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    बैतूल: कोविड मरीज के गाने ने बांधा कोविड सेंटर में शमां, मुकेश के गानों की रोज धुन पर प्रस्तुति मरीजों की कर रही म्यूजिकल हीलिंग

    बैतूल: कोविड मरीज के गाने ने बांधा कोविड सेंटर में शमां, मुकेश के गानों की रोज धुन पर प्रस्तुति मरीजों की कर रही म्यूजिकल हीलिंग

    हूबहू मुकेश की आवाज में गाता है यह मरीज ,मरीज और स्टाफ उठाते है गानों का लुत्फ

    बैतूल .
    कहते हैं संगीत में न केवल दुःख के दर्द को भरने की क्षमता है बल्कि यह बोझिल लम्हो को खुशियो में बदल देता है। अक्सर म्यूजिकल हीलिंग बीमारों को अच्छा महसूस कराने तक के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा ही नजारा मध्य प्रदेश के बैतूल के एक कोविड सेंटर में देखने को मिला है। जहां एक मरीज की गायन कला ने बाकि मरीजो को न केवल बीमारी से उबरने में मदद की है बल्कि सेंटर के माहौल को भी ख़ुशगवार बना दिया है।

     बैतूल के हमलापुर इलाके में बनाया गया कोविड सेंटर यहां की साफ सुथरी और बेहतर व्यवस्थाओ के लिए शुरू से चर्चा में रहा है।अबके ये सेंटर यहां भर्ती एक मरीज की गायन कला के लिए सुर्खियों में है। 53 साल के मरीज चेतानंद 25 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव होने के बाद इस सेंटर पर भर्ती किये गए थे। एक दो दिन तो पता ही नही चला कि वे गायक है लेकिन जब उन्होंने बिस्तर पर बैठे बैठे गुनगुना शुरू किया तो उनकी गायकी ने कोविड सेंटर के स्टाफ से लेकर मरीजो तक को अचंभित कर दिया।

    मेलोडी मास्टर मुकेश के गानों को हूबहू गाने में।महारथ रखने वाले चेतानंद जब उनके गीतों को गाते है तो लगता है जैसे खुद मुकेश उनके मुख से गीत गा रहे है। प्रसिद्ध फ़िल्म मिलन का गीत मैं तो दीवाना दीवाना चेतानंद ऐसे गाते है जैसे खुद मुकेश गया रहे हों। चेतानन्द की इस स्परिट को कोविड सेंटर के प्रभारी डॉ रजनीश शर्मा ने पहचाना तो इसके इस्तेमाल का मन बनाया और उन्होंने मोबाइल पर मुकेश के गीतों की सांगीतिक धुनों को संयोजित कर मरीज चेतानन्द की इस प्रतिभा का खुलकर इस्तेमाल किया। चेतानंद के कोविड सेंटर में यह गाने यहां खूब वायरल हो रहे है।


    डॉ रजनीश शर्मा (प्रभारी कोविड सेंटर हमलापुर)  का कहना है कि कोविड सेंटर में चेतानंद गुप्ता नाम के मरीज भर्ती हुए थे वह अच्छे गायक हैं और हमें अपने संगीत से मरीजों को एक अच्छा माहौल दिया वैसे भी म्यूजिकल थेरेपी से मरीजों को फायदा होता है इसके बड़े-बड़े उदाहरण भी हैं.

    चेतानन्द गुप्ता (गायक मरीज)  कहना है कि संगीत के क्षेत्र से लंबे समय से जुड़े हैं कोविड सेंटर में जब गाना गाया तो मरीजों का उत्साह बढ़ गया तो फिर रोज गाने के माध्यम से सभी का मनोरंजन किया जिससे सभी मरीज भी खुश हो गए.

    पंकज (कोविड स्टाफ) का कहना है कि संगीत से कोविड सेंटर का माहौल बदल जाता था और मरीज भी खुश होते थे माहौल चेंज होने से उनको बीमारी का टेंशन कम हो जाता था गुप्ता की छुट्टी होने पर दूसरे मरीजों ने रोकने उन्हें की कोशिश भी की.


    बैतुल से शशांक सोनकपुरिया की खास रिपोर्ट...

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