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    दो महिलाओ के बीच छिड़ी रार से खून खराबे की संभावना

    दो महिलाओ के बीच छिड़ी रार से खून खराबे की संभावना

    सीतापुर.
    बिसवां कांशीराम आवासीय कालोनी में दो महिलाओ में आपसी वर्चस्व को लेकर छिड़ी रार थमने का नाम नही ले रही है।जिसका खामियाजा वहां आवास पाए गरीबों को भुगतना पड़ रहा है।दोनों महिलाओ को स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई आवास आवंटन नही हुआ है। अवैध रूप से काबिज दोनों परिवारो के बीच आरोप प्रत्यारोप प्रतिदिन का सगल बनता जा रहा है।
    बता दे, बाबा मंसाराम मंदिर के बगल में बनी कांशीराम कालोनी का निर्माण वर्ष 2010 में उस समय तत्कालीन सरकार द्वारा कुल 156 आवासों का निर्माण कराया गया था।इन आवासों को कमजोर परिवारो व छत विहीन परिवारो में शासन की गाइड लाइन के अनुसार आवंटित होना था।वर्ष 2017 व 2018 में तत्कालीन उपजिलाधिकारी दीपेंदर यादव के समय मे उक्त आवासों की पात्रों में आवंटन की प्रक्रिया शुरू हुई,शासनादेश के अनुसार नगर पालिका परिषद बिसवां ने पात्र लाभार्थियों से प्रपत्र जमा कराये।पात्र लाभार्थियों द्वारा जमा किये गए आवेदन की जांच कर नगर पालिका द्वारा सूची सहित आवेदन तहसील प्रशासन के सुपुर्द में दिये ,पुनः तहसील प्रशासन द्वारा अपने स्तर से जांच कराई गई।जांच में पात्र पाए गए आवेदनों के लाभार्थियों को पात्रता स्लिप भी लाभार्थियों को तहसील सभागार में लाभार्थियों को बुलाकर सौपी गई।

    इस प्रक्रिया के बाद ही शासन द्वारा उपजिलाधिकारी दीपेंदर यादव का गैर जनपद तबादला हो गया जिससे गरीबो को मिलने वाले आवासों पर ग्रहण लग गया।लाभार्थियों द्वारा तहलील व नगर पालिका के खूब चक्कर लाभार्थियों ने लगाए।गरीबो ,महिलाओ ,मजदूरों के सवाल पर काम कर रहे संगठन नागरिक अधिकार संगठन ने हुई प्रक्रिया व गरीबो की समस्या के सवाल को अपर जिला अधिकारी के समक्ष रखा उनके आदेश पर दीपेंदर यादव की जगह आये अतुल प्रकाश श्रीवास्तव ने एक बार पुनः आवंटन प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ।उन्ही के समय मे तहसील सभागार में वर्ष 2018 में 99 लाभार्थियों को आवास का आवंटन पत्र मा0 महेंद्र प्रताप सिंह यादव ,विधायक विसवां की अध्यक्षता में तहसील व नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा दिया गया था।शेष बचे आवासों में अपात्रों ने स्वयं ताला तोड़कर काबिज हो गये।आहिस्ता आहिस्ता दो वर्ष से अधिक समय होने को है तब से नगर पालिका प्रशासन बिसवां द्वारा आवंटन कराने की हिम्मत नही जुटा सका ।जिससे अब अवैध रूप से काबिज व्यक्तियों द्वारा आवास पाए लाभार्थियों को परेशान करना शुरू किया ।समय समय पर शिकायतों भी होती रही लेकिन नतीजा सिफर रहा।जिसका परिणाम यह है कि वर्तमान समय मे दो रसूख दार महिलाओ के मध्य कालोनी परिसर जंग का अखाड़ा बनता जा रहा है ।सूत्रों की माने दोनों एक दूसरे को पटखनी देखने को आतुर दिख रही है।आवासीय परिसर में आपसी वर्चस्व को लेकर चल रही रसाकसी से परेशान होकर रामचंद्र पुत्र गजोधर ने हिम्मत दिखाकर अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद बिसवां को आवेदन देकर अवैध कब्जेदारों की शिकायत कर हालातो से अवगत कराया ।जिस पर अधिशाषी अधिकारी देवेंद्र श्रीवास्तव द्वारा अवर अभियंता व अन्य कर्मचारियों द्वारा जांच में शिकायत सही पाई गई ।नगर पालिका प्रशासन द्वारा अवैध रूप से कब्जा जमाए लोगो को तीन दिवस में कब्जा छोड़ने का नोटिस कांशीराम कालोनी परिसर में चस्पा की गई थी।लेकिन अवैध रूप से काबिज रसूखदारों पर किसी तरह का असर होता नही दिख रहा है।खबर लिखे जाने तक अवैध रूप से काबिज लोग ने कब्जा नही छोड़ा था।जिससे आवंटित लाभार्थियों में दहशत देखने को मिल रही है ।वही नगर पालिका प्रशासन पर भी सवालिया निशान भी उठ रहे है।फिलहाल कुछ भी हो अवैध कब्जेदार पर नगर पालिका द्वारा दी गई तीन दिन की मोहलत व रिपोर्ट दर्ज कराने की दी गई धमकी असर होता नही दिख रहा है अगला कदम नगर पालिका प्रशासन क्या होगा देखने वाली बात होगी।
        उक्त के संबंध में जब देवेंद्र श्रीवास्तव अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद बिसवां से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं आज ही जेई को भेजकर दिखवाता हूँ।कि आखिर अवैध कब्जेदार जो काबिज है आखिर क्यों नही खाली कर रहे है।

    शरद कपूर / हरी शंकर गुप्ता
           सीतापुर

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