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    अयोध्या: त्रेता युग वाली अयोध्या बनाने के लिए सरकार का हर संभव प्रयास

    अयोध्या: त्रेता युग वाली अयोध्या बनाने के लिए सरकार का हर संभव प्रयास 

    81 किमी. के दायरे में बनेगी रिंग रोड, अयोध्या के चौमुखी विकास के लिए खाका तैयार

    अयोध्या|  मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन धर्म नगरी अयोध्या में जल्द ही 81 किमी. के दायरे में छह लेन रिंग रोड बनेगी। अयोध्या को त्रेतायुग वाली अयोध्या बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है  निकट भविष्य में अयोध्या विश्व के मानचित्र पर स्थापित होगी और दुनिया का सबसे सुंदर धर्मनगरी होगी| रिंग रोड बनने से अयोध्या के चारों तरफ न सिर्फ नई अयोध्या आकार लेगी बल्कि यहां विकास कार्य। राममंदिर बनने के साथ ही आने वाले दिनों में यहां श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ेगा तो भीड़ को नियंत्रित करने में रिंग रोड मददगार साबित होगी।  शहर में जाम से भी निजात मिल सकेगी। योजना का डीपीआर तैयार हो चुका है।





    राममंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना को लेकर शासन-प्रशासन ने कई योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है।  नगर निगम के सीमा विस्तार से अयोध्या-गोरखपुर हाईवे अब नगर निगम क्षेत्र के बीच में आ जाएगा। हाईवे के बीच में आने से इस पर ट्रैफिक का दबाव  तय है। इस दबाव को कम करने के लिए रिग रोड का निर्माण जरूरी बताया जा रहा है। इससे नेपाल के अलावा बलरामपुर, गोरखपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए अयोध्या से गुजरने के बजाय नया मार्ग सुलभ होगा।  एक वर्ष पहले भी 46 किमी. के दायरे में रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। हाईवे स्थित मुमताजनगर के आगे झंझरी पुल के पास से प्रस्तावित था। लेकिन शासन की हरी झंडी न मिलने से योजना फाइलों से आगे नहीं बढ़ सकी। अब नए सिरे से 81 किमी. मार्ग का जो खाका खींचा है, उसे रिंग रोड का नाम दिया गया है।

    यह सआदतगंज से लोलपुर गोंडा तक व लोलपुर से वाया कटरा नवाबगंज होकर बलरामपुर-अयोध्या-प्रयागराज से जुड़ेगा। नवाबगंज से कनेक्ट होने के साथ हाईवे में जुड़ने से यातायात में आसानी होगी। बस्ती जाने वाले वाहन इसी रिंग रोड का इस्तेमाल कर शहर के बाहर से निकल जाएंगे। 81 किमी. के रिंगरोड के लिए अधिग्रहण की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। राजस्व विभाग की टीम रिंग रोड के क्षेत्र में आने वाली जमीन के अधिग्रहण को लेकर रूपरेखा बनाने में जुट गई है। जमीन चिह्नित किए जाने के बाद अधिग्रहण की तैयारी होगी। किसानों से जमीन अधिग्रहण करने के लिए उन्हें कीमत अदा की जाएगी। ऐसा होने से रिंगरोड के एरिया में आने वाले व सरयू के कछारीय इलाकों के जमीनों के दाम आसमान पर होंगेे। वहीं इन क्षेत्र में नई अयोध्या विकसित होने की संभावना भी होगी। इससे अयोध्या का विकास भी होगा और विस्तार भी। रिंगरोड से रामनगरी में मेलों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में भी आसानी होगी। अयोध्या में वर्ष भर तीन बड़े मेलों सहित अन्य धार्मिक आयोजनों में लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में रिंग रोड बन जाने से शहर में वाहनों का दबाव कम होगा। साथ ही यहां जाम जैसी समस्या से भी निजात मिलेगी। बड़े वाहन एवं चार पहिया वाहन भी शहर के बाहर से ही अपने गंतव्य को निकल पाएंगे। 

    राममंदिर निर्माण के साथ ही साथ ही हमारा फोकस यात्री सुविधाओं को भी विकसित करने पर है। मंदिर बनने के साथ ही  भीड़ बढ़ेगी इसको ध्यान में रखते हुए अयोध्या  6 लेन रिंग रोड का निर्माण शुरू किया जाएगा। अयोध्या के विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय आर्किटेक्ट का चयन भी होना है, जिसके लिए शीघ्र ही टेंडर होगा। 

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या उत्तर प्रदेश

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