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    अयोध्या : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी निर्धारित समय से अयोध्या पहुंचकर हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन किया

    अयोध्या : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  निर्धारित समय से अयोध्या पहुंचकर  हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन किया
    अयोध्या पहुँचतें ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
    हनुमान जी का आशीर्वाद लेकर  जन्मभूमि  पहुंचे

    श्री राम मंदिर निर्माण भूमि पूजन, शिला पूजन किया   पारिजात का वृक्ष लगाया

    जय सियाराम की गूंज अयोध्या में ही नहीं पूरी दुनिया में सुनाई पड़ रही है :प्रधानमंत्री

    हनुमान गढ़ी पहुँचकर कर की आरती
    अयोध्या। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारम्परिक परिधान में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन करने पहुंचे अयोध्या ।  उन पर सुनहरे रंग का कुर्ता और सफेद धोती खूब फब रही थी। अयोध्या पहुंचते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शंखनाद और जय श्रीराम के नारों से स्वागत किया गया। वह हनुमानगढ़ी गये और रामभक्त हनुमान जी के दर्शन किये। 

    मंदिर की परिक्रमा करते प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री
    मंदिर की परिक्रमा भी की। हनुमानगढ़ी पर परंपरागत प्रधानमंत्री को साफा भेंट किया गया हनुमान जी का आशीर्वाद लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला के दरबार में पहुंचे रामलला के दरबार में  पहुंचते ही उन्होंने भगवान श्रीराम को साष्टांग दंडवत किया। इस बीच वैदिक मंत्रोचारण और आशीष वचन पढ़े जा रहे थे। 

    कोरोना खौफ के चलते न तो प्रधानमंत्री को चंदन लगा और न ही पवित्र नदियों के जल से आचमन कराया गया। तत्पश्चात प्रधानमंत्री ने पारिजात वृक्ष रोपण किया उसके बाद भूमि पूजन शुरू हो गया घूम पूजन में प्रधानमंत्री के साथ मोहन भागवत आरएसएस प्रमुख आनंदीबेन पटेल राज्यपाल उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश महंत नृत्य गोपाल दास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने भूमि पूजन किया.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभिजीत मुहूर्त में 12 बजकर 44 मिनट आठ सेकेंड पर अभिजीत मुहूर्त में भूमि पूजन  वासिला पूजन किया। इससे पहले प्रधानमंत्री तय समय पर हेलीकॉप्टर से अयोध्या पहुंचे। साकेत महाविद्यालय से लेकर हनुमानगढ़ी तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर पल उनके साथ नजर आयेराजाराम के जयकारे के साथ भूमि पूजन प्रारंभ, प्रभु राम की कुल देवी की स्तुति  प्रधान शिला के पूजन के पश्चात अष्ट उप शिला का पूजन किया गया। इसके पश्चात प्रभु श्रीराम की कुलदेवी के पूजन के साथ ही सभी देवियों का पूजन किया गया। 

    प्रधानमंत्री को हनुमान गढ़ी में पहनाई गई पगड़ी।
    स्थल पर रामलला विराजमान थे उसी स्थल पर शिलाओं का पूजन किया  गया। 12 बजकर 40 मिनट 08 सेकेंड तक अभिजीत मुहूर्त है, इस मुहूर्त के अंदर ही संपूर्ण भूमि पूजन प्रक्रिया को संपादित किया  गया बाबा भैरवनाथ का स्मरण कर भूमि पूजन की ली गई अनुमति। इसी के साथ नौ शिलाओं का पूजन प्रारंभ हुआ।यजमान के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी को संकल्प दिलाया गया।

    प्रधानमंत्री पूर्व की दिशा में मुख कर पूजन में शामिल हुए  । भगवान श्री गणेश की स्तुति के साथ प्रधानमंत्री ने आचमन किया। इस दौरान सभी देवताओं का ध्यान किया गया। पांच सौ वर्षों बाद इस शुभ घड़ी के लिए धन्यवाद किया गया।पूरा हुआ इंतजार पीएम मोदी ने अयोध्या में रखी गई श्री राममंदिर की नींव, 48 मिनट तक हुई पूजा

    अयोध्या में भव्य राम मंदिर के सपना आज सच हो गया।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विधि विधान के साथ मंदिर की नींव रखी।

    हनुमान गढ़ी में पारिजात वृक्ष को रोपित  किया
    पीएम मोदी ने अपने ऐतिहासिक दौरे की शुरूआत हनुमानगढी के दर्शन कर की जिसके बाद उन्होने श्रीरामजन्मभूमि पर विराजमान रामलला के दर्शन किए और आरती उतारी। प्रधानमंत्री मोदी भारतीय पारंपरिक पोशाक हल्के पीले रंग का कुर्ता, सफेद धोती और भगवा रंग के गमझे में थे। काशी के प्रकांड तीन विद्धानों ने भूमि पूजन का अनुष्ठान  कराया। पीएम मोदी को यजमान के तौर पर संकल्प दिलाया गया और गणेश पूजन के साथ भूमि पूजन का कार्यक्रम हुआ 

    इस मौके पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक प्रमुख मोहन भागवत मौजूद थे। पुरोहितों ने प्रधानमंत्री से विधिवत पूजा अर्चना कराई। इस दौरान चांदी की नौ शिलाओं का पूजन किया गया। करीब 12 बजे शुरू हुआ भूमि पूजन कार्यक्रम करीब 48 मिनट चला। अभिजीत मुहुर्त में भूमि पूजन और शिला पूजन सम्पन्न होने के बाद श्री मोदी ने साक्षात दंडवत कर देश की तरक्की और कोरोना के नाश का वरदान प्रभु श्रीराम से मांगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद हर हर महादेव,जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाये गए।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम जन्मभूमि पर पहुंचकर रामलला को दंडवत होकर किया चरण वंदन।
    प्रधानमंत्री ने कोरोना संक्रमण के लिये तय गाइडलाइन का पूरा पालन किया। वह मास्क लगाये हुये थे । उनका स्वागत करने वाले दो मीटर की दूरी पर बनाये गये  थे।

    कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क पर सन्नाटा था लेकिन छतों पर खड़े लोग हाथ हिलाकर अपने प्रधानमंत्री का स्वागत कर रहे थे। पीएम मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री है जो श्रीरामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन किया। पीएम  मोदी इससे पहले वर्ष 1991 में आये थे ।

    पीएम मोदी रामभक्त हनुमान का दर्शन पूजन कर उनसे भूमि पूजन की अनुमति मांगी।  जहां  उन्होंने विधिवत रामलला विराजमान का दर्शन पूजन किया। दर्शन पूजन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से अपने संबोधन में जय सिया राम के उद्घोष के साथ सबका अभिवादन किया और कहा कि सिया राम की गुण अयोध्या में ही नहीं पूरी दुनिया में सुनाई पड़ रही है उन्होंने कहा कि भगवान हमारे आराध्य हैं और अब तक टेंट में थे.

    श्रीराम चंद्र जी की आरती करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद मोदी
    अब उनका भव्य मंदिर बनेगा राम मंदिर के लिए कई सदियों कई पीढ़ियों ने अखंड प्रयास किया उसी के संकल्प का प्रतीक है संघर्ष और संकल्प से आज यह सपना साकार हो रहा है हनुमान जी के आशीर्वाद से श्री राम मंदिर निर्माण भूमि पूजन का कार्य यह मंदिर आगे आने वाली पीढ़ियों को आस्था श्रद्धा संकल्प का मार्गदर्शन करेगा और अयोध्या में हर क्षेत्र में नए अवसर बढ़ेंगे पूरी दुनिया के लोग यहां प्रभु राम माता जानकी का दर्शन करने आएंगे राम मंदिर राष्ट्र को जोड़ने का काम करेगा नर को नारायण से वर्तमान को अतीत से जोड़ने का काम करेगा करोड़ों राम भक्तों के लिए अनुकरणीय होगा भूम पूजन अनेक मर्यादाओं के बीच हुआ न्यायालय का आदेश आने पर सभी ने सबके भावना का मर्यादा को देखते हुए व्यवहार किया.

    जिस प्रकार राम राम लिखकर शिला पर रामसेतु का निर्माण हुआ था उसी प्रकार घर घर से आई शीला से राम मंदिर बनेगा राम हर जगह है राम सबके हैं राम हमारी संस्कृत के आधार है जीवन के हर जगह राम की प्रेरणा मिलती है राम अनेकता में एकता के सूत्र हैं अयोध्या को अर्थ तंत्र मजबूत होगा भगवान राम भारत के मर्यादा है भारत की आस्था में राम है राम ने कर्तव्य पालन की सीख दिया है हमको भी उनके आदर्शों से सीख लेकर अपने जीवन में उतारना होगा पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बने आज भारत राममय है, पूरे विश्व के रामभक्त रोमांचित और भावुकहै।

    राम जन्मभूमि पर प्रधानमंत्री भूमि पूजन की पूअज करते हुए।
    नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम आगे बढ़ेंगे देश आगे बढ़ेगा। भगवान राम का यह मंदिर युगो-युगो तक मानवता को प्रेरणा देता रहेगा। मार्गदर्शन करता रहेगा। वैसे कोरोना की वजह से जिस तरह के हालात हैं। प्रभु राम का मर्यादा का मार्ग और अधिक आवश्यक है। वर्तमान की मर्यादा है दो गज की दूरी मास्क है जरूरी। मर्यादाओं का पालन करते हुए सभी देशवासियों को प्रभु राम और माता जानकी स्वस्थ रखें, सुखी रखे यही प्रार्थना है। सभी देशवासियों पर माता सीता और श्रीराम का आशीर्वाद बना रहे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वयं प्रभु श्रीराम राम समय स्थान और परिस्थितियों के हिसाब से बोलते हैं सोचते हैं करते भी हैं। राम हमें समय के साथ बढ़ना सिखाते हैं, समय के साथ चलना सिखाते हैं। राम परिवर्तन के पक्षधर हैं। राम आधुनिकता के पक्षधर रहा है। श्रीराम के आदर्शों के साथ भारत आगे बढ़ रहा है। प्रभु श्रीराम ने हमें कर्तव्य पालन की सीख दी है अपने कर्तव्यों को कैसे निभाए इसकी सीख दी है।

    राम जन्मभूमि का शिला न्यास करते हुए प्रधानमंत्री मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोई भी दुखी ना हो, कोई भी गरीब ना हो, नर नारी सभी समान रूप से सुखी हों, श्रीराम का निर्देश है किसान पशुपालक सभी हमेशा खुश रहें, श्रीराम का आदेश है बुजुर्गों की बच्चों की चिकित्सकों की सदैव रक्षा होनी चाहिए। श्रीराम का आह्वान है जो शरण में आए उसकी रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। श्रीराम का संदेश है अपनी मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है।

    यह भी श्री राम की नीति है भय बिन होय न प्रीति। हमारा देश जितना ताकतवर होगा उतनी ही शांति ही बनी रहेगी। राम की यही नीति यही रीति सदियों से भारत का मार्गदर्शन करती रही है। महात्मा गांधी ने इन्हीं मंत्रों के आलोक में रामराज्य का सपना देखा था राम का जीवन उनका चरित्र ही गांधी जी के राम राज्य का रास्ता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केवट से लेकर वनवासी बंधुओ को भगवान राम की विजय का माध्यम बना। जिस तरह दलितों पिछड़ों आदिवासियों समाज के हर वर्ग ने आजादी की लड़ाई में गांधी जी को सहयोग दिया, उसी तरह आज देशभर के लोगों के सहयोग से राम मंदिर निर्माण का यह पुण्य कार्य प्रारंभ हुआ है। देश भर से लाई गई मिट्टी व जल यहां की अमोघ शक्ति बन गई।

    सभी जनमानस को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
    उन्होंने कहा कि जैसे पत्थरों पर श्री राम लिख कर रामसेतु बनाया गया वैसे ही घर घर से गांव गांव से श्रद्धा पूर्वक वहां से लाए यहां ऊर्जा का स्रोत बन गई हैं। देशभर के धामों औरलाई गई मिट्टी और नदियों का पवित्र जल संस्कृतिय यहां की अमोघ शक्ति बन गई हैं, वाकई यह ना भूतो ना भविष्यति है। मुझे विश्वास है कि श्री राम के नाम की तरह ही अयोध्या में बनने वाला भव्य राम मंदिर भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का देव तक होगा। अनंत काल तक पूरी मानवता को प्रेरणा देगा।

    आज का यह ऐतिहासिक पल युगों युगों तक दिग दिगंत तक भारत की कीर्ति पताका लहरा रहेगी। आज का यह दिन करोड़ों राम भक्तों के संकल्प के सत्यता का प्रमाण है। आज का यह दिन सत्य अहिंसा आस्था और बलिदान को न्याय प्रिय भारत की एक अनुपम भेंट है। भूमि पूजन का यह कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है। श्रीराम के काम में मर्यादा का जैसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए देश में वैसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। किसी मर्यादा का अनुभव हमने तब भी किया था, जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। हमने तब भी देखा था कैसे सभी देशवासियों ने शांति के साथ सभी की भावनाओं का ध्यान रखते हुए व्यवहार किया था। आज भी हम हर तरफ वही मर्यादा दे रहे हैं। इस मंदिर के साथ सिर्फ नया इतिहास ही नहीं रचा जा रहा है, इतिहास खुद को दोहरा भी रहा है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रीराम हमारी आस्था का प्रतीक बनेगा। हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और यह मंदिर करोड़ों करोड़ों लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा। यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों को आस्था श्रद्धा और संकल्प की प्रेरणा देता रहेगा। इस मंदिर के बनने के बाद अयोध्या की सिर्फ भव्यता ही नहीं बढ़ेगी, इस क्षेत्र का पूरा अर्थ तंत्र भी बदल जाएगा। यहां हर क्षेत्र में नए अवसर बनेंगे। हर क्षेत्र में अवसर बढ़ेंगे। सोचिए पूरी दुनिया से लोग यहां आएंगे। पूरी दुनिया प्रभु राम और माता जानकी का दर्शन करने आएगी। 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि  भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए इमारतें नष्ट हो गईं, क्या कुछ नहीं हुआ, अस्तित्व मिटाने का हर कोई प्रयास हुआ। लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं। राम संस्कृति के आधार हैं। भारत की मर्यादा हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। इसी आलोक में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर श्री राम के भव्य और दिव्य मंदिर के लिए आज भूमि पूजन हुआ है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे स्वतंत्रता आंदोलन के समय कई कई पीढ़ियों ने अपना सब कुछ समर्पित कर दिया था। गुलामी के कालखंड में कोई ऐसा समय नहीं था जब आजादी के लिए आजा आंदोलन ना चला हो देश का कोई भूभाग ऐसा नहीं था जहां आजादी के लिए बलिदान ना दिया गया हो। स्वतंत्रता की कि उस उत्कट इच्छा भावना का प्रतीक है ठीक उसी तरह राम मंदिर के लिए कई कई सदियों तक कई कई पीढ़ियों ने अखंड अविरत एक निष्ठा प्रयास किया। त्याग बलिदान और संघर्षों से आज यह सपना साकार हो रहा है। मैं उन सब लोगों को 130 करोड़ देश वासियों की तरफ से सर झुका कर के नमन करता हूं, उनका अभिनंदन ।

    वर्षों से टाट में रहे हमारे राम लला के लिए भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  राम काज कीने बिन मोहि कहां विश्राम। भारत आज भगवान भास्कर के सामने सरयू किनारे एक नया अध्याय रच रहा है। आज पूरा भारत राममय है। हर मन दीप मय है। पूरा देश रोमांचित है हरमन दीप में है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है। आज पूरा भारत भावुक। सदियों का इंतजार आज समाप्त। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने डाक टिकट का भी विमोचन किया। 

     देव बक्श वर्मा 
    आई एन ए न्यूज़
     अयोध्या उत्तर प्रदेश

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