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    ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर अयोध्या बनेगी ग्रेटर रामनगरी

    ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर अयोध्या बनेगी ग्रेटर रामनगरी

    अयोध्या के समुचित विकास में 84 कोसी परिक्रमा मार्ग व 81 किमी. रिंग रोड बड़ी भूमिका निभाएंगे

    अयोध्या। धर्म नगरी अयोध्या  धीरे-धीरे अब अपनी भव्यता की तरफ  बढ़ रही है  अयोध्या के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं! नव्य अयोध्या, 84 कोसी परिक्रमा का विकास, नोएडा की तर्ज पर रामनगरी में 81 किमी परिधि में रिंग रोड बनाकर हजारों एकड़ में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक उपनगर बसाने की तैयारी है। रामनगरी के चारों ओर विस्तार की यह नई योजना जल्द सामने आ जाएगी।  राममंदिर समेत पौराणिक अयोध्या, 251 मीटर ऊंची श्रीराम की मूर्ति समेत 12 सौ एकड़ में वैदिक सिटी को लेकर भूमि सुरक्षित करने के लिए पहले फेज पर काम तेजी से चल रहा है।  अयोध्या विकास प्राधिकरण ने तय किया है कि जहां-जहां रिंग रोड लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, आजमगढ़, गोरखपुर, गोंडा हाइवे को काटेगा, वहां भव्य चौराहा बनाने के साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त बाजार भी विकसित किया जाएगा। ग्रेटर अयोध्या की परिकल्पना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खास पहल  है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश-विदेश के लोगों में अयोध्या आकर दर्शन करने की लालसा है। देश ही नहीं विश्व के उद्योगपति भी यहां पर्यटन विकास से लेकर नया शहर बसाने  के इच्छुक बताए जा रहे हैं।

    मुंबई यात्रा के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ को कई उद्योगपतियों ने अयोध्या में निवेश के प्रस्ताव दिए थे। इसी के बाद शासन ने ग्रेटर रामनगरी का खाका खींचने को कहा था। एडीए की ओर से तैयार योजना में अयोध्या के चारों ओर विस्तार की अपार संभावना दर्शाई गई है। पहले फेज में रिंग रोड रामनगरी से लखनऊ रोड पर सोहावल के पास से निकलकर रायबरेली रोड, प्रयागराज रोड, आजमगढ़ रोड को काटते हुए नव्य अयोध्या के प्रस्तावित अधिग्रहीत क्षेत्र के किनारे से निकलते हुए फोर लेन प्रस्तावित बंधा मार्ग से सीधे सरयू पुल से जुड़ेगा। लेकिन बाद में बंधा मार्ग को भी इको जोन घोषित करके एक नए पुल के जरिए इसे डीएनडी की तर्ज पर गोरखपुर मार्ग के विक्रमजोत तक नई फोरलेन बनाकर विस्तार दिया जाएगा। फिर यहीं से आगे रिंग रोड को छपिया मार्ग, गोंडा मार्ग को काटते हुए सरयू पर एक और पुल बनाकर सोहावल के पास जोड़कर पूरा किया जाएगा।

    विकास प्राधिकरण का प्लान है कि नया बाईपास जहां-जहां हाईवे पर काटेगा, वहां पर आवासीय कॉलोनियां बसाई जाएं। विकास प्राधिकरण का इरादा है कि शुरूआती चरण में कम से कम 15 सेक्टर बनाने का है। हर हाईवे को जोड़ने वाले स्थान को बड़े चौराहों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा नए बाईपास पर ही व्यावसायिक व इंडस्ट्रियल कार्यों के लिए योजना बनाई जाएगी। रामनगरी में यातायात की सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए 81 किमी के नए विकसित होने वाले रिंग रोड के दोनों तरफ विकास की प्रबल संभावनाएं होंगी। 

      बताया जा रहा है कि यहां लगभग पांच हजार एकड़ में आधुनिक सुविधाओं के साथ  ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर  स्थापित होगी। अयोध्या में आवासीय व व्यावसायिक योजनाओं के लिए भूमि की कोई कमी नहीं रहेगी। रामनगरी में यातायात सुलभ बनाने के लिए 81 किमी के रिंगरोड का डेमो हो चुका है। जिला प्रशासन की ओर से योजना पर सहमति बन चुकी है।  रिंग रोड बनने से विकास योजनाओं के लिए भूमि का अभाव नहीं रहेगा। रामनगरी विकास प्राधिकरण एक बड़ी आवासीय व व्यावसायिक योजना धरातल पर उतारने की तैयारी में है। इसमें सोहावल से विक्रमजोत के बीच नए विकसित होने वाले बाईपास के बीच पांच हजार एकड़ भूमि पर एक बड़ी आवासीय योजना विकसित करने की तैयारी है। रिंगरोड के नए बाईपास पर विकसित होनी वाली सभी सुविधाएं अति आधुनिक होंगी। इसमें सीवर से लेकर पेयजल तक की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही चौड़ी सड़कें, बिजली की पर्याप्त व्यवस्था सहित पार्क व अन्य विकास कार्यों पर फोकस होगा। हरियाली व पर्यावरण सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसका डिजाइन विश्वस्तरीय कंसलटेंट टीम से तैयार कराया जाएगा। आम आदमी से लेकर बड़े उद्योगपति तक को जगह दी जाएगी। रामनगरी के समुचित विकास में रिंगरोड बड़ी भूमिका अदा करेगा। 

    देव बक्श वर्मा अयोध्या उत्तर प्रदेश

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