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    गरीब बेटी के साथ आपसी रजामंदी शादी करके दहेज प्रताड़ना का मामला संज्ञान में ले - परवेज अहमद

    गरीब बेटी के साथ आपसी रजामंदी शादी करके दहेज प्रताड़ना का मामला संज्ञान में ले - परवेज अहमद        कानूनी तौर पर दहेज देना व दहेज लेना दोनों है अपराध

    राजनांदगांव। दहेज प्रताड़ना राजनांदगांव जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में आए दिन अखबार की सुर्खियों में रहते हैं इसके बाद ही दहेज प्रताड़ना करने वालों की हौसला दिन पर दिन बुलंद होते जा रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष परवेज अहमद पप्पू ने बताया कि कोरोनावायरस कोविड-19 के चलते लगातार लॉक डाउन होने पर 60% लोगों का आय का साधन ना होने से सभी लोगो की स्थिति बहुत ही खराब हो गई थी, कई मुसीबतें और परेशानियों का सामना करते हुए अपना जीवन यापन किए हैं। और ऐसे विगत समय में बहुत से लोग अपनी बेटियों की शादी बिना दहेज के दोनों पक्ष मिलकर आपसी रजामंदी किए हैं। लेकिन कुछ महीने बाद पता चलता है कि दहेज ना मिलने के कारण बेटियों के साथ अन्याय व प्रताड़ित किया जा रहा है। आज भी हमारे समाज में ऐसे लोग हैं जो लगातार बहू बेटियों को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते हैं जिसके चलते बेटियों का भविष्य अंधकार में होते जा रहे हैं शासन प्रशासन से अपील है कि इनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई करें ताकि किसी की जिंदगी के साथ किसी के परिवार के साथ खिलवाड़ ना करें। आखिर कब तक गरीब बेटी अपने जीवन को दांव पर लगाकर प्रताड़ित जिंदगी से लड़ती रहेगी कानूनी तौर पर दहेज देना व दहेज लेना दोनों अपराध किस श्रेणी में आता है।

    श्री अहमद ने आगे बताया कि विश्व कोरोना वायरस संक्रामक के चपेट में आने से देश व प्रदेश की आर्थिक स्थिति पूरी तरह डगमगा जाने के बाद भी कोरोना काल से पहले गरीब परिवारों के यहां शादी का कार्यक्रम था। किंतु कोरोना वायरस संक्रामक में लॉकडाउन होने के कारण गरीब परिवारों के घरों में सामाजिक सामूहिक शादी नही हो पाया किंतु जिला प्रशासन के नियमों में शिथिलता करते हुए अनुमति लेकर शादी करने हेतु कोविड-19 के नियमो का पालन करते हुए गरीबों के घर में शादी हो पाया, लॉकडाउन में शासन से अनुमति लेकर शादी किए हैं ऐसे परिवारों के यहां दहेज के नाम पर मनमुटाव किए जा रहे हैं, जिला प्रशासन, नगर प्रशासन व महिला बाल विकास विभाग भी ओर  ध्यान दे, गरीब परिवारों के यहां दहेज की मांग के कारण नवजीवन दंपत्ति का परिवार ना टूटे इसके लिए जिला प्रशासन, नगर प्रशासन व महिला बाल विकास संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करते हुए गरीब परिवारों के यहां नवजीवन दंपत्ति में किसी प्रकार से कोई मनमुटाव ना हो इसका विशेष ध्यान रखें।

    हेमंत वर्मा
    आईएनए न्यूज़, 
    राजनांदगांव, छत्तीसगढ़

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