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    गांव के दबंगों व भू माफियाओं ने सरकारी जमीन पर किया कब्जा, कागजी फेरबदल करके हुए थे भूमि आवंटन

    गांव के दबंगों व भू माफियाओं ने सरकारी जमीन पर किया कब्जा, कागजी फेरबदल करके हुए थे भूमि आवंटन

    मिश्रिख तहसील के जिहुरा ग्राम सभा का मामला

    सीतापुर.
    जिले की तहसील मिश्रिख की ग्राम सभा जिहुरा मे भूमाफिया इस कदर बेखौफ है कि उन्हें शासन प्रशासन का जरा सा भी खौफ न हो वहां की स्थिति ऐसी है की गांव के दबंगों व भूमाफियाओं ने ग्राम समाज  जंगल बंजर खाद के गद्दे व अन्य आरक्षित जमीनों पर अवैध कब्जा इस कदर कर रखा है जैसे कि वह जमीन उन्हें विरासत में मिली हो वहां शासन-प्रशासन सभी मौन हैं तथा ग्राम प्रधान कुछ कहने को तैयार नहीं हैं मामला तब उजागर हुआ जब ग्राम सभा के गांव टिकरिया के एक व्यक्ति संतोष तिवारी पुत्र दिनेश पाल ने जिलाधिकारी सीतापुर उप जिलाधिकारी मिश्रिख तहसीलदार मिश्रिख को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया तथा ऑनलाइन भी शिकायतें की और वहां व्याप्त भू माफियाओं एवं दबंगों द्वारा किए जा रहे इस कुकृत्य को उजागर किया संतोष तिवारी ने गांव के ही रामस्वरूप सुंदरलाल बाबूराम उर्फ कल्लू गया प्रसाद जगदीश व उनके लड़कों व अन्य के विरुद्ध प्रार्थना पत्र दिया और बताया की इन लोगों ने ग्राम सभा की गाटा संख्या 228 व 320 की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है दोनों गाटा संख्याओं में जंगल का नाम से खातेदार के रूप में दर्ज हैं.

    अन्य कुछ नाम भी सह खातेदार के रूप में दर्ज है जो कि गलत है संबंधित लेखपाल द्वारा बताया गया अन्य से खातेदारों को उपरोक्त गाटा संख्या में भूमि आवंटन की गई हैं किंतु संतोष तिवारी का कहना है इस जमीन का चकबंदी आकार पत्र संख्या 45 से अवलोकन करने पर पता चलता है कि यह जमीन आरक्षित श्रेणी की है किंतु कागजी फेरबदल करके जमीन की श्रेणी बदलकर आवंटन कर दिया गया है जो कि गलत है इस जमीन पर गांव के दबंगों ने स्थाई रूप से शौचालय व मकान निर्माण कर रखा है इसी गांव में एक नहर है जिसे हम अर्थना रजबहा के नाम से जानते हैं जोकि प्रखंड शारदा नहर  अधिशासी अभियंता द्वारा यह नहर नलकूप खंड प्रथम सीतापुर को स्थानांतरित कर दी गई है जिस पर वहां के स्थानीय लोगों ने सड़क मकान शौचालय इत्यादि से स्थाई कब्जा कर रखा है उपरोक्त नहर  ग्राम पंचायत  के भू राजस्व अभिलेखों में गाटा संख्या 225 में अंकित है जिसका वर्तमान में लगभग अस्तित्व समाप्त हो चुका है उन्होंने यह भी बताया कि यह गांव के दबंग हैं इनके सामने कोई खड़े होने की हिम्मत नहीं करता है यहां सवाल तो उठता है कि इतने सख्त शासन-प्रशासन होते हुए इन दबंगों पर अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई कहीं ग्राम प्रधान व लेखपाल की मिलीभगत तो ना रही है अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इन दबंगों से जमीन से अवैध कब्जा हटाकर उन पर कार्रवाई करती है या नहीं
    गांव के अन्य लोगों का भी कहना है की शासन दबंगों से सरकारी जमीन से कब्जा हटवाए क्योंकि यह जंगल की जमीन है इस पर हरियाली तथा सभी के सिद्धार्थ में होना होना चाहिए न किसी दबंग का कब्जा होना चाहिए |

     शरद कपूर
       सीतापुर

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