Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने मनाया अपना 7 वां स्थापना दिवस

    मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने मनाया अपना 7 वां स्थापना दिवस

    (एमएमएमयूटी ने 58 वर्ष और विवि के रूप में 7 वर्ष पूरे कर लिए हैं। पिछले सात वर्षों में विवि ने आधारभूत संरचना)

    गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की सातवीं वर्षगांठ एवम् स्थापना दिवस समारोह के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया गया जाएगा। इस वेबिनार में एम एम एम यू टी के 1990 बैच के पूर्व छात्र डॉ जितेंद्र मोहन भारद्वाज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कॉफॉर्ज लिमिटेड, नोएडा एवम् वर्ष 1974 बैच के पूर्व छात्र श्री ए के सिंह, अध्यक्ष, माइक्रोमैक् इंजीनियर्स एंड यूनिट्रांस पॉवर लिमिटेड मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। वेबिनार का उद्घाटन एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो जे पी पांडेय ने किया। अपने उद्घाटन वक्तव्य में कुलपति ने कहा कि एक संस्थान के तौर पर एम एम एम यू टी ने 58 वर्ष पूरे कर लिए हैं और वि वि के रूप में 7 वर्ष पूरे कर लिए हैं। पिछले सात वर्षों में वि वि ने आधारभूत संरचना, शिक्षकों की संख्या, छात्रों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि यह मालवीय परिवार के लिए गर्व का विषय है कि इस संस्थान के पूर्व छात्रों ने काफी नाम अर्जित किया है और आज इस संस्थान के स्थापना दिवस समारोह से आमंत्रित अतिथि के रूप में जुडे़ है। 



    कुलपति ने आशा व्यक्त की कि हमारे पूर्व छात्रों, अपने शिक्षकों, और छात्रों की मदद से हम एम एम एम यू टी को एक वैश्विक महत्व का संस्थान बनाएंगे। कुलपति ने बताया कि एम एम एम यू टी चार बी टेक पाठ्यक्रम एन बी ए प्रमाणित हैं, वि वि ने नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, वि वि को यू जी सी 12 बी का दर्जा मिल गया है। वि वि अपने पाठ्यक्रमों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप  को अद्यतन करने के लिए प्रयासरत है। वि वि अपने आधारभूत ढांचे के विकास के लिए भी प्रयासरत है। वि वि का सदैव यह प्रयास रहेगा कि बदलती हुई दुनिया के हिसाब से विवि सदैव अपने को अद्यतन करता रहे।  उन्होंने बताया कि वि वि ने अपनी ज़्यादातर कक्षाओं को वर्चुअल क्लासरूम में परिवर्तित कर दिया है। इसके अलावा, वि वि एक लेक्चर रिकॉर्डिंग स्टूडियो भी विकसित कर रहा है जहां शिक्षक अपनी कक्षाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकेंगे और यह रिकॉर्डिंग वि वि की वेबसाइट पर छात्रों के लिए उपलब्ध रहेगी। उन्होंने पिछले सात वर्षों में वि वि की अन्य उपलब्धियों कि भी चर्चा की। अपने उद्बोधन के अंत में कुलपति ने सभी छात्रों, शिक्षकों, एवम् पूर्व छात्रों को सातवें स्थापना दिवस की बधाई दी। इसके पूर्व, वि वि के एल्युमनी एवम् बाह्य मामलों के अधिष्ठाता प्रो सुनील कुमार श्रीवास्तव ने स्वागत वक्तव्य दिया। आमंत्रित वक्ता के रूप में बोलते हुए डॉ जितेंद्र मोहन भारद्वाज ने साइबर सुरक्षा के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में विकसित देशों के मुकाबले बहुत तेज़ी से वृद्धि हुई है। और इसमें भी मोबाइल पर इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या सर्वाधिक है। इंटरनेट की व्यापक उपयोगिता के कारण अब लोगों की बहुत सारी व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप में मौजूद है। परन्तु जितनी तेज़ी से इंटरनेट का प्रसार बढ़ा है, उतनी तेज़ी से इंटरनेट साक्षरता नहीं बढ़ी है परिणाम है साइबर अपराधों में वृद्धि ऐसे में साइबर सुरक्षा भविष्य की चुनौती है आने वाले समय में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सबसे ज़्यादा नौकरियां होंगी। कंपनियां भी साइबर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सॉफ्टवेयर बनाएंगी दूसरे आमंत्रित वक्ता के रूप में बोलते हुए श्री अवधेश कुमार सिंह ने नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि भविष्य नवीकरणीय ऊर्जा का ही है उन्होंने कहा कि हमें ऐसी तकनीक विकसित करनी होगी जिससे कि ऊर्जा के परंपरागत साधनों जैसे कि कोयला, पेट्रोल, डीजल आदि पर निर्भरता खत्म की जा सके उन्होंने भविष्य के इंजीनियरों को आह्वान किया कि वे भविष्य की ज़रूरत को समझें और उसके अनुसार तकनीक विकास की दिशा में काम करें। कार्यक्रम के अंत में वि वि के अधिष्ठाता  शिक्षक मामले प्रो यू सी जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो वी के द्विवेदी और डॉ अभिजित मिश्र ने किया। कार्यक्रम के दौरान वि वि के शिक्षक, छात्र छात्राओं सहित दर्जनों पूर्व छात्र मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान छात्र छात्राओं ने वक्ताओं से सवाल भी पूछे जिनका वक्ताओं ने उत्तर दिया।

    अमित कुमार सिंह

    गोरखपुर

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.