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    यूपी में चार चरणों में एक साथ होंगे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, हर वोटर को मिलेंगे 4 मतपत्र

    यूपी में चार चरणों में एक साथ होंगे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, हर वोटर को मिलेंगे 4 मतपत्र

    लखनऊ। प्रदेश में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव इस बार एक साथ होंगे।अभी तक की तैयारियां मार्च 2021 में चुनाव कराने की हैं। आरक्षण का फार्मूला जल्द तय हो जाएगा।वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाएगी। बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों(ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत) का कार्यकाल क्रमश: 25 दिसंबर, 14 जनवरी और 18 मार्च को समाप्त हो रहा है।25 दिसंबर को आधी रात से ग्राम पंचायतें भंग हो जाएंगी।कोविड-19 के चलते प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं। 

    ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर से संबंधित विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) को प्रशासक नियुक्त कर दिया जाएगा।जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलाधिकारी और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष(ब्लाक प्रमुख) का कार्यकाल पूरा होने पर उप-जिलाधिकारी(एसडीएम) को प्रशासक तैनात किया जाएगा। शासन ने पंचायत चुनाव कराने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी प्रारंभ कर रखी है।सरकार की मंशा मार्च में पंचायत चुनाव कराने की है।पिछली बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव एक साथ हुए थे और क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के चुनाव अलग से हुए थे।इस बार समय बचाने के लिए चारों पदों के चुनाव एक साथ कराने की तैयारी है।यानी, एक मतदाता को इस बार चार बैलेट पेपर पर मुहर लगानी होगी।मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर ग्राम प्रधान-ग्राम पंचायत सदस्य और बीडीसी(क्षेत्र पंचायत सदस्य)-जिला पंचायत सदस्य के लिए अलग-अलग बूथ बनाए जाएंगे।यानी, प्रत्येक बूथ में वोटर को दो बैलेट पेपर देकर भेजा जाएगा।

    त्रिस्तरीय पंचायतों के वार्डों का आरक्षण फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।पिछली बार क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों का आरक्षण चक्रानुक्रम में किया गया था जबकि ग्राम पंचायतों के आरक्षण की शून्य से शुरुआत हुई थी।साथ ही इस बार आरक्षण का क्या फार्मूला होगा? यह जल्द ही तय हो जाएगा।  वार्डों का आरक्षण पूरा होने पर शासन इसकी जानकारी निर्वाचन आयोग को देगा।इसके बाद आयोग कभी भी चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है।राज्य सरकार चार चरणों में चुनाव कराना चाहती है। चारों चरण का मतदान मार्च में होगा।कोशिश है कि 31 मार्च तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।पंचायतीराज विभाग की अभी तक की तैयारियों के मुताबिक फरवरी के अंतिम सप्ताह में चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है। इसके साथ ही प्रदेश में 28 नई नगर पंचायतों के गठन और पुराने के विस्तार के बाद प्रदेश के शहरी क्षेत्र की जनसंख्या में 9,05,700 और क्षेत्रफल में 57,474 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर 31.16 प्रतिशत शहरी क्षेत्र है। वहीं प्रदेश में मात्र 22 फीसदी ही शहरी क्षेत्र हैं।इसे राष्ट्रीय स्तर तक लाने के लिए ही सरकार शहरीकरण का आंकड़ा बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है।

    आईएनए न्यूज़ एजेंसी, उत्तर प्रदेश

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