Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    गोरखपुर के अफसरों का कारनामा: माफिया के वाहन जब्त करने की बजाय कर दी ट्रांसपोर्टर पर कार्यवाही

    गोरखपुर के अफसरों का कारनामा: माफिया के वाहन जब्त करने की बजाय कर दी ट्रांसपोर्टर पर कार्यवाही

    गोरखपुर।

    माफिया सुधीर सिंह पर कार्रवाई के निर्देश पर अमल करने के दौरान पुलिस ने कुछ ज्यादा ही हड़बड़ी दिखा दी। पुलिस की कार्यवाही से माफिया की जगह एक ट्रांसपोर्टर परेशान हो गया है। यह सब हुआ माफिया सुधीर सिंह के वाहन जब्त करने की कार्यवाही के दौरान।

    पुलिस ने माफिया सुधीर सिंह की जगह ट्रांसपोर्टर सुधीर कुमार सिंह के सात वाहनों को जब्त करने का फरमान जारी कर दिया। पुलिस की रिपोर्ट पर प्रशासन ने कार्यवाही को आगे बढ़ा दिया। ट्रांसपोर्टर सुधीर सिंह को जब इसका पता चला तो वह परेशान हो गए। उन्‍होंने अपनी पहचान और गाडि़यों के दस्‍तावेज के  साथ अधिकारियों से गुहार लगाई। अब अधिकारी गलती सुधारने की बात कह रहे हैं। 

    यह इत्तेफाक ही है कि माफिया व ट्रांसपोर्टर दोनों के पिता का नाम एक ही है। माफिया के पिता का निधन हो चुका है जबकि ट्रांसपोर्टर के पिता जिंदा हैं। 

    शाहपुर के आदर्श नगर निकट एल्युमिनियम फैक्ट्री और सहजनवा के कालेसर निवासी स्वर्गीय सुरेन्द्र सिंह के पुत्र पिपरौली ब्लाक प्रमुख सुधीर सिंह जिले के टॉप 10 बदमाशों की सूची में शामिल है। सुधीर सिंह की सम्पत्ति जब्त करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। जिन सम्पत्तियों को जब्त करना है उनकी सूची तैयार कर ली गई है। 

    सम्पत्तियों को लेकर रिसीवर भी नियुक्त कर दिया गया है। शाहपुर क्षेत्र में स्थित मकान का रिसीवर नायब तहसीलदार सदर और कालेसर स्थित मकान, वाहन व जमीन का रिसीवर तहसीलदार सहजनवां को नियुक्त किया गया है। डीएम ने सहजनवां, गीडा व शाहपुर थानेदार को माफिया के सभी वाहन को अपने कब्जे में लेकर मकान सील करने का आदेश दिया है.

    प्रशासन ने जिन सम्पत्तियों को जप्त करने की सूची बनाई है उसमें माफिया सुधीर के आठ मालवाहक कंटेनर, नौ गाड़ी, शाहपुर के एल्युमिनियम फैक्ट्री के निकट व गीडा के कालेसर में मकान, तीन बीघा जमीन को शमिल किया है। सुधीर की पत्नी अंजू के नाम से एचडीएफसी बैंक में खाता पर रोक लगा दी गई है। माफिया के संपत्ति की सूची तैयार होने के बाद डीएम ने आरटीओ, रजिस्रार को विक्रय पर रोक लगाने के आदेश दिए है। अंजू के खाते से लेनदेन पर रोक लगाने के लिए एचडीएफसी बैंक अधिकारियों को भी पत्र भेजा है।


    नाम और पिता के नाम से चूक की आशंका ......  

    ये सभी गाड़ियां सुधीर कुमार सिंह पुत्र सुरेन्द्र प्रताप सिंह निवासी सर्वोदय नगर बिछिया के नाम से रजिस्टर्ड हैं। सुधीर कुमार सिंह ट्रांसपोर्टर हैं और गिट्टी-बालू की सप्लाई का उनका काम है। सुधीर का कहना है कि नौ गाड़ियों में आठ कंटेनर हैं जबकि एक बुलेट है। आठों गाड़ियां वर्तमान में गुजरात में चल रही हैं। सभी गाड़ियों को उन्होंने लोन पर लिया है। इसकी एक-एक पाई का उनके पास हिसाब है। जिनके नाम का बताकर मेरी गाड़ियों को जब्त करने की तैयारी हो रही है उनका नाम सुधीर सिंह है और उनके पिता स्वर्गीय सुरेन्द्र सिंह हैं उनका पता एल्युमिनियम फैक्ट्री और कालेसर का है। मेरा पता सर्वोदय नगर का है मेरे पिता सुरेन्द्र प्रताप सिंह है और मेरा नाम सुधीर कुमार सिंह है। मेरे पिता 72 साल के हैं वह अभी जीवित हैं। प्रशासन चाहे तो जांच करा ले।


    डीएम कार्यालय से नौ गाड़ियों की सूची भेजकर उनकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। अब यह गाड़ियां किसकी है इसके बारे में मुझे नहीं पता आगे जैसा निर्देश होगा उस हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। 

    -श्याम लाल, एआरटीओ प्रशासन


    आरटीओ से सुधीर सिंह पुत्र स्वर्गीय सुरेन्द्र सिंह के नाम दर्ज गाड़ियों की सूची मांगी गई थी। जिन गाड़ियों की सूची तैयार है वह सुधीर सिंह नहीं, सुधीर कुमार सिंह की है तो वह अपना पक्ष रखेंगे। अगर उनकी बात में सच्चाई होगी तो प्रशासन से उनको राहत मिलेगी। इसमें पुलिस का कोई रोल नहीं है।

    -सुधीर सिंह, एसएचओ शाहपुर


    संजय राजपूत

    रीजनल एडिटर गोरखपुर

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.