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    सीएमएचओ कार्यालय के बाबू ने खाया जहर,निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत

    सीएमएचओ कार्यालय के बाबू ने खाया जहर, निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
    परिजनों ने लगाया पूर्व सीएमएचओ पर प्रताड़ना का आरोप
    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल में  सीएमएचओ दफ्तर के लिपिक ने आज सीएमएचओ कार्यालय में जहर खा लिया जिसकी निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी। लिपिक बलवंत सिंह राजपूत लम्बे समय से एक जननी एक्सप्रेस के एक्सीडेंट मामले को लेकर परेशान था। परिजनों ने इस मामले में पूर्व सीएमएचओ प्रदीप धाकड़ पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
    बताया जा रहा है कि बलवंत के पास सीएमएचओ कार्यालय में वाहनों का प्रभार था। आज वह घर से भोजन कर दफ्तर पहुचे थे। परिजनों के मुताबिक 2017 में महाराष्ट्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए एक जननी वाहन की आरसी व अन्य कागजात नही मिल रहे थे। इस मामले में अदालत में जवाब पेश किए जाने है। इसे लेकर वे लगातार तत्कालीन सीएमएचओ डॉ प्रदीप धाकड़ से आरसी बुलवाने की मांग कर रहे थे। इसके लिए भोपाल भी कई बार गए लेकिन वाहन के कागजात नही मिल रहे थे।
    वही सीएमएचओ से भी सहयोग नही मिल रहा था। जिसके कारण वे लंबे समय से तनाव में थे। कल भी इस मामले में महाराष्ट्र में इस मामले की पेशी थी।जिसमे सीएमएचओ को जाना था।लेकिन उन्हें पहुचाया गया। मृतक की पत्नी ने बताया कि वे घर से भोजन कर अच्छे से निकले थे। शायद उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय में ही कुछ जहरीली चीज खा ली। पत्नी ने उनकी मौत के लिए डॉ प्रदीप धाकड़ को जिम्मेदार ठहराया है। 
    इधर वर्तमान सीएमएचओ डॉ एके तिवारी ने इस मृत्यु पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने कल ही चार्ज लिया है। उन्हें मामले की जानकारी नही है।कर्मचारी ने कुछ देर पहले ही जीपीएफ की फाइल पर साइन करवाये थे। वे मामले की जांच करवाएंगे। इधर बाबु के जहर खाने के घटनास्थल स्पष्ट नही हो सका है। दफ्तर के अधिकांश बाबुओं ने अपने फोन बंद कर लिए है।कोई भी यह बताने को तैयार नही है कि घटना कहाँ हुई। हालांकि परिजनों के मुताबिक उन्होंने शायद जहर सीएमएचओ कार्यालय में ही खाया।

    बैतूल से शशांक सोनकपुरिया की खास रिपोर्ट

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