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    रेस्क्यू और निगरानी ऑपरेशन में मददगार होगा हलके वजन वाला ‘विभ्रम’हेलीकॉप्टर

    रेस्क्यू और निगरानी ऑपरेशन में मददगार होगा हलके वजन वाला विभ्रमहेलीकॉप्टर

    नई दिल्ली| आईआईटी कानपुर और उसकी इन्क्यूबेटेडकंपनी इंड्योरएयर ने एक कम भार वालेहेलीकॉप्टरविभ्रमका एडवांस वर्जन तैयार किया है, जिसका वजन केवल 7 किलोग्राम है| इस हेलीकॉप्टर उपयोगिता की बात करें तो इसका निर्माण कुछ इस प्रकार किया गया कि यह किसी भी क्षेत्र की निगरानी करने में सक्षम है। ठीक उसी प्रकार जिस प्रकार कोई ड्रोन निगरानी करता है।विभ्रमके माध्यम से दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों में आपातकालीन स्थिति में मेडिकल किट जैसी उपयोगी वस्तुओं को समय पर पहुंचाया जा सकता है। इन सब के साथ-साथ इस हेलीकॉप्टर को मोबाइल के माध्यम से एक एप्लिकेशन द्वाराभी संचालित किया जा सकता है।हेलीकॉप्टर में लगे सेसंर के माध्यम से न्यूक्लियर रेडिएशन की जांच भी की जा सकती है।

    इस हेलीकॉप्टर की तकनीकी विशेषताओं की बात करें तो 7 किलोग्राम का विभ्रम7.5 किलोग्राम तक का भार उठा सकता है।यह 7.5 किलोग्राम तक का भार उठाये 70 मिनट तक उड़ सकता है। छोटे आकार का होने के बाद भी यह हेलीकॉप्टर100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ सकता है। इस हेलीकॉप्टर का निर्माण कुछ इस प्रकार किया गया है कि यह शून्य से 20 डिग्री कम तापमान से लेकर 50 डिग्री तापमान में काम कर सकता है। हेलीकॉप्टर में लगे कैमरे 10 किलोमीटर दूर से वीडियो भेज सकते हैं, और 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में इस हेलीकॉप्टर से संपर्क किया जा सकता है।

    वर्तमान में, भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा राहत बल (NDRF) द्वारा विभ्रम का ट्रायल किया जा रहा है।इंड्योरएयरसिस्टम एक उन्नत विमानन प्रौद्योगिकी कंपनी है, जिसका उद्देश्य भारत के बाजार के लिए उचित विश्व स्तरीय हवाई रोबोट समाधान प्रदान करना है। इसके साथ ही कंपनी संयुक्त एयरक्रॉफ्ट सिस्टम (यूएएस) अनुसंधान और विकास के विभिन्न कार्यों में भी सहयोग करती है|

    INA NEWS(Initiate News Agency)

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