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    अयोध्या -6 दिसंबर, 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सीबीआई की अदालत 27 साल बाद सुनाएगी अपना फैसला

    अयोध्या - 6 दिसंबर, 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सीबीआई की अदालत 27 साल बाद सुनाएगी अपना फैसला

    (49 में से 17 आरोपियों की हो चुकी है मृत्यु, विचारण के दौरान पेश किए गए 354 गवाह)

    अयोध्या। 

    लम्बे  समय से चल रहे न्यायिक प्रक्रिया को पूरा करने के बाद अब  श्री राम का मंदिर अयोध्या में  सुप्रीम कोर्ट के आदेश  के अनुपालन में  बन रहा है।  किंतु मंदिर  विवादित ढांचा  विध्वंस मामले में  केस अभी तक चल रहा है। जिसका फैसला  30 सितंबर को होना है।  इस मामले में  कुल  49  आरोपी  थे।  जिसमें से 17 की मौत हो चुकी है। आम लोगों का अनुमान है कि जब मंदिर मस्जिद का प्रकरण समाप्त हो गया और पक्षकार सहमत हैं तो अब यह भी मुकदमा समाप्त हो जाना चाहिए. बाबरी मस्जिद  के पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी कहा है कि मुकदमे को अब समाप्त हो जाना चाहिए। 


    अयोध्या में छह दिसंबर, 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सीबीआई की अदालत 27 साल बाद फैसला सुनाएगी। तब इस मामले में कुल 50 एफआइआर दर्ज हुई थी। तीन जांच एजेंसियों ने मिलकर इसकी विवेचना की। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश  30 सितंबर को विवादित ढांचा विध्वंस मामले में फैसला सुनाएंगे। सीबीआइ ने कई चरणों में आरोपपत्र दाखिल कर अभियोजन पक्ष को साबित करने के लिए 994 गवाहों की सूची अदालत में दाखिल की। इसमें विचारण के दौरान 354 गवाह पेश किए गए। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश  ने फैसले के दिन सभी आरोपितों को अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। विवादित ढांचा विध्वंस केस में पूर्व उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व राज्यपाल और यूपी के सीएम रहे कल्याण सिंह, भाजपा नेता विनय कटियार, पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश की सीएम रहीं उमा भारतीआदि आरोपी हैं। सीबीआई ने इस मामले में 49 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी, जिसमें से 17 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी इस समय विशेष अदालत में 32 आरोपितों के विरुद्ध विचारण हो रहा है, जबकि 17 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है।  अदालत ने बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद एक सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जो तीस सितम्बर  को सुनाया जायेगा।   

    अयोध्या में छह दिसंबर, 1992 में विवादित ढांचा विध्वंस मामले में सीबीआई की अदालत 27 साल बाद फैसला सुनाएगी। तब इस मामले में कुल 50 एफआइआर दर्ज हुई थी। तीन जांच एजेंसियों ने मिलकर इसकी विवेचना किया है। सीबीआइ ने कई चरणों में आरोपपत्र दाखिल कर अभियोजन पक्ष को साबित करने के लिए 994 गवाहों की सूची अदालत में दाखिल की। इसमें विचारण के दौरान 354 गवाह पेश किए है। 

    इस मामले में चर्चा का माहौल चल रहा है। हार्ट, बाजारों में दुकानों पर, अयोध्या में, यह चर्चा तेजी से चल रही है कि 30 सितंबर को फैसला आना है। आरोपियों का भविष्य न्यायालय पर निर्भर करता है। यह भी चर्चा चल रही है कि जब मंदिर मस्जिद का केस खत्म हो गया है। देश की सबसे बडी न्यायालय का फैसला आ गया है। पक्षकार सहमत है। मंदिर बन रहा है। मस्जिद भी पच्चीस किलोमीटर दूर बनने जा रही है। ऐसे में अब कोई विवाद नहीं है तो आरोपियों को भी मुक्त कर देना चाहिए। किंतु यह न्यायिक प्रक्रिया है, और न्यायालय गुण-दोष के आधार पर, साक्ष्य के आधार पर अपना फैसला सुनाएगी।

    देव बक्श वर्मा
    आई एन ए न्यूज़ अयोध्या - उत्तर प्रदेश

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