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    किसानों की सभी मांगें अविलम्ब पूरी करें मोदी सरकार

    किसानों की सभी मांगें अविलम्ब पूरी करें मोदी सरकार
    (विवादास्पद कृषि कानून वापस ले तथा कर्मचारियों की पुरानी पेंशन भी तत्काल बहाल करें - प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू)
    रायपुर। देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे किसानों के आंदोलन को अब छत्तीसगढ़ प्रदेश के कर्मचारियों का भी समर्थन मिलने लगा है। यह बात उल्लेखनीय है कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा विगत दिनों बनाए गए विवादास्पद कृषि कानून का विभिन्न राज्यो के किसान संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। कृषि कानून के बारे में तरह-तरह की बाते की जा रही है, सरकार का कहना है कि यह कानून किसानों के लिए फायदेमंद है लेकिन किसानों का कहना है कि उक्त कानून किसानों के खिलाफ है, यह काला कानून है, इससे किसानों को भारी नुकसान होगा।
                 "छत्तीसगढ़ राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ" के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए "जय कर्मचारी - जय किसान" का नारा दिया है, उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर किसानों के द्वारा किए जा रहे आंदोलन का खुला समर्थन करते हुए किसान और कर्मचारियों को भारत देश के आत्मा की संज्ञा दी है। जाकेश साहू ने कहा है कि इस देश को कर्मचारी और किसान ही चला रहे है ऐसे में किसान और कर्मचारीयो के मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए। किसान इस देश की आत्मा है, देश के 80 % आबादी गांवों में बसती है जिनका जीवन कृषि कार्यो पर ही निर्भर है।
             जब किसान अन्न उगाता है तब इस देश के सवा सौ करोड़ देशवासियों की भूख मिटती है। सरकार को चाहिए कि वो किसानों के हित में कानून बनाए। और जो कानून किसानों के लिए नुकसान दायक है उसे तत्काल रद्द करें। केंद्र सरकार ने विगत दिनों केंद्रीय कृषि कानून बनाया है लेकिन जब देश के किसान उक्त कानून से नाराज होकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली कुच कर गए है ऐसे में इस कानून को अविलम्ब रद्द कर देनी चाहिए। आखिर जिस कानून को किसान सही नहीं मान रहे है तो फिर उस कानून का कोई मतलब ही नहीं है।
              प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू ने केंद्र की मोदी सरकार से यह भी मांग की है कि सरकार देशभर में अविलम्ब कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करें। चूंकि सन 2004 में केंद्र की अटल बिहारी बाजपेयी सरकार ने एक कानून बनाकर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बंद करके नई पेंशन योजना लागू कर दिया है जो कि कर्मचारियों के हित मे बिल्कुल भी नहीं है ऐसे में उक्त कानून को रद्द कर पुरानी पेंशन यथावत बहाल करें। अन्यथा पेंशन के लिए आनेवाले दिनों में अब किसानों की तरह देशभर के कर्मचारी भी अपना काम छोड़ देश की राजधानी दिल्ली में अपना डेरा जमाएंगे।

    हेमंत वर्मा

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