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    राम मंदिर निर्माण शुरू होने से पहले ही फर्जीवाड़ा, लाखों रुपए की हुई जालसाजी

    राम मंदिर निर्माण शुरू होने से पहले ही फर्जीवाड़ा, लाखों रुपए की हुई जालसाजी 

    अयोध्या।
    अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण  के लिए लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बाद अब मंदिर निर्माण का नंबर आया  जिसके लिए भूमि पूजन शिला पूजन हुआ  मशीनें निर्माण के लिए आ गई  नक्शा पास हो गया  और   श्री राम मंदिर निर्माण से पहले राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से जालसाजी कर लाखों रुपए निकाल लिए जाने का मामला प्रकाश  मेहरा आ गया। जालसाज  भगवान राम के खाते को भी नहीं छोड़ रहे हैं. जबकि यह धन दान से प्राप्त  धन है। बैक से रुपये फर्जी चेक लगा कर राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से निकाले गए हैं। लखनऊ के 2 बैंकों से लाखों की रकम निकालने की बात आ रही है।  तीसरी बार रकम निकालने की कोशिश में राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को फोन द्वारा मिली सूचना पर ट्रस्ट के खाते से रुपये निकाले जाने के मामले को लेकर  हड़कंप मच गया है और कोतवाली अयोध्या में अज्ञात जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।  राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों रुपए बैंक में पहुंचने के साथ ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से ठगी की कोशिश शुरू हो गई है।

    बताया जाता है कि ट्रस्ट के खाते से लखनऊ के एक बैंक से क्लोन चेक के माध्यम से 6 लाख रुपए निकाल लिए गए हैं। तीसरे क्लोन चेक से की जा रही निकासी वेरिफिकेशन के दौरान पकड़ में आ गई। ट्रस्ट ने अयोध्या कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है   क्षेत्राधिकारी अयोध्या राजेश  के मुताबिक लखनऊ के एक बैंक से क्लोन चेक बनाकर 1 सितंबर को ढाई लाख और 3 सितंबर को साढ़े 3 लाख रुपये निकाल लिए गए। जब तीसरा फर्जी चेक लगाकर 9 लाख 86 हजार का बैंक ऑफ बड़ौदा में निकालने की कोशिश हुई, तो सत्यापन के लिए बैंक अधिकारियों ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पास फोन किया।
    मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने जब बैंक अधिकारियों को बताया कि उन्होंने ऐसा कोई चेक नहीं दिया है तो हड़कंप मच गया। इतने बड़े एमाउंट का चेक देने से इंकार करने के बाद तुरंत बैंक अधिकारियों ने निकासी रोक दी।  ट्रस्ट के महासचिव ने अयोध्या कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इसके अलावा ये भी पता लगाने की कोशिश हो रही है कि ट्रस्ट से निकाले पैसे का इस्तेमाल किसने किया है और इस जालसाजी में कौन-कौन लोग शामिल हैं ।

    देव बक्श वर्मा, अयोध्या

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