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    कोई भी पात्र लाभार्थी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के लाभ से वंचित न रहने पाये- जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह

    कोई भी पात्र लाभार्थी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के लाभ से वंचित न रहने पाये- जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह

    शाहजहांपुर| कृषकों के लिए संचालित मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत लाभार्थी के प्रार्थना-पत्र को तहसील में विलम्ब से प्राप्त होने के लिए लेखपाल तथा तहसीलदार एवं तहसील के कर्मिकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा है। लेखपाल का दायित्व है कि लाभार्थी से प्रार्थना-पत्र लेकर समयान्तर्गत त्वरित कार्यवाही करें। किसी भी दशा में विलम्ब के कारण लाभार्थी लाभ से वंचित न रहने पाये। यह निर्देश जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने दिये है। उन्होंने कहा है कि कृषकों की दुर्घटनावश मृत्यु/दिव्यांगता की दशा में अधिकतम रू0 5.00 लाख की सहायता राशी देय होगी। योजना में खातेदार/सहखातेदार के साथ-साथ उनके परिवार के ऐसे कमाऊ सदस्य जिनकी आजीविका का मुख्य श्रोत खातेदार/ सहखातेदार के नाम दर्ज भूमि से होने वाली आय है तथा ऐसे भूमिहीन व्यक्ति जो पट्टे से प्राप्त भूमि पर अथवा बटाई पर कृषि कार्य करते हैं तथा जिनकी जीविका का मुख्य साधन ऐसे पट्टे अथवा बटाई पर ली गयी भूमि पर कृषि कार्य है, को सम्मिलित किया गया है। 



    जिलाधिकारी ने बताया है कि आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की अधिकतम अवधि (45 दिन ) निर्धारित है। अपरिहार्य परिस्थिति में उक्त अवधि को एक माह तक बढ़ाने का अधिकार जिलाधिकारी में निहित है। किसी भी दशा में ढाई माह (75) के पष्चात आवेदन पत्र पर विचार नहीं किया जायेगा। उक्त निर्देशों के अनुसार किसी प्रकार की दुर्घटना से आच्छादित पीड़ित व्यक्ति, ग्राम प्रधान, बी0डी0सी0 सदस्य एवं समस्त ग्राम स्तरीय कार्मिक अथवा जन-सामान्य व्यक्ति दुर्घटना से मृत्यु/विकलांगता की सूचना सम्बन्धित उप जिलाधिकारी/तहसीलदार/ लेखपाल को तत्काल यथासम्भव माध्यम से उपलब्ध कराएं। ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना के लाभ से वंचित न रहने पाये।

    फ़ैयाज़ उद्दीन, शाहजहाँपुर

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