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    कमीशन का खेल : शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अपने चहेतो से स्कूल में बंटवा रहे ड्रेस, यूनिफ़ॉर्म की गुणवत्ता जांचने आई टीम

    कमीशन का खेल : शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अपने चहेतो से स्कूल में बंटवा रहे ड्रेस, यूनिफ़ॉर्म की गुणवत्ता जांचने आई टीम 

    तमकुही/कुशीनगर। प्राइमरी स्कूलों में ड्रेस वितरण में किस कदर कमीशन का खेल चल रहा है, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि विकास खण्ड तमकुही में जिम्मेदार ही अपने चहेतों से यूनिफार्म बटवा रहे हैं। सेटिंग का खेल इस कदर हैं कि जो प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक इनके चहेतो से ड्रेस नही ले रहे है उसे जांच की हनक दिखाई जा रही हैं, जिसका नजारा कमिश्नर के निर्देश पर बीते मंगलवार को आई टीम की जांच के समय देखने को मिला, ऐसी चर्चा है कि अधिकतर उन स्कुलो की ही जांच करवाई गई, जिन विद्यालयों के जिम्मेदारों ने इनके चहेतो से ड्रेस नही ली है। इस खेल में ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार तक शामिल हैं।

     सवाल यह उठता है कि आखिर जांच टीम के साथ एक प्रधानाध्यापक व शिक्षक क्यो चल रहे थे और उनके ही अनुसार टीम विद्यालयों पर क्यो पहुच रही थी। शासन के द्वारा प्रति छात्र 600 रुपये दी जा रही है जिसमे बच्चो को दो सेट यूनिफॉर्म देना है। हालांकि नियम कहते हैं कि शिक्षक कपड़ा खरीदकर एक-एक बच्चे का नाप कराकर ड्रेस बनवाएं, मगर ऐसा होता नहीं दिख रहा है। सूत्रों की माने तो तमकुही विकास खण्ड में मानक व गुणवत्ता कोई मायने नही रखता है, कमीशन मायने रखता है यहां गुणवत्ता को ताक पर रखकर प्रति छात्र मोटी कमीशन वसूली जा रही हैं। अगर ब्लाक के जिम्मेदारों को दूर रखकर ड्रेस की गुणवत्ता व कमीशन के खेल की जांच कराई जाए तो सच्चाई से पर्दा उठता हुआ नजर आएगा।

    अमित कुमार सिंह

    INA News गोरखपुर

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