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    अपने सखा गिरीश मिश्र को फोन करके कुशलक्षेम पूछा करते थे पूर्व पीएम

    अपने सखा गिरीश मिश्र को फोन करके कुशलक्षेम पूछा करते थे पूर्व पीएम
    अटल बिहारी बाजपेई का सीतापुर से था लगाव, स्वेदश व पांचजन्य में दोनो साथ करते थे काम
    कई बार जनसभाओं को किया संबोधित, अटल स्मृति पुण्य तिथि पर विशेष
    सीतापुर। प्रखर वक्ता व भारत रत्न से विभूषित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई का सीतापुर की माटी से बेहद लगाव रहा है। प्रधानमंत्री का पद सुशोभित करने से पूर्व वह कई बार जनसभाओं को संबोधित कर चुके थे। दिवंगत गिरीश मिश्र उनके बचपन के सखा थे और स्वदेश तथा पांचजन्य अखबार में दोनों एक साथ काम कर चुके थे। बचपन के मित्र गिरीश जी का अक्सर वह फोन करके कुशलक्षेम पूछते रहते थे।
    स्व. गिरीश चंद्र मिश्र की वयोवृद्ध धर्मपत्नी ऊषा मिश्रा बताती हैं कि ग्वालियर के विक्टोरिया काॅलेज में अटल व उनके पति ने एक साथ ही स्नातक की पढ़ाई की थी। संघ से जुड़ाव होने के कारण दोनों में गहरी मित्रता थी।
    वर्ष 1977 में गांधी पड़ाव पर एक जनसभा को संबोधित करने आए पूर्व प्रधानमंत्री ने लालबाग चौराहे पर गिरीश मिश्र को देखा तो गाड़ी रुकवाकर उससे नीचे उतरे और उनका हालचाल पूछा।
    हिंदी दैनिक स्वदेश अखबार में वर्ष 1950 मेें अटल जी बतौर प्रधान संपादक व गिरीश मिश्र बतौर सह संपादक एक साथ कार्य कर चुके थे। अटल जी की प्रेरणा से 1952 से 56 तक गिरीश मिश्र पांचजन्य अखबार में संपादक रहे थे। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 23 मई 2001 को पूर्व प्रधानमंत्री ने गिरीश मिश्र को पांचजन्य नचिकेता पुरस्कार से सम्मानित किया था। इसी दिन पूर्व पीएम ने गिरीश मिश्र इनकी पत्नी ऊषा मिश्रा व पुत्र आशीष मिश्र ‘गीतू’ अपने आवास पर दावत के लिए बुलाया था। वर्ष 2007 में गिरीश मिश्र की सेहत बिगड़ी तो अटल जी अक्सर ही फोन करके उनका हाल जानते रहते थे।
    अटल जी का सबसे पहले 60 के दशक में सीतापुर आना हुआ था। वर्ष 1967 में जनसंघ की एक बैठक में शामिल होने बिसवां आए थे। वर्ष 1972 में राजकीय इंटर काॅलेज मैदान पर एक जनसभा को उन्होंने संबोधित किया था। वर्ष 1985 में पार्टी के कार्य से पुनः सीतापुर आना हुआ था। वर्ष 1995 को राजा काॅलेज मैदान पर चुनावी जनसभा को पूर्व प्रधानमंत्री ने संबोधित किया था। 13 दिन की सरकार गिरने के बाद वर्ष 1999 में मिलिट्री ग्रासफार्म पर विशाल जनसभा को संबोधित किया था। भले ही इसके बाद अटलजी का सीतापुर आना नहीं हुआ हो लेकिन सीतापुर उन्हें अपनी स्मृतियों में आज भी संजोये हुए है।

    शरद कपूर
    INA NEWS सीतापुर

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