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    बैतूल: मक्का के समर्थन मूल्य को लेकर किसानों का आंदोलन, मंडी के गेट पर तालाबंदी कर किया प्रदर्शन, जमकर की नारेबाजी

    बैतूल: मक्का के समर्थन मूल्य को लेकर किसानों का आंदोलन, मंडी के गेट पर तालाबंदी कर किया प्रदर्शन, जमकर की नारेबाजी

    बैतूल. मध्य प्रदेश के बैतूल में किसानों ने मक्का के समर्थन मूल्य को लेकर कृषि उपज मंडी बडोरा के परिसर में आंदोलन किया और मंडी के गेट पर तालाबंदी कर नारेबाजी की। किसानों ने एमएसपी पर मक्का की खरीदी न किये जाने से नाराज होकर मंडी में तालाबंदी कर दी। किसानों ने यहां प्रदर्शन किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौपकर मंडी की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग की।

    सुबह से ही अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे किसान आज नाराज हो गए। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्का की खरीदी न किये जाने और मंडी में। किसानों की उपज शैडो से बाहर रखने पर हंगामा कर दिया। किसानों ने मंडी गेट पर प्रदर्शन करते हुए वहां तालाबंदी कर दी। करीब एक घंटे चले हंगामे के बाद मंडी प्रशासन और अधिकारियों की समझाइश के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म किया। कल किसानों ने यहां एमएसपी न मिलने तक मंडी में मक्का की फसल बेचने से इंकार कर दिया था। किसानों की नाराजगी इस बार फसल पंजीयन न कराने को लेकर भी है। इस समय बैतूल मंडी में मक्का की बंपर आवक है। एक अनुमान के मुताबिक इस समय मडी में 20 हजार क्विंटल से ज्यादा मक्का खुले आसमान तले पड़ा है। इस साल जिले में एक लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मका की बुवाई की गई थी।

    आपको बता दे कि समर्थन मूल्य खरीदी के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने इस साल मक्का उपज का पंजीयन नहीं करवाया है, जिसके चलते किसानों को कम भाव में मक्का उपज बेचना पड़ रही है। वर्तमान में मक्का उपज का भाव 1000 से 1300 प्रति क्विंटल मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने मक्का का प्रति क्विंटल लागत मूल्य 1213 रुपए और समर्थन मूल्य 1850 प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन पंजीयन न होने से किसानों को कम भाव में ही उपज बेचकर नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा। वहीं आगामी दीपावली त्यौहार को देखते हुए और दूसरे गेहूं, चने की बोनी के लिए किसान मजबूरी में कम भाव में अपनी मक्का उपज बेच रहे हैं। इससे उन्हें प्रति क्विंटल 500 रुपये का नुकसान हो रहा है।

    किसान नेता तरुण का कहना है कि किसानों को मक्का का समर्थन मूल्य नहीं मिल रहा है किसान परेशान है मंडी में अवस्थाएं हैं किसानों का माल खुले में पड़ा रहता है व्यापारियों का माल सेड में रखा रहता है. किसान नेता यतीन्द्र सोनी का कहना है कि मक्का में जितनी लागत किसान को आती है इतनी लागत मिल नहीं रही है किसानों की आय दोगुनी करने की बात होती है लेकिन उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता है.

    बैतूल से शशांक सोनकपुरिया की खास रिपोर्ट

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