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    अयोध्या: सब्जियों के बढ़ते भाव के चलते गरीबों के जेब पर डाका, आलू ने दाम ने लगाया अर्धशतक तो प्याज शतक लगाने के करीब पहुंचा

    अयोध्या: सब्जियों के बढ़ते भाव के चलते गरीबों के जेब पर डाका, आलू ने दाम ने लगाया अर्धशतक तो प्याज शतक लगाने के करीब पहुंचा

    अयोध्या. जनपद में सब्जियों के भाव इस तरह से बढ़ रहे हैं  कि आम लोगों के रसोइयों से  अब सब्जी  नदारद होती नजर आ रही है  यदि लोग सब्जी  खाना चाहते हैं  तो उनकी जेब पर डाका पड़ जाता है. हरी सब्जियां ₹40 किलो से कम नहीं है  वही आलू का भाव  45 से ₹50 पुरानी आलू ,55 से ₹60 नई आलू  के भाव से बिक रही है  यदि हम प्याज के भाव पर नजर डालें  तो प्याज 75 से ₹80 किलो चल रही है ऐसे ही रहा  तो  आलू  ने अर्धशतक लगा दिया है, और प्याज बहुत जल्द ही  शतक लगाने की तरफ अग्रसर है.

     प्याज के खुदरा मूल्य में  सितंबर अक्टूबर माह  मैं उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई । पिछले एक माह में   प्याज के दामों में  तेज बढ़ोतरी होने से प्याज का खुदरा मूल्य राष्ट्रीय स्तर पर  काफी बढ़ गया है  जो कि पिछले साल की कीमत से काफी  अधिक है।



     सरकार ने खरीफ फसल के प्याज के आगमन से पहले के ख़ाली मौसम के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं को उचित दरों पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्याज निर्यात पर प्रतिबंध की घोषणा करके एक पूर्ववर्ती उपाय किया था। यद्यपि जिस दर से प्याज की खुदरा कीमतों में वृद्धि हुई थी, उसे कुछ हद तक कम किया गया था। लेकिन हाल ही में महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के प्रमुख जिलों में भारी बारिश की वजह से खरीफ की फसलों, संग्रहित प्याज और बीज नर्सरी भंडारण को नुकसान पंहुचा था। मौसम में आये हुए इन बदलावों के परिणामस्वरूप ही प्याज की कीमतों में काफी तेज वृद्धि हुई यद्यपि आमजन का मानना है कि प्याज को व्यापारी लोग डंप कर लिए हैं जिस कारण प्याज के दाम में भारी बढ़ोतरी हुई है

    सरकार ने रबी प्याज फसल – 2020 से प्याज का बफर स्टॉक सुनिश्चित किया है। प्याज की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सितंबर  के दूसरे सप्ताह से बफर स्टॉक में सुरक्षित प्याज को प्रमुख मंडियों में खुदरा विक्रेताओं जैसे सफ़ल, केन्द्रीय भण्डार, एन.सी.सी.एफ. और राज्य सरकारों को भी जारी किया जा रहा है। भारतीय उच्च आयोगों को संबंधित देशों में निर्देश दिया गया है कि, वे देश में प्याज के अधिक आयात के लिए व्यापारियों से संपर्क करें।

    37 लाख मीट्रिक टन की अनुमानित खरीफ फसल के भी मंडियों में पहुंचने की संभावना है, जिससे कि बढ़ती कीमतों को कम करने में सहायता मिलेगी। इतना ही नहीं हरी सब्जियों में कद्दू लौकी परवल बैगन टमाटर पालक जिसका भाव देखो वही ₹40 से कम नहीं है धनिया ₹300 किलो बिक रही है टमाटर ₹60 किलो बिक रहा है यदि इसी तरह से रहा तो आप गरीबों का क्या होगा कोरोना संक्रमण के चलते लोगों के रोजगार छिन गए हैं आमदनी घट गई है जेब खाली हो गई है आखिर सब्जी के लिए गरीब लोग पैसा कहां से लाएं यह एक बड़ा सवाल पैदा हो गया है.

     देव बक्श वर्मा 

    आई एन ए न्यूज़ अयोध्या उत्तर प्रदेश

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