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    सहफसली खेती आमदनी बढा़ने का बेहतर विकल्प

    सहफसली खेती आमदनी बढा़ने का बेहतर विकल्प

    जनपद मे 8274 हेक्टेयर में होगी शरदकालीन गन्ने की खेती

    शाहजहांपुर।
    जनपद को शरदकालीन गन्ने की खती का लक्ष्य आवंटित कर दिया गया हैं। इस वर्ष 8274 हेक्टेयर में शरदकालीन गन्ना बोया जायेगा। इसके साथ ही 8274 है. मे टेंच विधि से बुवाई एवं सहफसली खेती का भी लक्ष्य दिया गया है। सभी ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षको को लक्ष्य का आवंटन कर दिया गया हैं। जनपद मे 94000 है. से अधिक क्षेत्रफल में गन्ना बोया गया है इसमे से मात्र 9500 है. शरदकालीन गन्ना हैं शेष गन्ना बसन्तकालीन/ग्रीष्मकालीन बुवाई का हैं जनपद के ज्यादातर किसान रबी फसल की कटाई के बाद गन्ना बोते है। कृषक भाईयों से अनुरोध है कि वह बुवाई के लिए रोग एवं कीट मुक्त गन्ना बीज का प्रयोग करे। 10 माह से अधिक पुराना गन्ना बीज मे न लें। गन्ने के ऊपर दो तिहाई भाग का ही बुवाई मे प्रयोग करें क्योकि इसका जमाव ठीक से होेता है।
    शरदकालीन गन्ने की बुवाई के साथ सहफसली के रूप मे तोरिया, आलू, मसूर, मटर, गेंहूँ, लहसून, धनिया, गोभी, बाकला व अन्य फसल बोकर अधिक लाभ लें सकते है। सहफसली खेती से किसान को गन्ना की फसल के साथ अतिरिक्त पैदावार मिलती है। जिससे उसकी आमदनी मे इजाफा होता है। इसके साथ ही गन्ने की रोग रोधक क्षमता बढ़ जाती है। जिससे कीट एवं व्याधियां कम लगती है तथा चीनी परता अधिक आता है।

    गन्ना बुवाई से पहले मृदा नमूना लेकर जांच अवष्य करा लें। जांच के पश्चात दिये गये सुझाव के अनुसार संतुलित उर्वरको का प्रयोग करें। 2.5कि.ग्रा. ट्राईकोडर्मा प्रति है. 75 कि.ग्रा. सड़ी हुई गोबर की खाद मे मिलाकर बुवाई से पहले खेत मे डालने से लाल सड़न रोग (रोड राट) का प्रकोप नही होता है। जब वातावरण का तापमान 30 डिग्री सेन्टीग्रेड के आसपास होता है तो गन्ने के टुकडों का जमाव ठीक होता हैं। यह तापमान 15 सितम्बर से 30 नवम्बर तक सामान्यतः बना रहता हैं। इसलिए शरदकालीन गन्ना बुवाई के लिए यह सबसे उपयुक्त समय हैं बुवाई के लिए 2 आँख या 1 आँख के टुकडो का ही प्रयोग करे, जिससे जमाव अधिक होता है। तीन आंख के टुकडो का प्रयोग बुवाई के लिए न करें बुवाई टेंच विधि से 4-5 फीट लाइन से लाइन की दूरी पर करें। बुवाई के लिए को. -1238, को-0118, 98014, को.शा. 8272, 8279 जैसी अधिक उत्पादन व अधिक चीनी परता वाली प्रजातियो का चयन करें। यह जानकारी जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम ने दी।

    फ़ैयाज़ उद्दीन  शाहजहाँपुर

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