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    कैसे होगी किसानों की आमदनी दोगुनी, जब किसान के खेत की मिट्टी का मृदा परीक्षण ही नहीं होगा, उर्वरक नहीं मिलेगी तो कैसे बढ़ेगी आमदनी

    कैसे होगी किसानों की आमदनी दोगुनी, जब किसान के खेत की मिट्टी का मृदा परीक्षण ही नहीं होगा, उर्वरक नहीं मिलेगी तो कैसे बढ़ेगी आमदनी

    एक तरफ किसानों के खाद का किल्लत,  दूसरी तरफ किसानों के खेत की मिट्टी की जांच नहीं हुई

    अयोध्या।
    सरकार का पूरा प्रयास है की किसानों की आमदनी दुगनी किया जाए । किंतु सबसे बड़ी समस्या यह है की कथनी और करनी के अंतर को मिटाना होगा। सरकार कहती है  की खेत की मिट्टी की जांच यानी मृदा परीक्षण कराया जाए। और वाजिब है ,जब तक मृदा परीक्षण नहीं हो जाता, तब तक किसान किस अनुपात में उर्वरक डालें। इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। किंतु एक  साल से ज्यादा का समय बीत गया, ना तो किसी किसान के खेत से मिट्टी का नमूना लिया गया, और न ही जांच हुई है। मुर्दा परीक्षण  की मशीनें पड़ी बर्बाद हो रही है। वहीं दूसरी तरफ किसानों को उर्वरक के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। जिस भी दुकान पर जाते हैं, स्टाक नील मिलता है। उर्वरक के लिए पूरे जनपद में हाहाकार मचा है। आखिर किसान क्या करें ?

    जब जब उर्वरक की कमी होती है तब तब कालाबाजारी चरम पर पहुंच जाती है। जिसमें न किसान का दोष और ना ही दुकानदार का बल्कि प्रोडक्शन कम होने के कारण यह समस्या अक्सर आती रहती है।
     किसान सेवा साधन सहकारी समिति परिसर में एक बार फिर किसानों की लंबी कतारें लगीं। किसान यूरिया खाद  लेने के लिए  सुबह ही कतार में आ खड़े हुए।किसानों की अपनी बारी आने के इंतजार में घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा।

           इस समय फसलों में यूरिया खाद छोड़ने के दुकान दुकान तलाश रहे एकाएक खाद की दुकानों से यूरिया खाद गायब होने से किसानों के सामने किल्लत आ पड़ी। वर्तमान समय में यूरिया खाद की अत्यंत आवश्यकता है।
          किसानों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि का किसानों की समस्या की तरफ ध्यान नहींं है। किसान लगातार खाद पाने के लिए सहकारी समिति के चक्कर काट रहे हैं, मगर कोई सुनने वाला नही है।
    यूरिया खाद की कालाबाजारी को लेकर  लगातार छापेमारी जारी है।
     किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या यूरिया खाद को लेकर हो गई है जहां पर शासन व प्रशासन खाद उपलब्ध कराने में नाकामयाब हो गए है।
    मौजूदा समय में न तो किसी समिति पर यूरिया खाद उपलब्ध हैं और न किसी निजी दुकान पर है ऐसे में किसान परेशान नजर आ रहे हैं। किसानों की समस्याओं को देखते हुए  उपजिलाधिकारी  ने  कई दुकानों का निरीक्षण किया।
    एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण में रूदौली क्षेत्र की अंकुर खाद भंडार खैरनपुर का यूरिया का स्टॉक निल पाया गया।आरके खाद भंडार भेलसर चौराहा का खाद भंडार का उपलब्ध स्टॉक निल रहा,रामदास एंड ब्रदर्स खाद भंडार शुजागंज स्टॉक निल पाया गया।अजय खाद भंडार शुजागंज के स्टॉक में यूरिया निल पाई गई।बताया कि निजी खाद की दुकानों पर अचानक छापेमारी की गई।खाद की दुकानों के स्टॉक रजिस्टर को चेक किया कि यूरिया खाद कब आई और कितने की किसानों को दी गई।
     निजी खाद की दुकानों पर निरीक्षण कर बताया कि यूरिया की बिक्री सुबह शाम में अधिक मूल्य पर किसानों को बेची जाती हैं इस शिकायत पर जब छापेमारी हुई तो जायसवाल खाद भंडार रानीमऊ के यहां  मिलने पर उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया बाकी की दो दुकाने बंद मिली और दो खुली पाई गई।

     देव बक्श वर्मा 
    आई एन ए न्यूज़ 
    अयोध्या उत्तर प्रदेश

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