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    अयोध्या- गुप्तार घाट से नया घाट तक बनेगा रिवर फ्रंट, अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में किया जाएगा विकसित

    अयोध्या- गुप्तार घाट से नया घाट तक बनेगा रिवर फ्रंट, अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में किया जाएगा विकसित

    धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए विकास की नई इबारत लिखेगा अयोध्या

    अयोध्या।
    अयोध्या को विश्व  पटल पर स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। अयोध्या धर्मनगरी को विश्व के मानचित्र पर स्थापित करना चाह रहे हैं । उसी क्रम में कई विकास की योजनाएं अयोध्या को दे रहे हैं। अवधपुरी को सोलर सिटी के रूप में विकसित किये जाने की योजना है । अयोध्या में अच्छे कुशल गाइड की उपलब्धता हेतु पर्यटन विभाग कार्य योजना की बात चल रही है।अयोध्या के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के पुनरुद्धार की कार्ययोजना है।

    आस्था के प्रतीक प्रभुराम की नगरी अयोध्या को आधुनिकता और परंपरा के अद्भुत संगम के रूप में वैश्विक मानचित्र पर अंकित कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। अयोध्या को 'सोलर सिटी' के रूप में विकसित करने की आवश्यकता है।  अयोध्या को अन्य नगरों के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस संबंध में कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।   अयोध्या के चहुँ मुखी विकास के क्रम मे  अयोध्या के प्रतिष्ठित पंचकोसी, चौदहकोसी और चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़े विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति से अवगत होते हुए  परिक्रमा मार्ग से जुड़ी कोई भी परियोजना संचालित करते समय यह ध्यान रखें कि श्रद्धालुगण पैदल परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा पथ पर यात्री सुविधाओं का विकास करें।अयोध्या विकास प्राधिकरण भी इस कार्य में आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करें।

    छोटी गाड़ियों के लिए प्रस्तावित मल्टी लेवल पार्किंग में औद्योगिक गति विधियों की व्यवस्था करने के  निर्देश  दिए गये। इससे व्यापारियों का पुनर्वास होगा।उनकीआजीविका का मार्ग तैयार हो सकेगा। अयोध्या के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनाएं। गुप्तार घाट से नया घाट तक रिवर फ्रंट बनेगा। अयोध्या के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान  मे रखते हुए गुप्तारघाट से नया घाट तक रिवर फ्रंट का विकास होगा।यह अयोध्या के धार्मिक पर्यटन को नवीन आयाम प्रदान करेगा। अयोध्या धार्मिक पर्यटन का सबसे महत्व पूर्ण केंद्र बन रहा है।निकट भविष्य में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक आएंगे।ऐसे में वहां गाइड की आवश्यकता होगी। अयोध्या में अच्छे कुशल गाइड की उपलब्धता हेतु पर्यटन विभाग कार्ययोजना तैयार करे। रोजगार सृजन की दृष्टि से भी यह उपयोगी  होगा। राम की पैड़ी में सरयू जी के जल का प्रवाह हो,इस दिशा में सिंचाई विभाग इस संबंध में कार्य योजना तैयार करे। विभिन्न विकासकार्यों हेतु भूमि अधिग्रहण के प्रकरण पर भी विमर्श हुआ।

    ग्राम मांझा बरहटा में 80.357 हेक्टेयर भूमि क्रय करने के प्रकरण में  भूमि अधिग्रहण की दर तय करने में जनहित और जन अपेक्षाओं का विशेष ध्यान रखें।जिलाधिकारी  इस प्रकरण में शीघ्र निर्णय लें।सहादत गंज पर गोरखपुर से लखनऊ जाने वाले वाहनों की सुविधा के लिए फ्लाइओवर का कार्य शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए।  अयोध्या में प्रस्तावित एयरपोर्ट के बारे में अवरोधों को शीघ्रातिशीघ्र दूर किया जाय। एयरपोर्ट के लिए 160 एकड़ भूमि प्राप्त हो गई है,शेष 250 एकड़ भूमि अधिग्रहण हो रहा है।  विभिन्न विकास कार्यों हेतु किए जा रहे भूमि अधिग्रहण की दर एक समान हो,इसका पूरा ध्यान रखा जाए। विकास कार्यों के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
    रामायण सर्किट (अयोध्या से सीतामढ़ी-अयोध्या से चित्रकूट) अयोध्या की विशिष्ट पहचान की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे संबंधित कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। इस प्रकार से अयोध्या के चौमुखी विकास के लिए विकास की धारा बह रही है ।

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या

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