाद की स्थिति में उद्यानिकी विभाग कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करवाएगा लेकिन कुछ दिन बाद ही जब किसानों को पौधे नहीं मिले और जिन किसानों ने पौधे लगाए वह मर गए तक इन किसानों ने अपना पैसा वापस करने के लिए उद्यानिकी विभाग के सामने गुहार लगाई तो इन किसानों के साथ दुर्व्यवहार किया गया ।

    पीड़ित किसानों ने न्याय पाने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर कलेक्टर ,एसपी, एसडीएम और पुलिस थानों में आवेदन लगाए लेकिन इनके आवेदनों पर कोई विचार नहीं हुआ । कलेक्टर बेतूल को जब किसानों ने शिकायत की तो इस मामले की जांच कृषि विभाग को दी गई है । कृषि विभाग में पदाथ सहायक संचालक दीपक सरेआम को जांच अधिकारी बनाया है । कृषि विभाग को 97 किसानों की एक सूची दी गई है जिन किसानों से कंपनी का अनुबंध हुआ था अब विभाग इस मामले की जांच कर रहा है । हालांकि यह मामला प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के पास भी पहुंचा तो उन्होंने एफआईआर का आश्वासन दिया है । अब देखना यह है कि कांट्रैक्ट फार्मिंग में किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी में क्या कार्रवाई होती है। किसान नदीम का कहना है कि जिले से लगभग ढाई सौ किसानों से अनुबंध कराया गया है मैंने 2 एकड़ जमीन के लिए चालीस हजार रुपये जमा किए थे पौधे नहीं मिले हॉर्टिकल्चर विभाग के पास गए तो वहां दुर्व्यवहार किया गया कंपनी को फोन लगाते हैं तो तो वह फोन नहीं उठाते|

    किसान रामदयाल का कहना है कि मुनगा के पौधे लगाने के बाद महसूस किया कि यह फसल बैतूल के लिए उपयुक्त नहीं है कंपनी से किसानों का कोई लेना देना नहीं है इसमें पूरी गलती हॉर्टिकल्चर की है और हॉर्टिकल्चर की उप संचालक के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई जाए| किसान गणेश मालवीय का कहना है कि इंदौर की उवेगों एग्री सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को कंपनी है उस से अनुबंध कर आया था जो लिस्ट मिली है उसमें 98 किसानों के नाम है पैसा वापस नहीं मिल रहा है सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर भटक रहे हैं|

    उपसंचालक कृषि केपी भगत का कहना है कि कलेक्टर को शिकायत की गई थी कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग इस मामले की जांच कर रहा है 97 किसानों की सूची मिली है सहायक संचालक दीपक सरेआम को जांच सौंपी गई है कंपनी को भी बयान के लिए बुलाया गया है| कृषि मंत्री कमल पटेल का कहना है कि पूरा मामला जानकारी में आने पर एफआईआर कराएंगे ऐसा ही एक मामला खातेगांव में सामने आया था जहां हमने एफआईआर कराई थी|

    शशांक सोनकपुरिया
    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, बैतूल, मध्यप्रदेश

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