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    बैतूल: मिशनरी के लोग करा रहे थे आदिवासियों को प्रार्थना , हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

    बैतूल: मिशनरी के लोग करा रहे थे आदिवासियों को प्रार्थना , हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया विरोध

    हुआ हंगामा चली लाठियां, दस गांव के तीन से चार सौ लोग हुए थे इक्कठे ,धर्मांतरण की सूचना मिलने पर मौके पर पहुची पुलिस

    दो पादरी सहित आयोजक को लिया हिरासत में , 144 धारा के उल्लंघन का मामला दर्ज, धर्मांतरण को लेकर पूछताछ शुरू

    बैतूल. भाजपा सरकार के आते ही धर्मांतरण को लेकर बबाल मचने लगता है. ऐसा ही कुछ गुरुवार को मध्य प्रदेश के बैतूल में देखने को मिला जहां हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना के लिए इकट्ठे हुए लोगो पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए जम कर हंगामा किया । इस हंगामे के बाद पुलिस ने दो पादरी सहित मकान मालिक को हिरासत में लेकर धारा 144 के उल्लघंन का मामला दर्ज किया । पुलिस धर्मांतरण के आरोपो पर भी जांच कर रही है । 



    बैतूल के आदिवासी बाहुल्य इलाके भैसदेही के गदरा झिरी गांव में गुरुवार को जम कर हंगामा हुआ । गांव गदरा झिरी में  एक आयोजन में एकत्रित लगभग चार सौ ग्रामीणों को धर्मांतरण के लिए इकट्ठा होना बताते हुए हिंदू संगठनों ने मौके पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया इस दौरान ग्रामीणों से उनकी मामूली झड़प भी हुई । 

    जिसके बाद मौके पर पहुंची  पुलिस ने घर मालिक गुणवंत मालेदार और बैतूल के ऐंगलिक चर्च ऑफ इंडिया के दो पादरियों जिनमे पी हेमलेन जवासरगुनम और रेगलिन इमानवेल को धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक भैसदेही थाना इलाके  के गांव गदराझिरी  मेंं ग्रामीण गुणवंत लोहार जिसने 2007 में धर्म परिवर्तन कर क्रिश्चियन धर्म अपना लिया था उसके घर एक हाल के निर्माण के बाद होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में  सैकड़ोंं आदिवासी ग्रामीण प्रार्थना सभा के लिए  इकट्ठा हुए थे । 

    इसकी जानकारी मिलते ही  मौके पर  दर्जनों की तादाद में  हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पहुंच गए।  कार्यकर्ताओं को  यहां आदिवासी ग्रामीणों के धर्मांतरण की सूचना मिली थी जिसके बाद यहां  ग्रामीणों और हिंदू  संगठन के  कार्यकर्ताओं के बीच जम कर विवाद हुआ । इसके बाद सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने वहां  एकत्रित हुए ग्रामीणों को  अपने अपने घरों को वापस भेज दिया।  इस मामले में  पुलिस ने घर मालिक गुणवंत और वहां पहुंचे दो पादरियों पी हेमलीन और रेगलीन को हिरासत में लिया है। तीनो के खिलाफ पुलिस ने धारा 188 के तहत कार्यवाही  की  है। तीनो पर आरोप है कि उन्होंने कोरोना गाइडलाइन के तहत लागू धारा 144 का उल्लंघन किया है इसके अलावा धर्मांतरण के आरोपो की जांच भी की जा रही है। इधर गुणवंत ने भी पुलिस को एक शिकायत आवेदन लिया है। जिसकी जांच की जा रही है। 

    टीआई भैसदेही तरुनम का कहना है कि सूचना मिली थी कि कुछ मिशनरी के लोग आए हुए हैं और धर्म परिवर्तन जैसा कोई कार्य हो रहा है पुलिस मौके पर पहुंची जहां गुणवंत लोहार जिसका कहना है कि उसने 2007 से क्रिश्चियन धर्म अपना लिया है उसने घर बनाया है पीछे तरफ कमरे बनाए जिसके उद्घाटन के हिसाब से आसपास के लोगों को बुलाया मिशनरी के दो पादरी को भी बुलाया था जो प्रार्थना करा रहे थे तभी किसी को सूचना मिली कि यहां कुछ और चल रहा है उन्होंने आकर इस कार्यक्रम को रोका और पुलिस को सूचना दी पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है तीनों लोगों को हिरासत में लिया है अभी तक धर्म परिवर्तन की कोई बात सामने नहीं आई.

    विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष प्रतीक का कहना है कि धर्मांतरण का मामला था लगभग 400 लोगों को इकट्ठा किया और कोरोना काल मे लोगों को इकट्ठा किया गया जब हम लोग पहुंचे तो उनका कहना था कि घर का उद्घाटन कर रहे हैं लेकिन वह धर्मांतरण करा रहे हैं हमने विरोध किया तो गांव वालों ने हमारा विरोध किया इसको लेकर हम ने पुलिस को सूचना दी.

    बैतुल से शशांक सोनकपुरिया की खास रिपोर्ट

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