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    शहर में बिजली, पानी, सफाई व डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नियंत्रण में नहीं - आशीष डोंगरे

    शहर में बिजली, पानी, सफाई व डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नियंत्रण में नहीं - आशीष डोंगरे

    राजनांदगांव। संस्कारधानी नगर पालिका निगम में कांग्रेस सरकार के एक वर्ष पुर्ण होने के बाद भी शहर मे विकास 0 है। इन दिनों शहर में बिजली पानी सफाई के साथ डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में कोई नियंत्रण नहीं होने के कारण शहर के चारों ओर कचरा बिखरे हुए हैं। इसके लिए नगर पालिका निगम में कांग्रेस की सरकार पर शहरवासी प्रश्न उठा रहे हैं । भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष व लखोली वार्ड नं. 36 के पार्षद प्रतिनिधि आशीष डोंगरे ने बताया कि संस्कारधानी के जागरूकता मतदाताओं ने विकास और विश्वास को लेकर जिस उम्मीद है। नगर पालिका निगम के कांग्रेस के मिनी सरकार ने विकास कार्य  दिखाने विकास कार्य करने का वादा किए हैं। जो आज शहर वासियों को समझ में नहीं आ रहा है। जो विकास की बात करते हैं उन्हीं के सरकार राजनंदगांव जिला मुख्यालय से 6 विभाग को दुर्ग सहित अन्य जिले में शिफ्ट किए जा रहे हैं और विकास की बात करने वाली नगर के प्रथम नागरिक व नगर पालिक निगम के महापौर चुप क्यों है इसी से समझ में आता है कांग्रेस की कथनी और करनी में कितनी अंतर है क्योंकि जिला मुख्यालय में सभी विभाग का होना अनिवार्य होता है किंतु राजनांदगांव जिला को अस्तित्व खत्म करने की बड़ी साजिश के साथ बिना किसी को जानकारी सहमत के बगैर शासकीय विभाग मुख्यालय को अन्य दुर्ग जिले के अलावा अन्य जिले में मुख्यालय ले जाने से क्या मतलब है । 

    डोंगरे ने आगे बताया कि नगर पालिका निगम में शिक्षित राजनीतिक में अनुभवी योग्य महापौर होने के बाद भी शहर की बिजली, पानी व सफाई के साथ शहर की डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गया है । और शहर के प्रथम नागरिक व  नगर पालिक निगम के महापौर विकास की बात करते हैं । महापौर सबसे पहले अपने निगम कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी को कंट्रोल अनुशासन नियंत्रण में रखने के लिए ठोस कार्यवाही नहीं करने से आम जनता निगम में जाकर अपनी समस्याएं को बतलाने लाने के लिए अधिकारी कर्मचारी के पास दर - दर भटक रहे हैं और निगम में महापौर का कोई नियंत्रण नहीं होने के कारण लोग आम जनता की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है इसी प्रकार शहर की सफाई की बुरा हाल स्थिति होने के कारण नाला नाली सड़कों गलियों की साफ सफाई नियमित नहीं होने के कारण शहरवासियों को बदबू से परेशान होना पड़ रहा है । शहरों में कीटनाशक दवाईया का कोई छिड़काव नहीं हो रहा है और कहीं हो भी रहा है तो सिर्फ दिखावा के लिए ही किए जा रहे हैं । शहर के कई वार्डों में स्ट्रीट लाइट की स्थिति बहुत ही खराब है रात होने पर गलियों में अंधेरा छाए रहते हैं असामाजिक तत्व इसका फायदा उठाकर अनेकों घटनाएं किए जा रहे हैं अगर शहर के सभी वार्डों में स्टीट लाइट की सही मरम्मत व रात में चेक किया जाए तभी शहर को अंधेरे से बचा जा सकता है । शहर के कई वार्डों में आज भी पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण लोग टैंकरों से पानी भर रहे हैं और शहर के प्रथम महिला नगर पालिक निगम के महापौर विकास की बात करते हैं शहर को टैंकर मुक्त करने की बात करते हैं । राजनांदगांव नगर पालिक निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में 18 रैंकिंग पर है तथा प्रदेश में 02 रैंकिग मिला है लेकिन आज शहर की डोर टू डोर की स्थिति क्या है शहर वासियों को बहुत अच्छा से मालूम हो गया है शहर में डोर टू डोर की स्थिति अत्यंत खराब होने के कारण नियमित कचरा कलेक्शन नहीं होने के कारण शहरवासियों खुले में कचरा फेंकने के लिए मजबूर है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में किसी प्रकार से नगर निगम का कोई नियंत्रण नहीं होने के कारण मनचाहे डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर रहे हैं। सिर्फ शहर में दिखावे के लिए डोर टू डोर कचरा कलेक्शन होना बताया है जिस तरह आज डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की स्थिति है इससे साफ जाहिर होता है नगर पालिका निगम को डोर टू डोर कचरा कलेक्शन से कोई मतलब नहीं है ना ही नियंत्रण करने के लिए जिम्मेदार हैं अगर ऐसी स्थिति रहे तो आने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में राजनांदगांव नगर पालिका निगम का ग्राफ निश्चित गिर सकता है । इसके लिए अब राजनांदगांव शहरवासी जिम्मेदार नहीं है जब आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को बेहतर रैंकिंग नहीं मिलेंगे इसके लिए भी शहर की प्रथम महिला महापौर केंद्र सरकार को दोषी ठहराएंगे क्योंकि पिछले कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी के महापौर मधुसूदन यादव ने अपने कार्यकाल में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन को शहर में बेहतर  व्यवस्था सेवा देने के लिए बहुत अच्छा प्रयास किया था।  जिसका फल स्वच्छता सर्वेक्षण में राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ प्रदेश में 02  स्थान व देश 18 स्थान प्राप्त है। अभी भी शहर में बिजली, पानी, सफाई व डोर टू डोर कचरा कलेक्शन पूरी मजबूती के साथ किया जा सकता है लेकिन कथनी और करनी को भूलकर शहर के विकास में ध्यान दे तभी शहर में विकास देखने को मिलेंगे तभी शहर स्वच्छ सुंदर मॉडल बनेंगे।

    हेमंत वर्मा

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