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    अयोध्या: राम मंदिर नीव निर्माण का कार्य मकर संक्रांति से, मंदिर निर्माण लोकसभा चुनाव के पहले दिसंबर 2023 तक पूरा होगा

    अयोध्या: राम मंदिर नीव निर्माण का कार्य मकर संक्रांति से, मंदिर निर्माण लोकसभा चुनाव के पहले  दिसंबर 2023 तक पूरा होगा 

    राम मंदिर 360 फीट लंबा और 235 फीट  चौड़ा होगा, राम मंदिर में 32 सीढ़ियां चढ़कर भक्त कर सकेंगे दर्शन।

    अयोध्या।  अच्छे काम  पूरा होने में समय लगता है किंतु कार्य ठीक से संपादित होता है  ऐसे ही कुछ श्री राम मंदिर निर्माण में चल रहा है ! अयोध्या में राम मंदिर के  कार्य  मकर संक्रांति से प्रारंभ हो जाएगा  मंदिर बनने में करीब 3 साल का समय लगेगा  जो दिसंबर 2023 तक  पूरा हो जाएगा  यानी लोकसभा चुनाव के पहले  मंदिर में लोग  दर्शन पूजन करना शुरू कर देंगे  और उद्घाटन भी हो जाएगा  ऐसा जानकारों का मानना है! श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय ने कहा कि मकर संक्रांति से राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो जायेगा. मंदिर को मजबूत और दीर्घायु बनाने के लिए देश के बड़े इंजीनियर और वैज्ञानिकों की टीम कार्य कर रही  मन्दिर को मजबूत बनाने के लिए मुंबई, गुवाहाटी और चेन्नई स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के विशेषज्ञ लगे हुए हैं. उन्होंने बताया कि मंदिर 360 फुट लंबा और 235 फुट चौड़ा होगा. मंदिर के शिखर की ऊंचाई 161 फुट होगी. मंदिर दर्शन करने जाने के लिए भक्तों को 32 सीढ़ियों से करीब साढ़े सोलह फुट ऊपर चढ़ना  होगा मंदिर के नीव में लोहे की जगह तांबे के कील पत्तियों का प्रयोग किया जाएगा. मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह अभियान 14 जनवरी से शुरू किया जाएगा जो 27 फरवरी तक चलेगा. लाखों कार्यकर्ता घर-घर जा कर धन संग्रह करने का काम करेंगे!मकर संक्रांति तक तैयार हो जाएगी श्रीराम मंदिर की मजबूत नींव की ड्राइंग की जाएगी।





     राममंदिर की मजबूत नींव की ड्राइंग फाइनल करने के काम में देशभर के विशेषज्ञ जुटे हैं। एनजीआरआई हैदराबाद की आठ सदस्यीय टीम भी अयोध्या पहुंच गई है। टीम रामजन्मभूमि परिसर में जमीन की 200 फीट तलहटी तक अध्ययन कर रही है। मकर संक्रांति  के पहले राममंदिर की मजबूत नींव की ड्राइंग फाइनल हो जाएगी।  मकर संक्रांति से राममंदिर के नींव का काम भी प्रारंभ कर दिया जाएगा। राममंदिर की नींव बहुत मजबूत हो, इसके लिए भारत के वैज्ञानिक, प्रोफेसर जुटे हुए हैं। साथ ही आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की, आईआईटी गुवाहाटी, आईआईटी चेन्नई, आईआईटी मुंबई, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सूरत, एसबीआरआई रुड़की, टाटा और लार्सन टुब्रो के इंजीनियर्स सामूहिक विचार में लगे हैं। नेशनल जियो टेक्नालॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट  हैदराबाद की टीम अयोध्या पहुंच चुकी है।

    उसकी टीम के आठ इंजीनियर जमी के 200 फीट भीतर तक जांच कर रही है। भूकंप के झटके और सरयू नदी की जलप्रवाह की धरती के अंदर तलहटी का गहन अध्ययन हो रहा है। बहुत जल्द यानी मकर संक्रांति तक एक मजबूत नींव की डिजाइन फाइनल हो जाने की पूर्ण आशा है। अध्ययन करने पर पता चला कि मंदिर स्थान पर 70 मीटर तक बलुई मिट्टी है। सीमेंट की आयु थोड़ी होती है, लगभग 150 वर्ष इसलिए सीमेंट की आयु बढ़कर करीब 300-400 वर्ष हो जाए इस पर काम चल रहा है।  मंदिर का परकोटा पांच एकड़ के आस-पास होगा। शेष 65 एकड़ जमीन में क्या-क्या बने इसकी बात तय हो चुकी है। मंदिर निर्माण में चार लाख घन फीट पत्थर लगेेंगे।

     राम मंदिर का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा.. यानी करीब 3 सालों में राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा और भक्त रामलला के दर्शन कर पाएंगे. मंदिर निर्माण के दौरान फंड की कमी ना हो इसके लिए भी मंदिर निर्माण समिति जनसंपर्क का एक विशाल अभियान चलाएगी.

    देव बक्श वर्मा

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