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    जमीनी विवाद के चलते बुजुर्ग किसान की हत्या, पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा

    जमीनी विवाद के चलते बुजुर्ग किसान की हत्या, पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा 
    ग्राम सिरडी निवासी आनंदराव देशमुख के अंधेकत्ल का खुलासा
    बैतूल/मप्र। बैतूल मुलताई थाना क्षेत्र के शिरडी गांव में बुजुर्ग किसान का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी | मुलताई पुलिस ने हत्या करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है|

    पुलिस कंट्रोल रूम में मुलताई एसडीओपी नम्रता सोंधिया एवं टी आई सुरेश सोलंकी ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि 29 अक्टूबर की रात फरियादी नीलेश पिता आनन्दराव देशमुख शिरडी निवासी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता आनन्द राव बैलगाड़ी लेकर खेत गए थे खेत पर ट्रेक्टर से जुताई कराकर ट्रेक्टर पर बैठकर शिरडी बस स्टैंड पर उतरे थे सुबह साढ़े ग्यारह बजे वँहा से वह पैदल चलकर घर आ रहे थे लेकिन वह घर नही पँहुचे| जिनकी जानकारी सभी जगह से ली थी आनन्द राव की उम्र 60 वर्ष  सफेद शर्त व पजामा और पैर में प्लास्टिक के जूते पहने था शिकायत पर मुलताई पुलिस द्वारा गुमसुदी दर्ज की गई थी|
    पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद व एडिशनल एसपी श्रद्धा जोशी के मार्गदर्शन में टी सुरेश सोलंकी ने गुमशुदा के परिजनों से पूछताछ की जिसमे पता चला कि उनका विवाद रिश्ते में लगने वाले भाई कृष्णराव के भांजे प्रमोद मागरदे व उसके परिवार से एक कुएं व जमीन को लेकर दो तीन सालों से विवाद चल रहा है जिसकी वजह से मारपीट भी हो चुकी है|
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    घर आते समय रास्ते से अपहरण कर घर मे कर दी हत्या
    किसान आनन्दराव जब घर आ रहा था रास्ते में पड़ने वाले प्रमोद मागरदे के घर के सामने से आरोपी प्रमोद ने आनन्दराव को पीछे से पकड़कर मुह दबाकर घर के अंदर खींच लिया तभी प्रमोद के पिता भीमराव ने दरवाजा बंद कर दिया उसके बाद प्रमोद आनन्दराव की छाती पर बैठ गया और आनन्द राव के मुह में कपड़ा ठूस दिया फिर भीमराव ने रस्सी से आनन्दराव के दोनों हाथ बांध दिए| फिर प्रमोद ने लोहे की दराती से आनंदराव के सिर में मारा । इतना सब करने के बाद भी आनंदराव नहीं मरा तो प्रमोद ने आनंदराव के गले मे बंधा गमछा खीचकर एवं रस्सी से खीचकर आनंदराव की हत्या कर दी|आरोपियों ने मृतक को बोरे में भरकर पत्थर बांधकर कुएं में फेंका।
              आरोपियों ने  लाश को ठिकाने लगाने के लिए शाम को भाई दिलीप के आने पर तीनों ने साथ मिलकर आनंदराव की लाश को बोरे मे भरकर लाश को बैलगाड़ी में रखकर भाउराव लिखितकर के खेत के पास मेड़ पर रखे तीन पत्थरो से लाश को बांधकर भाउराव लिखितकर के खेत स्थित कुआ मे लाश को फेक दिया था ।पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कबूला जुर्म।

    बैतूल से शशांक सोनकपुरिया की रिपोर्ट

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