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    प्रधानमंत्री के 56 इंच के सीने में एक छोटा सा दिल है, जाे अपने खरबपति मित्रों के लिए धड़कता है, किसानाे का दर्द नहीं समझता: प्रियंका गांधी

    प्रधानमंत्री के 56 इंच के सीने में एक छोटा सा दिल है, जाे अपने खरबपति मित्रों के लिए धड़कता है, किसानाे का दर्द नहीं समझता: प्रियंका गांधी 

    सहारनपुर(Saharanpur). किसान महापंचायत में पहुंची प्रियंका गांधी ने अपनी भाषा में किसानाें काे तीनों कानूनों का अर्थ समझाकर पहले डराया और फिर आश्वस्त किया कि जब तक तीनाें कानून खत्म नहीं कर दिए जाते तब तक वह लड़ाई लड़ती रहेंगी। यह भी कहा कि हमारी सरकार आई ताे सबसे पहले तीनाें कानून खत्म करेंगे, एमएसपी देंगे और किसानों के हित में कानून बनाएंगे। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ( Priyanka Gandhi Vadra ) सहारनपुर के चिलकाना में किसान पंचायत काे संबाेधित कर रही थी। उन्हाेंने कहा कि प्रधानमंत्री के 56 इंच के सीने में एक छोटा सा दिल है जाे केवल अपने खरबपति मित्रों के लिए धड़कता है किसानाे का दर्द नहीं समझता।

    प्रियंका गांधी वाड्रा; फोटो- आईएनए|

    बाेली कि संसद में प्रधानमंत्री ने किसानाें काे आंदाेलनजीवी कहकर किसानाें का अपमान किया है। इस तरह किसानाें की दुखती नब्ज काे पकड़ने की काेशिश करते हुए उन्हाेंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सत्ता में आते ही 15 दिन बाद 15 हजार कराेड़ रुपये का किसानाें का बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित देने का वादा किया था लेकिन साल निकल गए भुगता नहीं मिला। नरेंद्र माेदी जी के लिए दाे हवाई जहाज 16 हजार कराेड़ रुपये में खरीदें गए ताकि वह दुनिया घूम सकें।

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     प्रियंका गांधी ( Priyanka Gandhi ) ने अपनी भाषा में ऐसे समझाए तीन कृषि कानून...

    प्रियंका गांधी वाड्रा; फोटो- आईएनए|

     पहला कानून बड़े-बड़े खरबपतियों के लिए हैं जाे स्टॉक करने के लिए उनके गाेदामाें के दरवजे खाेलेगा। दूसरा कानून सरकारी मंडियों काे खत्म कर देगा। सरकारी मंडी में किसानाें काे टैक्स लगेगा और प्राईवेट मंडी में टैक्स नहीं लगेगा। ऐसे में किसान सरकारी मंडियों की ओर जाना बंद कर देगा धीरे-धीरे सरकारी मंडियां बंद हाे जाएंगी और फिर प्राईवेट मंडियों में स्टॉक किया जाने लगेगा। काेई एमएसपी नहीं हाेगी और फिर प्राईवेट मंडी वाला अपने मनमाने दाम से फसल खरीदेगा और मनमाने समय पर मनमाने दाम से बेचेगा जिसे उसे मुनाफा हाेगा और किसान सिर्फ गुलाम बनकर रह जाएगा।

    तीसरा कानून कॉन्ट्रैक्टर फार्मिंग का है। एक बड़ी कंपनी आएगी और एक ही गांव के कुछ किसानाें काे ग्रुप में एक ही फसल उगाने काे कहेगी। किसान बुआई करेगा लेकिन बाद में जब फसल तैयार हाेगी वह कंपनी माना कर देगी कि फसल ठीक नहीं है या फिर अपने हिसाब से खरीदेगी।

    प्रियंका गांधी वाड्रा; फोटो- आईएनए|

    इस तरह किसानाें को कृषि कानून समझाने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि हरित क्रांति और स्वेत क्रांति के जरिए इस देश काे मजबूत बनाने वाला किसान है। किसान का बेटा सीमा पर देश की सुरक्षा करता है इस देश के लिए अपनी जान देता है। उसी किसान का बेटा जवान बनकर प्रधानमंत्री की भी सुरक्षा करता है लेकिन प्रधानमंत्री किसान का दर्द नहीं समझ रहे। इनके नेता राेज कहते हैं कि किसान आंदाेलन नहीं कर रहा, किसानाें काे आतंकवाादी कहते हैं। बाेली कि, किसान आंदाेलन कर रहा है अपनी मां के लिए देश के लिए। जाे व्यक्ति किसानाें का दर्द नहीं समझ सकता वह कभी भी देशभक्त नहीं हाे सकता। तंज भरे अंदाज में प्रियंका गांधी ने कहा कि माेदी जी अमेरिका हाे आए, चीन हाे आए लेकिन जिस शहर में रहते हैं उसके बॉर्डर तक नहीं जा पाए। किसानाें काे उम्मीद थी कि वाे आएंगे लेकिन वाे नहीं आए उल्टा किसानाें का मजाक उड़ाया।

    प्रियंका गांधी वाड्रा; फोटो- आईएनए|

    यह भी कहा कि जाे आदमी हवाई अड्डे, एलआईसी, बीपीसीएल, बीएचईएल, काे बेच रहा है उससे क्या आप क्या उम्मीद रख सकते हैं ? बाेली कि मैं बताने आई हूं इस आंदाेलन में, मैं आपके साथ खड़ी हूं, कांग्रेस आपके साथ खड़ी है। इसके साथ ही आपकाे जगाने आई हूं कि आपने इनका राज देख लिया अब जाग जाईए, हमारे साथ आईए। बाेली कि, जब तक कानून खत्म नहीं हाेंगे तब तक हम लड़ेंगे और आपके साथ खड़े रहेंगे। अगर कांग्रेस की सरकार आएगी ताे यह कानून खत्म किए जाएंगे। किसानाें के हित में कानून बनाएं जाएंगे। भावुक अंदाज में बाेली कि हम आपके दिलाें के साथ राजनीति नहीं करेंगे। धर्म और जाति के नाम पर आपकाे ताेड़ेंगे नहीं आपकाे जाेड़ेंगे इस तरह उन्हाेंने सभी जाति और धर्म के लाेगों से इस आंदाेलन में जुड़ने का आह्वान किया।

    सैयद उवैस अली

    आई.एन.ए. न्यूज़ एजेंसी 

    इनपुट एडिटर , नई दिल्ली ।

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