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    धान खरीदी के पूर्व ठोस योजना तैयार न होने के कारण धान खरीदी बंद होने के कगार पर - शिवसेना

    धान खरीदी के पूर्व ठोस योजना तैयार न होने के कारण धान खरीदी बंद होने के कगार पर - शिवसेना
    (धान का परिवहन नही, बारदाना की कमी, अरबो रूपये का धान खुले आसमान में, शिवसेना द्वारा आंदोलन की तैयारी)
    राजनांदगांव। धान खरीदी के पूर्व कोई ठोस व्यवस्था न करने के कारण आज 30 प्रतिशत धान खरीदी हुई नही है और कई धान खरीदी केन्द्र बंद होने के कगार है धान खरीदी केन्द्रों में धान का उठाव नहीं हो रहा है। बारदाना नहीं है यही वजह है कि आज धान खरीदी केन्द्र बंद होने के कगार पर है। शिवसेना ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही ठोस व्यवस्था नही की गई तो शिवसेना किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगी।
    शिव सेना के प्रदेश महासचिव राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि पूरे प्रदेश में 21 लाख से अधिक किसानों ने शासकीय सोसायटी में धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है पिछले साल की अपेक्षा 10 प्रतिशत किसानों की संख्या बढ़ी है उसके बाद भी अधिकारियों ने जमकर लापरवाही बरती। श्रीवास्तव ने कहा कि पहले नवम्बर माह से फरवरी माह तक धान खरीदी की जाती थी लेकिन इस बार दिसम्बर  माह से जनवरी माह तक केवल 41 दिन ही धान खरीदी हो रही है श्रीवास्तव ने कहा कि अधिकारियों ने धान खरीदी के पूर्व कोई ठोस योजना तैयार नही की थी यही वजह है कि अभी 50 प्रतिशत की धान खरीदी हुई नही है और पूरी व्यवस्था चरमरा चुकी है कई सोसाइटीयों में धान रखने के लिए जगह नही है बारदाना भी समाप्त हो चुका है यही वजह है कि आज धान खरीदी बंद होने के कगार पर है। 
    श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व में मिलर्स एवं संग्रहण केन्द्र स्वयं हमाल लेकर आते थे लेकिन  इस बार अधिकारियों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है कि हमाल की व्यवस्था समिति द्वारा की जायेगी इससे किसानों की समिति तबाह हो जायेगी इस बात को नहीं नकारा जा सकता अगर सोसायटी के  हमाल ट्रकों में धान भरने का काम करेंगे तो तौल और बारदाना की सिलाई कौन करेंगा। 
    श्रीवास्तव ने कहा कि अरबो रूपये का धान खरीदी केन्द्रों में पड़ा हुआ है अगर मौसम खराब हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा। कई समितियों में अब तक एक बोरा धान तक का उठाव नहीं हुआ है धान रखने के लिए जगह नही है अधिकारियों द्वारा यह निर्देश जारी की जा रही है कि अब किसानों के ही बारदाना में धान खरीदी की जायेगी लेकिन इस बात को नजर अंदाज किया गया कि किसानों के पास प्लाटिक की बोरी है जुट का बोरी कहा से लायेगें। उधर बारदाना की दाम डबल हो गई है इससे किसानों को बडा नुकसान होगा। शिवसेना के शोभाशंकर त्रिपाठी, दिनेश ताम्रकार, झानचंद लोढ़ा, नारायण झा, कौशलेन्द्र सिंह, भानुप्रताप वर्मा, राजेश ताम्रकार , ओमप्रकाश साहू, नीलकंठ यादव, थरवेतन साहू, संजय यादव, गंगदेव वर्मा , गोविन्द साहू, नारद आडिल,,संजय यादव, हेंमन्त सोनी, संजय सर्पे, राजकु मार साहू, महावीर वर्मा , शेखूलाल साहू, गुडडू त्रिपाठी, बरातू साहू , कृष्णा, विशाल,पप्पू सहित सभी शिव सैनिकों ने सरकार से मांग की है कि वे तत्काल अधिकारियों को निर्देश दे की किसानों की धान खरीदी की ठोस व्यवस्था करें।
    हेमंत वर्मा

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