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    अयोध्या : प्रशासन की उदासीनता के चलते नो-वेंडिग जोन में लग रहे ठेले, वेंडिग जोन हैं खाली

    अयोध्या : प्रशासन की उदासीनता के चलते नो-वेंडिग जोन में लग रहे ठेले, वेंडिग जोन हैं खाली

    अयोध्या।  अयोध्या फैजाबाद जुड़वा शहर दोनों मिलकर अब अयोध्या हो गए हैं जिसकी साफ सफाई की जिम्मेदारी  अयोध्या  नगर निगम की हो गयी है। किंतु  देखा जा रहा है कि फैजाबाद शहर में घंटाघर के आसपास का क्षेत्र सिर्फ नाम का नो-वेंडिग जोन है। हकीकत में यह ठेले-खोमचे वालों का सेफ जोन बन गया है। नगर निगम की उदासीनता से यहां दिन-रात धड़ल्ले से ठेले-खोमचे वाले अवैध कब्जा जमाए रहते हैं। पटरियों पर कब्जा करने में बड़े दुकानदार भी पीछे नहीं है। आलम ये है कि इस क्षेत्र में दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं पुरानी मछली वेंडिग जोन है। यहां ठेले वालों को व्यवसाय करने का स्थान निर्धारित है, लेकिन उनकी सुविधा के अनुसार व्यवस्था न होने की वजह से ठेले वाले यहां अपना व्यापार करने से कतराते हैं। इस क्षेत्र में इक्का-दुक्का ही ठेला नजर आता है।



    शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलता है, तो सबसे पहले ठेले वालों पर ही गाज गिरती है। अतिक्रमण के नाम पर उन्हें हटा दिया जाता है, जिससे इन गरीब दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। इसे देखते हुए वर्ष 2015 में नगर पालिका का कार्यकाल रहते हुए वेडिग जोन बनाया गया था। चौक में जाम की सर्वाधिक समस्या थी, इसलिए यहां से पटरी दुकानदारों को स्थापित करने के लिए कोतवाली नगर के पीछे स्थान निर्धारित किया गया था। इसी प्रकार शहर में डेढ़ सौ से अधिक स्थान वेंडिग जोन में चिह्नित किए गए ताकि पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान मिल सके। इसके बाद नगर निगम का कार्यकाल आया। नगर निगम ने भी पुराने वेंडिग जोन की समीक्षा कर 25 स्थान चिह्नित किए, लेकिन यहां पटरी दुकानदारों के मुताबिक व्यवस्था नहीं दे सके। पुरानी मछली मंडी, गुलाबबाड़ी, बजाजा आदि वेंडिग जोन में शामिल हैं। सुभाषनगर में नाले पर बनी सड़क के किनारे भी वेंडिग जोन प्रस्तावित है। एएसपी से मिले व्यापारी नेता शहर में प्रभावित चल रही यातायात व्यवस्था की समस्या को लेकर व्यापारी नेता  ने एएसपी  व सिटी मजिस्ट्रेट  से मुलाकात की। व्यापारी नेता ने कहाकि शहर में जहां-जहां वेडिग जोन चिह्नित किए गए वहां बेहतर सुविधाएं देकर पटरी दुकानदारों को बसाया जाए। ताकि वे बार-बार उजड़ने के डर से मुक्त होकर रोजगार कर सकें। एएसपी ने बताया कि जल्द ही इस मामले पर नगर निगम के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी।लेकिन देखा जा रहा कि ढाक के तीन पात साबित हे रहे है। 

    देव बक्श वर्मा
    आई एन ए न्यूज़ अयोध्या - उत्तर प्रदेश

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