Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    अयोध्या- अयोध्या में बह रही आस्था की बयार, कार्तिक पूर्णिमा, स्नान एवं मेला का है आयोजन

    अयोध्या- अयोध्या में बह रही आस्था की बयार, कार्तिक पूर्णिमा, स्नान एवं मेला का है आयोजन 

    अयोध्या में 14 कोसी परिक्रमा संपन्न, पंचकोसी परिक्रमा 25 नवंबर को   

    सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त गैर जिले के आने वाले श्रद्धालुओं पर रोक

    अयोध्या. मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की धर्म नगरी  में इन दिनों आस्था की बयार बह रही है. 14 कोसी पंचकोसी परिक्रमा  के साथ कार्तिक पूर्णिमा,  स्नान एवं मेला का आयोजन है. जिसमें  14 कोसी परिक्रमा  कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हो गया. अब 25  नवंबर को  पंचकोसी परिक्रमा  होगा  जिसकी तैयारियां  पूरी हो गई है , सुरक्षा के लिए  बड़ी संख्या में  फोर्स बल  तैनात किए गए हैं,  गैर जिले से  आने वाले श्रद्धालु  को परिक्रमा  करने की अनुमति नहीं है.



    आस्था की डगर पर  लाखों पग चल पड़े। कोरोना महामारी पर परिक्रमार्थियों की आस्था भारी।  14 कोसी परिक्रमा परिक्रमा करके सरयू की सलिल  धारा में स्नान करके मंदिरों में दर्शन पूजन करके अपने आराध्य को याद करते हुए अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए प्रार्थना किया! देखा जा रहा है कि आस्था  कोरोना की महामारी पर भारी पड़ रहा है। परिक्रमार्थियों मे अधिकांश स्थानीय। कोविड-19 संक्रमण को लेकर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओ को परिक्रमा मे शामिल होने की नही है अनुमति। गत वर्षों के अनुपात मे परिक्रमार्थियों की संख्या मे है काफी कमी। नदी से लेकर सड़क मार्ग तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम। पुलिस और पीएसी बल के साथ साथ पूरे परिक्रमा मार्ग पर जगह जगह सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई । 

      पौराणिक मान्यता के अनुसार सदियों से ही आज के दिन यानि कार्तिक माह की अक्षय नवमी तिथि को राम नगरी की होती रही है श्रद्धालुओं द्वारा परिक्रमा। आगामी 25 तारीख़ को एकादशी के दिन पंचकोसी परिक्रमा होगी।जिला प्रशासन को 14 कोसी परिक्रमा को संपन्न कराने के लिए खुद में बहुत बड़ी चुनौती  थी जो पूरी हो गई, एक तरफ जहां कोरोना काल फिर से बढ़ता नजर आ रहा है वही भीड़ भी बढ़ती नजर आई.

     14 कोसी परिक्रमा को प्रशासन द्वारा  संपन्न कराया गया  है यह प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। कोरोना एक बार फिर से अपना अतिक्रमण रूप धारण कर लिया है ऐसे में भीड़ पर काबू पाना और सोशल डिस्टेंस के साथ परिक्रमा को संपन्न कराना एक बहुत बड़ी चुनौती का कार्य है । वैसे प्रशासन ने बाहरी लोगो के जिले में आने पर रोक तो लगा दी है लेकिन फिर भी परिक्रमा करने के लिए काफी लोग आई। परिक्रमा  परिक्रमा किया सरयू में स्नान किया मंदिरों में दर्शन पूजन किया और अब पंचकोसी परिक्रमा कार्य के अपने ग्रह जाएंगे कुछ बाहर कि ऐसे लोग हैं जो कार्तिक पूर्णिमा संपन्न कराकर ही जाएंगे.

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.