Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    बैतूल: प्रस्तावित जलाशय का विरोध जताते हुए ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, जलाशय बनने से डूब जाएंगे खेत, आएगा आर्थिक संकट

    बैतूल: प्रस्तावित जलाशय का विरोध जताते हुए ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, जलाशय बनने से डूब जाएंगे खेत, आएगा आर्थिक संकट

    उचित मुआवजा दिलाने की मांग, कृषि भूमि के बदले कृषि भूमि और सरकारी नौकरी की मांग

    बैतूल. जिले की मुलताई तहसील के लिहदा गांव के ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुँच कर अपने गांव में बनने जा रहे जलाशय का विरोध जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित जलाशय के बनने से उनके गांव के ज्यादातर किसानों की जमीन डूब क्षेत्र में आ जायेगी। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया की गई है लेकिन मुआवजे का आंकलन ढाई से तीन लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से किया जा रहा है जो बहुत कम है।


    इसके अलावा क्षेत्र की सिंचित भूमि का मुआवजा असिंचित मानकर किया जा रहा है जो सही नही है। शिकायत लेकर आये ग्रामीणों ने बताया कि जब उनके क्षेत्र में पारसडोह जलाशय पहले से ही है जिसकी नहर खेत तक पहुँचती है तो फिर एक और जलाशय बनाने से क्या औचित्य है।

    ग्रामीणों का मानना है कि खेत की जमीन चले जाने से वे आर्थिक रूप से टूट जाएंगे और उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर कृषि भूमि के बदले कृषि भूमि, सरकारी नौकरी और मुआवजा की मांग की है। 

    बैतुल से शशांक सोनकपुरिया की खास रिपोर्ट

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.