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    विभिन्न मांगों को लेकर जिला छात्र युवा फ्रट का जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

    विभिन्न मांगों को लेकर जिला छात्र युवा फ्रट का जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

    (शिक्षा का निजी करण खत्म करने, विदेशी शिक्षण संस्थानों को देश में स्थापित करने वाली महंगी व जनतांत्रिक शिक्षा देने वाली राष्ट्र विरोधी व जनविरोधी शिक्षा नीति पर रोक लगाने की मांग)

    बलिया. जिला छात्र युवा फ्रंट बलिया के बैनर तले छात्रों  ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन  किया. छात्रों ने सरकार की शिक्षा नीति के विरोध में जमकर  नारे लगाए। छात्र युवा फ्रट के छात्रों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। छात्र युवा फ्रंट के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की शिक्षा नीति और शिक्षा का जो निजी करण हो रहा है , उच्च शिक्षा की गुणवत्ता कम होती जा रही है। साथ ही साथ शिक्षा महंगी भी होती जा रही है। पहले मुफ्त शिक्षा थी और गुणवत्ता के साथ सस्ती भी थी ,पर आज शिक्षा महंगी भी है और गुणवत्ता घटती जा रही है , यह चिंतनीय विषय है।

    अपनी 10 सूत्री मांग मे ये मुद्दे उठाए-

    शिक्षा का निजीकरण  खत्म किया जाए,   शिक्षा उद्देश्यपरक  वैज्ञानिक और सस्ती।

    विदेशी शिक्षण संस्थानों को देश में स्थापित करने वाली तथा मांगी गैर जनतांत्रिक शिक्षा प्रदान करने वाली राष्ट्र विरोधी व जनविरोधी नई शिक्षा नीति पर रोक लगाई जाए।

    बेरोजगारी की समस्या का समाधान किया जाए । ठेके संविदा की नौकरियों की जगह पक्की नौकरी दी जाए।  व ठेके संविदा की नौकरियों की जगह पक्की नौकरी दी जाए।

    रुकी हुई नौकरियों की बहाली की जाए। रोजगार विरोधी निजी करण को समाप्त किया जाए। चिकित्सा  का निजी करण समाप्त किया जाए और करोना  काल में काम से निकाले  गए करो श्रमिकों को पुनः काम पर लगाया जाए  और वादे के अनुसार प्रतिवर्ष 2 करोड़ों लोगों को नौकरी दी जाए और.सबको शिक्षा सबको काम दिया जाए।

    अतहर ( अध्यक्ष जिला छात्र युवा फ्रंट)

    आगे नेता युवा फ्रट  कहा कि हमारे देश में किसान नौजवान सब परेशान है। देश में बेरोजगारी दिन दूनी रात चौगुनी बढ़ती जा रही है । तमाम नौकरिया फंसी पड़ी है,  कुछ सरकार की नीति की वजह से तो कुछ नौकरिया कोर्ट में फंसी पड़ी है। युवा नेता अतहर ने.कहा कि , नौकरियों को खत्म किया जा रहा है , अप्रवासी के मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है । छात्रों ने अपनी मांग में शिक्षा का निजीकरण हटाने के साथ, बेरोजगारी की समस्या का समाधान,  ठेके संविदा की नौकरियों की जगह,  पक्की नौकरी दी जाने की मांग कि  इसके साथ ही साथ , रुकी हुई भर्तियों को भर्ती करके पूरा करने की मांग की ।रोजगार विरोधी निजीकरण को तत्काल समाप्त  किया जाय ।सबको शिक्षा सबको काम कि बात होनी चाहिए। उपरोक्त समस्याओं की जनक निजीकरण, उदारीकरण व विश्व- विकरणवादी  नई आर्थिक नीति व डंकल प्रस्ताव को खत्म किया जाए।

    बैतुल से शशांक सोनकपुरिया की खास रिपोर्ट

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